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चार दिनों में ही सामने आए 35 संक्रमित, दहशत बढ़ी
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झांसी। कोरोना वायरस की बढ़ी रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले चार दिनों में ही 35 संक्रमित सामने आ चुके हैं। इससे फिर से वायरस को लेकर दहशत का माहौल बन गया है। मार्च की शुरूआत से अब तक 66 केस मिल चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट हो गया है।
बीती 29 जनवरी को कोरोना के 12 केस सामने आए थे। इसके बाद फरवरी में कोरोना की रफ्तार बिल्कुल मंद पड़ने लगी थी। फरवरी खत्म होते-होते तो ऐसा लगा कि जैसे वायरस अब खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है लेकिन मार्च की शुरूआत के बाद वायरस ने फिर से पलटी मारी। मुंबई, केरल ही नहीं अब झांसी में भी संक्रमण का दायरा तेजी से अपने पांव पसारने लगा है। पिछले चार दिन में मिले कोरोना के मरीज ने चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को कोरोना वायरस के नौ केस मिले थे।
डेढ़ महीने बाद किसी एक दिन कोरोना के इतने ज्यादा केस मिलने से हड़कंप मच गया। बुधवार को पांच केस सामने आए तो कुछ राहत रही। हालांकि, अगले ही दिन बृहस्पतिवार को केसों की संख्या दहाई के आंकड़े को छू गई और दस मरीज मिले। शुक्रवार को फिर 11 मामले सामने आए। लगातार बढ़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। सभी की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। इसके साथ ही स्टाफ को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कर दिया गया है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कसी कमर
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सबसे ज्यादा भार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर ही होता है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने कमर कस ली है। केस बढ़ने लगे तो अब मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के तीन नंबर वार्ड में भी मरीज भर्ती किए जाने लगे हैं। इसके अलावा चार नंबर आईसीयू में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। अब कॉलेज प्रशासन की निगाहें आगे के हालातों पर हैं। यदि केस तेजी से बढ़ते हैं तो फिर अन्य वार्ड और आईसीयू खोले जाएंगे। यहां स्टाफ की भी तैनाती बढ़ाई जाएगी।
न मास्क, न सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना को लेकर जनता की लापरवाही भारी पड़ सकती है। जैसे ही संक्रमण की रफ्तार मंद पड़ी लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से दूरी बना ली। इक्का-दुक्का लोग ही अब कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में एक संक्रमित से कई लोगों के पॉजिटिव होने की आशंका है। अभी कोरोना की वैक्सीन भी 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित 45 से 59 साल तक के लोगों को लगाई जा रही है। ऐसे में सभी को कोरोना का टीका नहीं लग सका है। इसलिए कोरोना को लेकर खतरा बना हुआ है। अमर उजाला लोगों से अपील करता है कि मास्क जरूर पहनें। साथ ही, सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखें।
आईजी, एसपी सिटी ने लगवाया टीका
कोरोना का वैक्सीनेशन शुक्रवार को भी जारी रहा। पुलिस अस्पताल में 300 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई। इस दौरान आईजी सुभाष सिंह बघेल, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने भी कोरोना का टीका लगवाया। साथ ही कहा कि जो भी लाभार्थी टीकाकरण की श्रेणी में आ रहा है, वह जल्द वैक्सीन लगवा ले। कोरोना से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र उपाए है।
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बीती 29 जनवरी को कोरोना के 12 केस सामने आए थे। इसके बाद फरवरी में कोरोना की रफ्तार बिल्कुल मंद पड़ने लगी थी। फरवरी खत्म होते-होते तो ऐसा लगा कि जैसे वायरस अब खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है लेकिन मार्च की शुरूआत के बाद वायरस ने फिर से पलटी मारी। मुंबई, केरल ही नहीं अब झांसी में भी संक्रमण का दायरा तेजी से अपने पांव पसारने लगा है। पिछले चार दिन में मिले कोरोना के मरीज ने चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को कोरोना वायरस के नौ केस मिले थे।
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डेढ़ महीने बाद किसी एक दिन कोरोना के इतने ज्यादा केस मिलने से हड़कंप मच गया। बुधवार को पांच केस सामने आए तो कुछ राहत रही। हालांकि, अगले ही दिन बृहस्पतिवार को केसों की संख्या दहाई के आंकड़े को छू गई और दस मरीज मिले। शुक्रवार को फिर 11 मामले सामने आए। लगातार बढ़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। सभी की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। इसके साथ ही स्टाफ को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कर दिया गया है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कसी कमर
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सबसे ज्यादा भार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर ही होता है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने कमर कस ली है। केस बढ़ने लगे तो अब मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के तीन नंबर वार्ड में भी मरीज भर्ती किए जाने लगे हैं। इसके अलावा चार नंबर आईसीयू में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। अब कॉलेज प्रशासन की निगाहें आगे के हालातों पर हैं। यदि केस तेजी से बढ़ते हैं तो फिर अन्य वार्ड और आईसीयू खोले जाएंगे। यहां स्टाफ की भी तैनाती बढ़ाई जाएगी।
न मास्क, न सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना को लेकर जनता की लापरवाही भारी पड़ सकती है। जैसे ही संक्रमण की रफ्तार मंद पड़ी लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से दूरी बना ली। इक्का-दुक्का लोग ही अब कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में एक संक्रमित से कई लोगों के पॉजिटिव होने की आशंका है। अभी कोरोना की वैक्सीन भी 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित 45 से 59 साल तक के लोगों को लगाई जा रही है। ऐसे में सभी को कोरोना का टीका नहीं लग सका है। इसलिए कोरोना को लेकर खतरा बना हुआ है। अमर उजाला लोगों से अपील करता है कि मास्क जरूर पहनें। साथ ही, सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखें।
आईजी, एसपी सिटी ने लगवाया टीका
कोरोना का वैक्सीनेशन शुक्रवार को भी जारी रहा। पुलिस अस्पताल में 300 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई। इस दौरान आईजी सुभाष सिंह बघेल, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने भी कोरोना का टीका लगवाया। साथ ही कहा कि जो भी लाभार्थी टीकाकरण की श्रेणी में आ रहा है, वह जल्द वैक्सीन लगवा ले। कोरोना से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र उपाए है।