फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   बीआईईटी के छात्रावासों में पानी के लिए मारामारी -City

बीआईईटी के छात्रावासों में पानी के लिए मारामारी -City

Thu, 03 May 2018 04:44 AM IST
Updated Thu, 03 May 2018 04:44 AM IST
विज्ञापन
बीआईईटी के छात्रावासों में पानी के लिए मारामारी -City
फोटो...
विज्ञापन

बीआईईटी के छात्रावासों में पानी के लिए मारमारी
- सुबह आठ बजे ही खाली हो जाती है टंकी
- टैंकर के पानी से नहाते, कपड़े धोते हैं छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संस्थान (बीआईईटी) के छात्रावासों में पानी के लिए मारामारी मची है। सुबह आठ बजे से ही टंकी खाली हो जाती है। इसके बाद छात्रों को टैंकर के भरोसे रहना पड़ता है। कपड़े धोने, नहाने समेत अन्य कार्य टैंकर के पानी से ही करते हैं। ये हाल प्रदेश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज का है।
गर्मी की शुरूआत होने के बाद से कोछाभांवर स्थित बीआईईटी के हॉस्टलों में जबरदस्त पानी का संकट है। यहां तक की पीने के पानी की किल्लत है। छात्रावास में रहने वाले छात्रों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने मौके पर जाकर पड़ताल की तो विद्यार्थी पानी की भीषण समस्या से जूझते दिखे। दोपहर लगभग डेढ़ बजे जय भारत भवन हॉस्टल के बाहर एक टैंकर खड़ा था। टैंकर के पानी से दो छात्र हाथ-मुंह धो रहे थे जबकि, एक छात्र नहाने के बाद 41 डिग्री तापमान में चिलचिलाती धूप में अपने कपड़े धो रहा था। हॉस्टल के अंदर बाथरूम के नलों में पानी नहीं आ रहा था। कुछ नल की टोटियां भी टूटी हैं। वहीं, वृंदावन छात्रावास के विद्यार्थियों ने बताया कि हॉस्टल में ऊपर आरओ लगा हुआ है लेकिन उसका कनेक्शन हटा दिया गया है। जिससे साफ पानी पीने को नहीं मिलता है। छात्रों ने बताया कि हर गर्मियों में ये समस्या हो जाती है लेकिन संस्थान की तरफ से ठोस समाधान नहीं निकाला जाता है।
विज्ञापन

बॉक्स..
छात्रों ने बताई परेशानी
...............................
सुबह खत्म हो जाता पानी
सुबह आठ बजते-बजते पानी खत्म हो जाता है। इससे बहुत परेशानी होती है। नहाने, कपड़े धोने के लिए टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। - दीपांशु सिंह, छात्र।

बंद पड़ा है आरओ
वृंदावन हॉस्टल में आरओ बंदा पड़ा हुआ है। इसका कनेक्शन हटा दिया गया है, जिससे पीने का साफ पानी भी नसीब नहीं हो पाता है। - नलिन कौशिक, छात्र।

एक महीने से बोरिंग खराब
एक महीने पहले बोरिंग खराब हो गई है। इसके बाद से पानी का संकट काफी बढ़ गया है। टैंकर के पानी के भरोसे रहना पड़ता है। - शैलेश कुमार, छात्र।

नहीं रहती साफ-सफाई
हॉस्टल के बाथरूम में सुबह के बाद पानी नहीं आता है। इससे यहां साफ-सफाई नहीं रहती है। इससे बीमारी फैल की भी संभावना है। - हेमंत कुमार, छात्र।

जनरेटर भी नहीं चलाते
मंगलवार को पूरे दिन हॉस्टल में पानी नहीं आया। पानी की कमी होने पर टंकी भरने के लिए जिम्मेदारों द्वारा जनरेटर भी नहीं चलाया जाता है। - सौरभ त्यागी, छात्र।
विज्ञापन
विज्ञापन





विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed