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50 होमगार्डों के सहारे शहर की यातायात व्यवस्था
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झांसी। जिले में यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के कारण वर्तमान में महानगर की यातायात व्यवस्था मात्र 50 होमगार्डों के हवाले है। यह व्यवस्था भी शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर ही लागू है। ऐसे में दिन भर यातायात संचालन बाधित रहता है। लोग यातायात नियमों का पालन भी नहीं करते हैं।
महानगर में हर चौराहा पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसकी वजह एक तरफ अतिक्रमण तो दूसरी तरफ यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन न होना है। सड़कों पर वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़े होने से दुर्घटनाएं होने की भी आशंका बनी रहती है। वैसे यातायात व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की होती है, लेकिन जनपद में यातायात पुलिसकर्मियों की कमी है। जिले मेें एक यातायात प्रभारी समेत 25 पुलिसकर्मियों का स्टाफ है, जबकि, इससे दोगुने 50 होमगार्ड की ड्यूटी यातायात संचालन के लिए चौराहों पर लगाई जाती है। यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के चलते यातायात संचालन में होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। प्रमुख चौराहों पर होमगार्ड यातायात व्यवस्था संभालते देखे जाते हैं।
दो शिफ्ट में लगती है होमगार्ड की ड्यूटी
यातायात संचालन के लिए सभी 50 होमगार्ड की ड्यूटी दो शिफ्ट में आठ-आठ घंटे की लगाई जाती है। एक बार में आधे यानी 25 होमगार्ड ही ड्यूटी पर रहते हैं। इनमें से कभी कभी तो कई होमगार्ड छुट्टी पर चले जाते हैं। इनमें से चार होमगार्ड की ड्यूटी दो शिफ्ट के लिए बाईपास पर भी लगाए जाती है। यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी आठ घंटे की रहती है।
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इन स्थानों पर रहती है ड्यूटी
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए होमगार्डों को इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, बस स्टैंड, कानपुर चुंगी, सीपरी बाजार, ओवरब्रिज मानिक चौक, सदर बाजार में भी लगाया जाता है। वीआईपी आगमन पर भी इनको अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद किया जाता है।
यातायात पुलिसकर्मियों की स्थिति
नाम स्थिति जरूरत
यातायात प्रभारी 1 2
एचसीपी 2 10
हेड कांस्टेबल 7 20
कांस्टेबल 15 25
पीआरडी 40 80
होमगार्ड - 50 (दो शिफ्ट के लिए) 150 से अधिक
यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के लिए पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही कमी पूरी होने की भी उम्मीद है। कमी के मद्देनजर होमगार्ड व पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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महानगर में हर चौराहा पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसकी वजह एक तरफ अतिक्रमण तो दूसरी तरफ यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन न होना है। सड़कों पर वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़े होने से दुर्घटनाएं होने की भी आशंका बनी रहती है। वैसे यातायात व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की होती है, लेकिन जनपद में यातायात पुलिसकर्मियों की कमी है। जिले मेें एक यातायात प्रभारी समेत 25 पुलिसकर्मियों का स्टाफ है, जबकि, इससे दोगुने 50 होमगार्ड की ड्यूटी यातायात संचालन के लिए चौराहों पर लगाई जाती है। यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के चलते यातायात संचालन में होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। प्रमुख चौराहों पर होमगार्ड यातायात व्यवस्था संभालते देखे जाते हैं।
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दो शिफ्ट में लगती है होमगार्ड की ड्यूटी
यातायात संचालन के लिए सभी 50 होमगार्ड की ड्यूटी दो शिफ्ट में आठ-आठ घंटे की लगाई जाती है। एक बार में आधे यानी 25 होमगार्ड ही ड्यूटी पर रहते हैं। इनमें से कभी कभी तो कई होमगार्ड छुट्टी पर चले जाते हैं। इनमें से चार होमगार्ड की ड्यूटी दो शिफ्ट के लिए बाईपास पर भी लगाए जाती है। यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी आठ घंटे की रहती है।
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इन स्थानों पर रहती है ड्यूटी
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए होमगार्डों को इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, बस स्टैंड, कानपुर चुंगी, सीपरी बाजार, ओवरब्रिज मानिक चौक, सदर बाजार में भी लगाया जाता है। वीआईपी आगमन पर भी इनको अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद किया जाता है।
यातायात पुलिसकर्मियों की स्थिति
नाम स्थिति जरूरत
यातायात प्रभारी 1 2
एचसीपी 2 10
हेड कांस्टेबल 7 20
कांस्टेबल 15 25
पीआरडी 40 80
होमगार्ड - 50 (दो शिफ्ट के लिए) 150 से अधिक
यातायात पुलिसकर्मियों की कमी के लिए पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही कमी पूरी होने की भी उम्मीद है। कमी के मद्देनजर होमगार्ड व पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी