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Jhansi News: अमरौख में जल्द शुरू होगा 33 केवी का बिजली घर
Tue, 28 Jul 2026 02:56 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:56 AM IST
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झांसी। मोंठ तहसील के अमरौख गांव में 3.24 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी क्षमता का नया बिजलीघर तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने से आसपास के करीब 20 गांवों के 60 हजार से अधिक लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। वर्तमान में इन गांवों में लंबी और जर्जर लाइन के कारण बिजली आपूर्ति लगातार बाधित रहती है।
विद्युत वितरण निगम ने दो वर्ष पहले बिजनेस प्लान के तहत इस परियोजना को मंजूरी दी थी। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य धीमा रहा लेकिन अब इसमें तेजी आ गई है। अधिकारियों के अनुसार अगले 10 दिनों में बिजलीघर की टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने पर जिले में 33 केवी बिजलीघरों की संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी।
अमरौख स्थित इस बिजलीघर में फिलहाल पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। भविष्य में मांग बढ़ने पर इसकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कृषि और औद्योगिक जरूरतें भी पूरी की जा सकें।
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इन गांवों को मिलेगा लाभ
इस बिजलीघर से सिकंदरा, महूरा, चितगुआं, अमगांव, खिल्ली, मड़ोरा खुर्द, पनारी, सुराई, गनेशपुरा, परेछा, अमरौख, आरोली, गोपुरा, मुझौंद, जरहा, बड़ेरा, टोड़ी, बाबई बकल, काशीपुरा, जरया कलां और खरेला समेत करीब 20 गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
30 किमी लंबी जर्जर लाइन पर था निर्भर क्षेत्र
अभी इन गांवों को मोंठ स्थित 33 केवी बिजलीघर से करीब 30 किलोमीटर लंबी लाइन के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह लाइन लगभग 20 वर्ष पुरानी हो चुकी है और कई स्थानों पर जर्जर है। साथ ही पुराने बिजलीघर पर बढ़े हुए लोड के कारण बार-बार ट्रिपिंग और कटौती की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें 24 घंटे में केवल चार से छह घंटे ही बिजली मिल पाती है।
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अमरौख में 33 केवी बिजलीघर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके चालू होने से आसपास के करीब 20 गांवों के उपभोक्ताओं को बेहतर और अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।- ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)
निरीक्षण में बिना सुरक्षा उपकरण के काम करते मिले बिजली कर्मी
मुख्य अभियंता ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को लगाई फटकार
झांसी। मुख्य अभियंता (वितरण) ज्ञानेन्द्र सिंह ने रविवार को शहर के हाइडिल, जेल चौराहा और मुन्नालाल 33 केवी बिजलीघरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य करते मिले, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने पाया कि कई कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा किट का उपयोग नहीं किया था। इस पर उन्होंने संबंधित अवर अभियंता, एसडीओ और अन्य अधिकारियों को तत्काल सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कंट्रोल रूम और बिजलीघर परिसर में पड़ा कबाड़ भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र, जंपर तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विद्युत वितरण निगम ने दो वर्ष पहले बिजनेस प्लान के तहत इस परियोजना को मंजूरी दी थी। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य धीमा रहा लेकिन अब इसमें तेजी आ गई है। अधिकारियों के अनुसार अगले 10 दिनों में बिजलीघर की टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने पर जिले में 33 केवी बिजलीघरों की संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी।
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अमरौख स्थित इस बिजलीघर में फिलहाल पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। भविष्य में मांग बढ़ने पर इसकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कृषि और औद्योगिक जरूरतें भी पूरी की जा सकें।
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इन गांवों को मिलेगा लाभ
इस बिजलीघर से सिकंदरा, महूरा, चितगुआं, अमगांव, खिल्ली, मड़ोरा खुर्द, पनारी, सुराई, गनेशपुरा, परेछा, अमरौख, आरोली, गोपुरा, मुझौंद, जरहा, बड़ेरा, टोड़ी, बाबई बकल, काशीपुरा, जरया कलां और खरेला समेत करीब 20 गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
30 किमी लंबी जर्जर लाइन पर था निर्भर क्षेत्र
अभी इन गांवों को मोंठ स्थित 33 केवी बिजलीघर से करीब 30 किलोमीटर लंबी लाइन के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह लाइन लगभग 20 वर्ष पुरानी हो चुकी है और कई स्थानों पर जर्जर है। साथ ही पुराने बिजलीघर पर बढ़े हुए लोड के कारण बार-बार ट्रिपिंग और कटौती की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें 24 घंटे में केवल चार से छह घंटे ही बिजली मिल पाती है।
अमरौख में 33 केवी बिजलीघर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके चालू होने से आसपास के करीब 20 गांवों के उपभोक्ताओं को बेहतर और अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।- ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)
निरीक्षण में बिना सुरक्षा उपकरण के काम करते मिले बिजली कर्मी
मुख्य अभियंता ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को लगाई फटकार
झांसी। मुख्य अभियंता (वितरण) ज्ञानेन्द्र सिंह ने रविवार को शहर के हाइडिल, जेल चौराहा और मुन्नालाल 33 केवी बिजलीघरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य करते मिले, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने पाया कि कई कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा किट का उपयोग नहीं किया था। इस पर उन्होंने संबंधित अवर अभियंता, एसडीओ और अन्य अधिकारियों को तत्काल सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कंट्रोल रूम और बिजलीघर परिसर में पड़ा कबाड़ भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र, जंपर तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।