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भावनी बांध से सिचिंत होगी 3800 हेक्टेयर भूमि
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झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महोबा में ललितपुर में बने भावनी बांध का रिमोर्ट के जरिए लोकार्पण किया। लोकार्पण होते ही बांध का पानी नहरों के जरिए छोड़ दिया गया। अब इसकी मदद से 3800 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जा सकेगी। इसका पानी एक दर्जन से अधिक गांवों की असिचिंत भूमि को सिचिंत करेगा। बांध से मिले पानी के जरिए करीब आठ हजार से अधिक किसानों को फायदा होगा। अब उनको खरीफ के साथ रबी सीजन के लिए भी पानी मिल सकेगा।
512.74 करोड़ की लागत से तैयार बांध परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012-13 में हुई थी। ललितपुर के तालबेहट के ग्राम भावनी एवं तहसील महरौनी के मरोली के पास से बहने वाली सजनम नदी पर बना है। सजनम जामनी नदी की सहायक नदी है। बांध का पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए 20.300 किमी लंबी मुख्य नहर का निर्माण कराया गया है। अधीक्षण अभियंता शीलवंत उपाध्याय के मुताबिक बांध की ऊंचाई 15.68 मीटर है जबकि बांध 4.08 किमी लंबा है। बांध में कुल 23.790 एमसीएम पानी स्टोर किया जा सकेगा। इसकी मदद से कुल 3800 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होगी जबकि इसके पहले इस इलाके में रबी सीजन में पानी नहीं मिल पाता था। उनका कहना है कि बछरावनी टीला, मरोली, गहराव, जरावली, कैलोनी, बुरौगांव, भावनी, पाठपचौड़ा, भुजउपुरा, धनगौल, चुनगी, मामलौन, भैलोनीसूबा, रमपुरा कठवर, जिजरवारा, संसुवा, ककरेला, बघौरा एवं नया खेड़ा के किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अभी यहां के किसान सिर्फ खरीफ सीजन की फसल ही अच्छी तरह कर पाते थे जबकि पानी की कमी के चलते रबी सीजन की फसल अच्छी नहीं हो पाती। इसके अलावा 1.47 एमसीएम पानी पीने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इससे 30 हजार लोगों को पीने का पानी भी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री के लोकार्पण करते ही बांध का पानी नहरों के जरिए छोड़ दिया गया। इससे स्थानीय किसानों में प्रसन्नता दिखाई पड़ी।
पीएम ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए भी दिए संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण समारोह के दौरान केन-बेतवा लिंक परियोजना के भी जल्द आरंभ होने के संकेत दिए। उन्होंने कहा इस लिंक परियोजना के लिए केंद्र सरकार फिक्रमंद है। इसके जरिए भी बुंदेलखंड की किस्मत बदलने का काम शुरू होगा। सिंचाई अभियंताओं को उम्मीद है कि अगले माह तक इसका शिलान्यास भी कराया जा सकता है।
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512.74 करोड़ की लागत से तैयार बांध परियोजना की शुरुआत वर्ष 2012-13 में हुई थी। ललितपुर के तालबेहट के ग्राम भावनी एवं तहसील महरौनी के मरोली के पास से बहने वाली सजनम नदी पर बना है। सजनम जामनी नदी की सहायक नदी है। बांध का पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए 20.300 किमी लंबी मुख्य नहर का निर्माण कराया गया है। अधीक्षण अभियंता शीलवंत उपाध्याय के मुताबिक बांध की ऊंचाई 15.68 मीटर है जबकि बांध 4.08 किमी लंबा है। बांध में कुल 23.790 एमसीएम पानी स्टोर किया जा सकेगा। इसकी मदद से कुल 3800 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होगी जबकि इसके पहले इस इलाके में रबी सीजन में पानी नहीं मिल पाता था। उनका कहना है कि बछरावनी टीला, मरोली, गहराव, जरावली, कैलोनी, बुरौगांव, भावनी, पाठपचौड़ा, भुजउपुरा, धनगौल, चुनगी, मामलौन, भैलोनीसूबा, रमपुरा कठवर, जिजरवारा, संसुवा, ककरेला, बघौरा एवं नया खेड़ा के किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अभी यहां के किसान सिर्फ खरीफ सीजन की फसल ही अच्छी तरह कर पाते थे जबकि पानी की कमी के चलते रबी सीजन की फसल अच्छी नहीं हो पाती। इसके अलावा 1.47 एमसीएम पानी पीने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इससे 30 हजार लोगों को पीने का पानी भी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री के लोकार्पण करते ही बांध का पानी नहरों के जरिए छोड़ दिया गया। इससे स्थानीय किसानों में प्रसन्नता दिखाई पड़ी।
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पीएम ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए भी दिए संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण समारोह के दौरान केन-बेतवा लिंक परियोजना के भी जल्द आरंभ होने के संकेत दिए। उन्होंने कहा इस लिंक परियोजना के लिए केंद्र सरकार फिक्रमंद है। इसके जरिए भी बुंदेलखंड की किस्मत बदलने का काम शुरू होगा। सिंचाई अभियंताओं को उम्मीद है कि अगले माह तक इसका शिलान्यास भी कराया जा सकता है।
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