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34 हजार असलहों पर पुलिस की नजर, सभी की जांच शुरू
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झांसी। कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस ने जिले के असलहाधारकों की जांच शुरू करा दी है। गंभीर अपराध की धारा पाए जाने के बाद पुलिस असलहा निरस्तीकरण की कार्रवाई कराएगी। थानेदारों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सभी की जांच शुरू कर दी है।
कानपुर में पुलिसकर्मियों की गोलियों से हत्या के बाद अपराधियों के पास भी असलहे पाए गए थे। इनमें पता चला था कि अपराधियों ने भी असलहे ले रखे थे, लेकिन सांठगांठ की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद प्रदेश में बड़े पैमाने पर असलहा धारकों की जांच बैठा दी गई है। सभी के मुकदमों से लेकर अन्य जानकारियां खंगालना शुरू कर दिया गया है। जिले के 34 हजार शस्त्र लाइसेंस धारकों की नए सिरे से जांच होगी। यदि लाइसेंस हासिल करने के बाद भी उसके ऊपर गंभीर
आपराधिक मुकदमे हुए हैं तो पुलिस लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करेगी। अफसर मान रहे हैं कि जिले में हजारों लाइसेंस धारक ऐसे हैं जिन पर कोई न कोई मुकदमा दर्ज है। अब उन लाइसेंस धारकों की सूची तैयार कर लाइसेंस निरस्त और निलंबित करने की तैयारी है। पुलिस के इस आदेश से खलबली मचनी तय है।
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बताया गया है कि सभी थानों से लाइसेंसी असलहा धारकों की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद संबंधित थानों से असलहा धारकों के नाम पते पर दर्ज रिपोर्ट को क्रॉस चेक किया जाएगा। यहां तक की यह भी जांच होगी कि लाइसेंस होल्डर के खिलाफ कितनी बार शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। अन्य धाराओं में यदि मुकदमा हुआ तो उसकी सूची अलग बनेगी और लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति पर्याप्त साक्ष्यों के साथ की जाएगी।
डराया, धमकाया, दहशत फैलाई तो भी कार्रवाई
बताया गया है कि ज्यादातर शिकायतें तो यह आ रही हैं कि लाइसेंसी असलहों की वजह से मुहल्ले, गांव, ठेकेदारी, प्रापर्टी डीलिंग के दौरान दहशत फैलाने, डराने की कोशिश की जा रही है। हर्ष फायरिंग के दौरान रुतबा जमाने, अपने असलहे दूसरों को देकर फायरिंग करने वालों की सूची अलग से तैयार हो रही है।
इन परिस्थितियों में निरस्त हो सकता है लाइसेंस
पुलिस विभाग के जानकारों की मानें तो असलहे का लाइसेंस निरस्त तब होता है जब संबंधित थाने को यह लगता है कि उक्त व्यक्ति के पास असलहा रहने से कोई बड़ी घटना हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में एसओ लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट कर सकता है। इसके अलावा आपराधिक छवि जैसे असलहे के बल पर भय पैदा करना व अपने लाभ के लिए हमला करना। ऐसे हालात में लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। असलहे का प्रयोग केवल आत्मरक्षा करने के लिए लाइसेंस जारी होता है।
जिले के 34 हजार शस्त्रधारकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच होगी कि किस लाइसेंसधारक के खिलाफ क्या-क्या मुकदमे दर्ज हुए। मुकदमे किन श्रेणी के हैं। इसके बाद सूचीबद्ध कर लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई कराई जाएगी।
राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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कानपुर में पुलिसकर्मियों की गोलियों से हत्या के बाद अपराधियों के पास भी असलहे पाए गए थे। इनमें पता चला था कि अपराधियों ने भी असलहे ले रखे थे, लेकिन सांठगांठ की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद प्रदेश में बड़े पैमाने पर असलहा धारकों की जांच बैठा दी गई है। सभी के मुकदमों से लेकर अन्य जानकारियां खंगालना शुरू कर दिया गया है। जिले के 34 हजार शस्त्र लाइसेंस धारकों की नए सिरे से जांच होगी। यदि लाइसेंस हासिल करने के बाद भी उसके ऊपर गंभीर
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आपराधिक मुकदमे हुए हैं तो पुलिस लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करेगी। अफसर मान रहे हैं कि जिले में हजारों लाइसेंस धारक ऐसे हैं जिन पर कोई न कोई मुकदमा दर्ज है। अब उन लाइसेंस धारकों की सूची तैयार कर लाइसेंस निरस्त और निलंबित करने की तैयारी है। पुलिस के इस आदेश से खलबली मचनी तय है।
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बताया गया है कि सभी थानों से लाइसेंसी असलहा धारकों की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद संबंधित थानों से असलहा धारकों के नाम पते पर दर्ज रिपोर्ट को क्रॉस चेक किया जाएगा। यहां तक की यह भी जांच होगी कि लाइसेंस होल्डर के खिलाफ कितनी बार शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। अन्य धाराओं में यदि मुकदमा हुआ तो उसकी सूची अलग बनेगी और लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति पर्याप्त साक्ष्यों के साथ की जाएगी।
डराया, धमकाया, दहशत फैलाई तो भी कार्रवाई
बताया गया है कि ज्यादातर शिकायतें तो यह आ रही हैं कि लाइसेंसी असलहों की वजह से मुहल्ले, गांव, ठेकेदारी, प्रापर्टी डीलिंग के दौरान दहशत फैलाने, डराने की कोशिश की जा रही है। हर्ष फायरिंग के दौरान रुतबा जमाने, अपने असलहे दूसरों को देकर फायरिंग करने वालों की सूची अलग से तैयार हो रही है।
इन परिस्थितियों में निरस्त हो सकता है लाइसेंस
पुलिस विभाग के जानकारों की मानें तो असलहे का लाइसेंस निरस्त तब होता है जब संबंधित थाने को यह लगता है कि उक्त व्यक्ति के पास असलहा रहने से कोई बड़ी घटना हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में एसओ लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट कर सकता है। इसके अलावा आपराधिक छवि जैसे असलहे के बल पर भय पैदा करना व अपने लाभ के लिए हमला करना। ऐसे हालात में लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। असलहे का प्रयोग केवल आत्मरक्षा करने के लिए लाइसेंस जारी होता है।
जिले के 34 हजार शस्त्रधारकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच होगी कि किस लाइसेंसधारक के खिलाफ क्या-क्या मुकदमे दर्ज हुए। मुकदमे किन श्रेणी के हैं। इसके बाद सूचीबद्ध कर लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई कराई जाएगी।
राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी