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कोर्ट- दुष्कर्मी को सात वर्ष की सजा-City
Updated Sun, 26 Aug 2018 03:56 AM IST
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दुष्कर्मी को सात साल की सजा
- घर में अकेला पाकर दिया था घटना को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ फास्ट ट्रैक कोर्ट संजय कुमार सिंह की अदालत ने दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर जुर्माना भी लगाया है।
12 अप्रैल 2012 को ग्राम बघोरा निवासी दलित महिला के परिजन खेत पर गए थे। वह घर पर अकेली थी। मौका पाकर सुबह करीब सात बजे खिरकपठाई चुरारा निवासी रामपाल अहिरवार ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत पुलिस से गई थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था। परेशान परिजनाें ने सीजेएम के न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराये जाने की गुहार लगाई। न्यायालय के आदेश पर थाना मऊरानीपुर में धारा 376, 354ए, 504, 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। जहां आरोप सिद्ध होने पर धारा 376 में सात वर्ष की सजा, दस हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 03 माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 504 में दो की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 506 में दो वर्ष की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड, अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 354ए में एक वर्ष के सश्रम कारावास, एक हजार रुपये अर्थदंड, अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। अर्थदंड की जमा धनराशि में से पचास प्रतिशत पीड़िता को प्रदान की जायेगी। पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरबैया ने की।
- घर में अकेला पाकर दिया था घटना को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ फास्ट ट्रैक कोर्ट संजय कुमार सिंह की अदालत ने दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर जुर्माना भी लगाया है।
12 अप्रैल 2012 को ग्राम बघोरा निवासी दलित महिला के परिजन खेत पर गए थे। वह घर पर अकेली थी। मौका पाकर सुबह करीब सात बजे खिरकपठाई चुरारा निवासी रामपाल अहिरवार ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत पुलिस से गई थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था। परेशान परिजनाें ने सीजेएम के न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराये जाने की गुहार लगाई। न्यायालय के आदेश पर थाना मऊरानीपुर में धारा 376, 354ए, 504, 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। जहां आरोप सिद्ध होने पर धारा 376 में सात वर्ष की सजा, दस हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 03 माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 504 में दो की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 506 में दो वर्ष की सजा और एक हजार रुपये अर्थदंड, अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 354ए में एक वर्ष के सश्रम कारावास, एक हजार रुपये अर्थदंड, अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। अर्थदंड की जमा धनराशि में से पचास प्रतिशत पीड़िता को प्रदान की जायेगी। पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरबैया ने की।
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