{"_id":"5b5e27914f1c1b4d748b7a94","slug":"51532897169-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"175 आजमीनों ने रखा मदीने की सरजमीं पर कदम-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
175 आजमीनों ने रखा मदीने की सरजमीं पर कदम-City
Updated Mon, 30 Jul 2018 06:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
175 श्रद्धालुओं ने रखा मदीने की सरजमीं पर कदम
झांसी। हज यात्रा पर गए जिले के 175 श्रद्धालुओं ने रविवार को मदीने की सरजमीं पर कदम रखा। फ्लाइट से सभी आजमीन (श्रद्धालु) मक्का पहुंच गए। इसके बाद से हज के अरकान शुरू होंगे।
हज के मुकद्दस सफर पर जाने वाले आजमीनों की रवानगी हुई। रविवार को 175 आजमीनों ने मदीने की सरजमीं पर कदम रखा तो आंसू छलक गए, मगर यह आंसू खुशी के थे। आजमीनों ने सजदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। अब आजमीन सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का और उसके आसपास स्थित अलग-अलग जगहों पर इबादत करेंगे। सभी आजमीन मदीना मुनव्वरा में 40 नमाजें अदा करने के बाद मक्का शरीफ के लिए रवाना हुए। वहां शैतान को कंकरियां मारने की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद सफा-मरवाह पर सई की रस्म अदा करेंगे। इसके पहले सभी आजमीनों को हज अरकान के तौर- तरीके बजाए गए। शनिवार की रात को आखिरी फ्लाइट ने लखनऊ से उड़ान भरी थी।
पहली बार उपलब्ध कराई गई मेडिकल बुकलेट
हज यात्रा के दौरान बीमार होने पर मेडिकल बुकलेट हाजियों के लिए मददगार साबित होगी। पहली बार हज यात्रियों को मेडिकल बुकलेट उपलब्ध कराई गई है, जिसमें यात्री की हर बीमारी दर्ज होगी। यात्रा के दौरान बीमार होने पर वहां के चिकित्सक आसानी से उपचार कर सकेंगे। इस बुकलेट को यात्रा पर ले जाना यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया। इससे पहले हाजियों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर ले जाना होता था। यात्रा के दौरान बीमार होने पर यात्रियों को वहां के चिकित्सक को उपचार देने में दिक्कत न आए, इसलिए यात्री को मेडिकल बुकलेट ले जाना अनिवार्य किया गया।
विज्ञापन
हज गाइड से होगी आसानी
हज यात्रियों को हज से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए हज गाइड उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें हज के तमाम अरकान, हज कैसे करें, किन-किन चीजों का ध्यान रखें, कुछ गलती हो जाने पर उसे कैसे सुधारे, मक्का और मदीना का पूरा नक्शा भी हज गाइड में दिया गया है, ताकि वहां जाने पर हाजियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
झांसी। हज यात्रा पर गए जिले के 175 श्रद्धालुओं ने रविवार को मदीने की सरजमीं पर कदम रखा। फ्लाइट से सभी आजमीन (श्रद्धालु) मक्का पहुंच गए। इसके बाद से हज के अरकान शुरू होंगे।
हज के मुकद्दस सफर पर जाने वाले आजमीनों की रवानगी हुई। रविवार को 175 आजमीनों ने मदीने की सरजमीं पर कदम रखा तो आंसू छलक गए, मगर यह आंसू खुशी के थे। आजमीनों ने सजदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। अब आजमीन सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का और उसके आसपास स्थित अलग-अलग जगहों पर इबादत करेंगे। सभी आजमीन मदीना मुनव्वरा में 40 नमाजें अदा करने के बाद मक्का शरीफ के लिए रवाना हुए। वहां शैतान को कंकरियां मारने की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद सफा-मरवाह पर सई की रस्म अदा करेंगे। इसके पहले सभी आजमीनों को हज अरकान के तौर- तरीके बजाए गए। शनिवार की रात को आखिरी फ्लाइट ने लखनऊ से उड़ान भरी थी।
विज्ञापन
पहली बार उपलब्ध कराई गई मेडिकल बुकलेट
हज यात्रा के दौरान बीमार होने पर मेडिकल बुकलेट हाजियों के लिए मददगार साबित होगी। पहली बार हज यात्रियों को मेडिकल बुकलेट उपलब्ध कराई गई है, जिसमें यात्री की हर बीमारी दर्ज होगी। यात्रा के दौरान बीमार होने पर वहां के चिकित्सक आसानी से उपचार कर सकेंगे। इस बुकलेट को यात्रा पर ले जाना यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया। इससे पहले हाजियों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर ले जाना होता था। यात्रा के दौरान बीमार होने पर यात्रियों को वहां के चिकित्सक को उपचार देने में दिक्कत न आए, इसलिए यात्री को मेडिकल बुकलेट ले जाना अनिवार्य किया गया।
विज्ञापन
हज गाइड से होगी आसानी
हज यात्रियों को हज से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए हज गाइड उपलब्ध कराए गए हैं। जिसमें हज के तमाम अरकान, हज कैसे करें, किन-किन चीजों का ध्यान रखें, कुछ गलती हो जाने पर उसे कैसे सुधारे, मक्का और मदीना का पूरा नक्शा भी हज गाइड में दिया गया है, ताकि वहां जाने पर हाजियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े।