फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   No clues found for 39 thieves, police put Final report

39 चोरियों का नहीं मिला सुराग, पुलिस ने लगा दी एफआर

Fri, 26 Feb 2021 06:20 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झाँसी
अमर उजाला ब्यूरो, झाँसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 26 Feb 2021 06:20 PM IST
विज्ञापन
No clues found for 39 thieves, police put Final report

पुलिस के लिए भले ही चोरी की घटना छोटी हो, लेकिन जिनका लाखों का माल गया हो वह माल पाने के लिए लगातार थानों के चक्कर काटते रहते है। जबकि, पुलिस ने सुराग न मिलने की बात बताकर 39 घटनाओं में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी है।

विज्ञापन


जिले में अमूमन प्रतिदिन पांच से छह चोरी की घटनाओं की रिपोर्ट थानों में दर्ज होती है। जिले में तीन साल में कुल 261 मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस 141 मामलों का पर्दाफाश कर चुकी है। किसी प्रकार का कोई सुराग न मिलने पर पुलिस ने 39 मामलों में एफआर लगा दी। 81 मामलों में अभी भी पुलिस की विवेचना चल रही है।
विज्ञापन


यह आंकड़े इस बात की गवाही देने के लिए काफी हैं कि पुलिस चोरी के मुकदमों में पर्दाफाश के कितने प्रयास करती है। पुलिस चोरी के अधिकतर मुकदमों की एफआर में एक ही कहानी लिखती है। विवेचक घटना के बाद तमाम प्रयासों का जिक्र करते हुए चोरों का सुराग न मिलने की बात कहते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ मामलों में तो पुलिस ने नकदी और गहने चोरी की घटनाओं को फर्जी बताकर मुकदमे खत्म कर दिए। चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस का ध्यान घटना का पर्दाफाश करने पर नहीं बल्कि फाइनल रिपोर्ट एफआर लगाने पर रहता है। एफआर लगाकर पुलिस मामले में पल्ला झाड़ लेती है।

एसआर केस से ऐसे बचती है पुलिस
शासनादेश के मुताबिक लूट, डकैती, हत्या, दुष्कर्म समेत पांच लाख रुपये से ऊपर की चोरी भी स्पेशल रिपोर्ट (एसआर) की श्रेणी में आती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही एसआर केस की रिपोर्ट डीआईजी स्तर से दी जाती है। इसलिए इसकी सख्त मॉनीटरिंग होती है। मगर, चोरी के मामले में पुलिस मुकदमे में रकम नहीं खोलती ताकि एसआर रिपोर्ट भेजने से बच जाए। केस डायरी के पहले पर्चे में वादी के बयानों में चोरी की रकम और सामान खोल दिया जाता है। इससे केवल सीओ स्तर तक की निगरानी होती है।


इन घटनाओं का नहीं हुआ खुलासा
केस एक
- 20 जनवरी को थाना नवाबाद क्षेत्र में रहने वाले बिजली अधिकारी के घर हुई चोरी का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। बदमाश घर से 80 हजार रुपये, सवा चार लाख रुपये के जेवरात आदि सामान चोरी ले गए।
केस दो
- 6 जुलाई 2020 को भी गुंसाईपुरा निवासी एक व्यक्ति कोेरोना पॉजीटिव होने के बाद मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन थे। चोर घर से एलईडी व लाखों रुपये का माल लेकर भाग निकले थे।
केस तीन
- 11 नवंबर 2020 को खातीबाबा निवासी सहायक लोको पायलट ज्ञानेंद्र रायकवार के घर से भी चोर पौने दो लाख रुपये व लाखोें की ज्वैलरी चोरी कर ले गए थे।
केस चार
- 4 जनवरी को जेल चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में चोरी की घटना हुई। इस दुकान में इसके अलावा दो बार चोरी हो चुकी है। लेकिन खुलासा नहीं हो सका।
केस पांच
- 28 जनवरी को थाना सीपरी बाजार क्षेत्र अंतर्गत आईटीआई निवासी नरेंद्र खरे के घर में चोर घुस गए थे। घर से चोर पांच लाख के जेवरात, दो लैपटॉप, पचास हजार रुपये ले गए थे।

चोरी की घटनाओं में पुलिस गंभीरता से पड़ताल करती है। कई मामलों का खुलासा कर अपराधियों को जेल भेजा। कुछ मामलों में पुलिस की पड़ताल लगातार जारी है। जल्द पुलिस खुलासा करेगी।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed