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शहर में 503 अवैध निर्माण, ध्वस्त होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:24 AM IST
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inligle construction
- फोटो : d
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद अब झांसी विकास प्राधिकरण ने भी बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए शॉपिंग कांपलेक्स और आवासीय इलाकों में नियम विरुद्ध बने व्यावसायिक भवनों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को शासन में बैठक के बाद इसकी रणनीति तय हो जाएगी और ध्वस्तीकरण शुरू होगा।
शहर में 503 अवैध निर्माण हैं, यह मकान बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए हैं। इसमें से 143 निर्माण ऐसे होटल, शॉपिंग कांपलेक्स, आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक कांपलेक्स के हैं, जो महायोजना के विपरीत बनाए गए हैं। लैंडयूज (जमीन का उपयोग) बदलकर मनमाने तरीके से आलीशान व्यावसायिक कांपलेक्स और होटल बना लिए गए हैं। ऐसा नहीं है कि इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश न दिए गए हों, लेकिन इधर से आदेश गया और उधर से कोई न कोई समस्या बताकर उसको टाल दिया गया। मुख्यमंत्री ने ऐसे अवैध निर्माणों पर कड़ा ऐतराज जताया है। झांसी विकास प्राधिकरण भी अवैध निर्माणों की फाइल तैयार करने में जुट गया है।
शनिवार को राज्यमंत्री सुरेश पासी शासन में प्राधिकरणों की प्रगति रिपोर्ट देखेंगे तथा विभाग का प्रजेंटेशन भी होगा। इसको लेकर जेडीए के अफसर दिन भर फाइल तैयार करने में जुटे रहे। दरअसल, शासन में समीक्षा का स्वरूप बदल गया है। पहले सभी प्राधिकरणों के अफसरों कोे एक साथ बैठाकर रिपोर्ट ली जाती थी, लेकिन अब अलग- अलग प्राधिकरणों की बैठक अलग- अलग होगी और सभी प्राधिकरणों से आने वाले समय में शहर के विकास के लिए क्या प्लान तैयार किया गया है, इसकी जानकारी मांगी जाएगी। इसी बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि अवैध निर्माण पर कब से बुलडोजर चलाया जाएगा।
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आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां
सिविल लाइन क्षेत्र आवासीय है। इसमें बिना नक्शा स्वीकृत कराए ऐसे कांपलेक्स बने हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। नक्शा स्वीकृत नहीं होने के बाद भी मनमाने तरीके से निर्माण करा लिया था। अब ऐसे कांपलेक्स पर कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं चर्चित अवैध निर्माण
- इलाइट चौराहा के पास स्थित एक चर्चित कांपलेक्स आवासीय आबादी में बना है। इसके अलावा कांपलेक्स के आसपास होटल बने हैं। इनमें बेसमेंट बनाए गए हैं, जबकि नियमानुसार यह नहीं बनाए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, इनका नक्शा भी स्वीकृत नहीं है।
- सीपरी बाजार में रामा बुक डिपो के पास में बना एक होटल भी बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाया गया है। इस होटल का निर्माण बाजार स्ट्रीट क्षेत्र में कराया गया है। इस कारण यह प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है। अवैध ध्वस्तीकरण की सूची में इसका भी नाम है।
- मेडिकल कालेज के पास स्थिति एक चर्चित होटल भी अवैध निर्माण की श्रेणी में है, क्योंकि इसका नक्शा स्वीकृत नहीं है।
- इलाइट चौराहा से ग्वालियर मार्ग पर बना एक व्यावसायिक कांपलेक्स भी बिना नक्शा स्वीकृति के बना है। इतना ही नहीं इस कांपलेक्स का निर्माण सरकारी जमीन को कब्जा करके किया गया है।
सूची फाइनल
अवैध कब्जों की सूची फाइनल हो गई है। शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। अभी ध्वस्तीकरण की तिथि तय नहीं है, लेकिन शनिवार को शासन में होेने वाली बैठक के बाद कभी भी बुलडोजर चल सकता है। पहले चरण में बड़े अवैध निर्माण गिराए जाएंगे।
- आरपी मिश्रा, सचिव- जेडीए
ग्राम सभा की जमीन पर मिले कब्जे
झांसी। रक्सा में पुनावली-अंबावाय मार्ग पर से निकले नाले की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर शुक्रवार को इसकी नापजोख की गई। नाले की जमीन पर तो कोई अवैध कब्जा नहीं मिला, लेकिन आसपास की ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए हैं।
