{"_id":"61818fa4c9cea225876ff973","slug":"500-outsourced-employees-will-celebrate-diwali-without-honorarium-jhansi-news-jhs2080502169","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना मानदेय दिवाली मनाएंगे 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारी!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना मानदेय दिवाली मनाएंगे 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारी!
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के 500 आउटसोर्सिंग कर्मचारी को चार महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए दिवाली फीकी रहेगी। कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि उन्हें जल्द मानदेय का भुगतान कराया जाए।
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय आदि कर्मचारियों को जुलाई से मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में अपनी और परिवार की परवाह किए बिना दिन-रात ड्यूटी की। कई कर्मचारी संक्रमित भी हो गए। इसके बावजूद उन्हें कई-कई महीने तक मानदेय नहीं दिया जाता है। जबकि, शासन का आदेश है कि महीने की पहली तारीख को मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। 28 अक्तूबर को मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने भी इसे लेकर निर्देश दिए थे। इसके बावजूद दो नवंबर तक उन्हें मानदेय नहीं मिल पाया। चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। बच्चों की फीस से लेकर खाने तक के लाले पड़ गए हैं। कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन से जल्द मानदेय भुगतान कराने की मांग की है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को जल्द ही मानदेय का भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग में अनुमति के लिए फाइल पहुंच गई है। यदि छुट्टी के दिन बजट जारी होता है तो भी कार्यालय खुलवाकर मानदेय भुगतान किया जाएगा। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय आदि कर्मचारियों को जुलाई से मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में अपनी और परिवार की परवाह किए बिना दिन-रात ड्यूटी की। कई कर्मचारी संक्रमित भी हो गए। इसके बावजूद उन्हें कई-कई महीने तक मानदेय नहीं दिया जाता है। जबकि, शासन का आदेश है कि महीने की पहली तारीख को मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। 28 अक्तूबर को मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने भी इसे लेकर निर्देश दिए थे। इसके बावजूद दो नवंबर तक उन्हें मानदेय नहीं मिल पाया। चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। बच्चों की फीस से लेकर खाने तक के लाले पड़ गए हैं। कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन से जल्द मानदेय भुगतान कराने की मांग की है।
विज्ञापन
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को जल्द ही मानदेय का भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग में अनुमति के लिए फाइल पहुंच गई है। यदि छुट्टी के दिन बजट जारी होता है तो भी कार्यालय खुलवाकर मानदेय भुगतान किया जाएगा। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।
विज्ञापन