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कानून व्यवस् था सुधरी, थोड़ी और सुधारने की जरूरत: राम-City
Updated Fri, 10 Nov 2017 06:34 PM IST
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कानून व्यवस्था और सुधारने की जरूरत: राम नाईक
- राज्यपाल बोले, विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी को किया जा रहा दूर
- कौशल विकास को महाविद्यालय के छात्रों तक पहुंचाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब भी मैं कहता था कि मेरी सरकार है। कानून व्यवस्था सुधारने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री से बातचीत करता रहता था। मौजूदा सरकार भी मेरी है। अभी प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। थोड़ी और सुधार की जरूरत है। यह बात उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कही।
शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों पर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी है। इसलिए छात्र-छात्राएं क्लास में नहीं जाते हैं। शिक्षकों को लगता है कि छात्र नहीं हैं, इसलिए वह पढ़ाते नहीं हैं। कुछ माह पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा समेत कई मंत्रियों, अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए विज्ञापन निकालने के निर्देश दिए गए थे। जहां विज्ञापन निकलने से रह गया है, चुनाव बाद यह कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कौशल विकास स्कीम को विश्वविद्यालय के जरिए कॉलेजों के छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने की कार्रवाई चल रही है। स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत कार्यरत शिक्षकों संबंधी सवाल पर राज्यपाल बोले कि एसएफएस कॉलेजों में एक शिक्षक कई जगह काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि एसएफएस शिक्षकों का मानदेय भी कम है। नियमित और एसएफएस शिक्षक, कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन देने के सवाल पर कहा कि इस पर बात करेंगे।
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कानून व्यवस्था और सुधारने की जरूरत: राम नाईक
- राज्यपाल बोले, विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी को किया जा रहा दूर
- कौशल विकास को महाविद्यालय के छात्रों तक पहुंचाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब भी मैं कहता था कि मेरी सरकार है। कानून व्यवस्था सुधारने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री से बातचीत करता रहता था। मौजूदा सरकार भी मेरी है। अभी प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। थोड़ी और सुधार की जरूरत है। यह बात उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कही।
शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों पर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी है। इसलिए छात्र-छात्राएं क्लास में नहीं जाते हैं। शिक्षकों को लगता है कि छात्र नहीं हैं, इसलिए वह पढ़ाते नहीं हैं। कुछ माह पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा समेत कई मंत्रियों, अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए विज्ञापन निकालने के निर्देश दिए गए थे। जहां विज्ञापन निकलने से रह गया है, चुनाव बाद यह कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कौशल विकास स्कीम को विश्वविद्यालय के जरिए कॉलेजों के छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने की कार्रवाई चल रही है। स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत कार्यरत शिक्षकों संबंधी सवाल पर राज्यपाल बोले कि एसएफएस कॉलेजों में एक शिक्षक कई जगह काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि एसएफएस शिक्षकों का मानदेय भी कम है। नियमित और एसएफएस शिक्षक, कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन देने के सवाल पर कहा कि इस पर बात करेंगे।
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