जिलाधिकारी के पास गोपनीय शिकायत आई थी कि रक्सा में धुवकटा नाले की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस पर लेखपाल नंदू सेन को नापजोख कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को वह मौके पर पहुंचे और नाप की। इस दौरान नाले की जमीन पर तो कोई कब्जा नहीं मिला, बल्कि आसपास पड़ी ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए। लेखपाल ने जमीन की नाप कर फोटोग्राफी करा ली है। अब यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
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शहर में 503 अवैध निर्माण हैं, यह मकान बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए हैं। इसमें से 143 निर्माण ऐसे होटल, शॉपिंग कांपलेक्स, आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक कांपलेक्स के हैं, जो महायोजना के विपरीत बनाए गए हैं। लैंडयूज (जमीन का उपयोग) बदलकर मनमाने तरीके से आलीशान व्यावसायिक कांपलेक्स और होटल बना लिए गए हैं। ऐसा नहीं है कि इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश न दिए गए हों, लेकिन इधर से आदेश गया और उधर से कोई न कोई समस्या बताकर उसको टाल दिया गया। मुख्यमंत्री ने ऐसे अवैध निर्माणों पर कड़ा ऐतराज जताया है। झांसी विकास प्राधिकरण भी अवैध निर्माणों की फाइल तैयार करने में जुट गया है।
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शनिवार को राज्यमंत्री सुरेश पासी शासन में प्राधिकरणों की प्रगति रिपोर्ट देखेंगे तथा विभाग का प्रजेंटेशन भी होगा। इसको लेकर जेडीए के अफसर दिन भर फाइल तैयार करने में जुटे रहे। दरअसल, शासन में समीक्षा का स्वरूप बदल गया है। पहले सभी प्राधिकरणों के अफसरों कोे एक साथ बैठाकर रिपोर्ट ली जाती थी, लेकिन अब अलग- अलग प्राधिकरणों की बैठक अलग- अलग होगी और सभी प्राधिकरणों से आने वाले समय में शहर के विकास के लिए क्या प्लान तैयार किया गया है, इसकी जानकारी मांगी जाएगी। इसी बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि अवैध निर्माण पर कब से बुलडोजर चलाया जाएगा।
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आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां
सिविल लाइन क्षेत्र आवासीय है। इसमें बिना नक्शा स्वीकृत कराए ऐसे कांपलेक्स बने हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। नक्शा स्वीकृत नहीं होने के बाद भी मनमाने तरीके से निर्माण करा लिया था। अब ऐसे कांपलेक्स पर कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं चर्चित अवैध निर्माण
- इलाइट चौराहा के पास स्थित एक चर्चित कांपलेक्स आवासीय आबादी में बना है। इसके अलावा कांपलेक्स के आसपास होटल बने हैं। इनमें बेसमेंट बनाए गए हैं, जबकि नियमानुसार यह नहीं बनाए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, इनका नक्शा भी स्वीकृत नहीं है।
- सीपरी बाजार में रामा बुक डिपो के पास में बना एक होटल भी बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाया गया है। इस होटल का निर्माण बाजार स्ट्रीट क्षेत्र में कराया गया है। इस कारण यह प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है। अवैध ध्वस्तीकरण की सूची में इसका भी नाम है।
- मेडिकल कालेज के पास स्थिति एक चर्चित होटल भी अवैध निर्माण की श्रेणी में है, क्योंकि इसका नक्शा स्वीकृत नहीं है।
- इलाइट चौराहा से ग्वालियर मार्ग पर बना एक व्यावसायिक कांपलेक्स भी बिना नक्शा स्वीकृति के बना है। इतना ही नहीं इस कांपलेक्स का निर्माण सरकारी जमीन को कब्जा करके किया गया है।
सूची फाइनल
अवैध कब्जों की सूची फाइनल हो गई है। शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। अभी ध्वस्तीकरण की तिथि तय नहीं है, लेकिन शनिवार को शासन में होेने वाली बैठक के बाद कभी भी बुलडोजर चल सकता है। पहले चरण में बड़े अवैध निर्माण गिराए जाएंगे।
- आरपी मिश्रा, सचिव- जेडीए
ग्राम सभा की जमीन पर मिले कब्जे
झांसी। रक्सा में पुनावली-अंबावाय मार्ग पर से निकले नाले की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर शुक्रवार को इसकी नापजोख की गई। नाले की जमीन पर तो कोई अवैध कब्जा नहीं मिला, लेकिन आसपास की ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए हैं।
जिलाधिकारी के पास गोपनीय शिकायत आई थी कि रक्सा में धुवकटा नाले की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस पर लेखपाल नंदू सेन को नापजोख कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को वह मौके पर पहुंचे और नाप की। इस दौरान नाले की जमीन पर तो कोई कब्जा नहीं मिला, बल्कि आसपास पड़ी ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए। लेखपाल ने जमीन की नाप कर फोटोग्राफी करा ली है। अब यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।