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बुंदेलखंड में सेवा कर रहे 32 हजार सामाजिक संगठन, सवा दो लाख से ज्यादा हैं सदस्य
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झांसी। बुंदेलखंड के सात जिलों में 32,268 सामाजिक संगठन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जिनके सवा दो लाख से अधिक सदस्य हैं। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटी तथा चिट्स के क्षेत्रीय कार्यालय में सबसे ज्यादा सामाजिक संगठन झांसी और सबसे कम ललितपुर जिले के पंजीकृत हैं।
आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों में समाजसेवा का गजब का जज्बा है। जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आते हैं। इसका नजारा हाल ही में कोरोना काल की त्रासदियों के दरम्यान भी देखने को मिला। देश के महानगरों से आए प्रवासी श्रमिकों के खाने - पीने का इंतजाम करने के लिए लोग उमड़ पड़े। इसके अलावा भी लोग जरूरतमंद वर्ग के लोगों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ते। तमाम लोग झुग्गी झोपड़ियों में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। साथ ही उनमें व्यावसायिक कौशल भी विकसित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, गो आश्रय स्थल का संचालन हो या रोगियों की सेवा, तमाम सामाजिक सरोकारों से जुड़े कामों में लोग अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसके अलावा किसी विद्यालय का संचालन करना हो या वृद्धाश्रम का, इन सब कामों के लिए पंजीकृत सामाजिक संगठन की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि यहां सामाजिक संगठन भी तेजी से पनप रहे हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में आने वाले सात जनपद झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, महोबा व चित्रकूट में 32,268 सामाजिक संस्थाएं पंजीकृत हैं। इसके अलावा तमाम संगठन बगैर पंजीकरण के भी सामाजिक कामों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। संस्था के पंजीकरण के लिए नियमानुसार न्यूनतम सात सदस्यों का होना जरूरी होता है, इस हिसाब से पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं से न्यूनतम 2,25,876 लोग जुड़े हुए हैं। हालांकि, तमाम संगठन ऐसे भी है, जिनके सदस्यों की संख्या कहीं अधिक है।
रोजाना दो नए संगठन आते हैं अस्तित्व में
झांसी। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटी तथा चिट्स के क्षेत्रीय कार्यालय में रोजाना औसतन दो नए सामाजिक संगठनों का पंजीकरण होता है। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन uprfsc.gov.in पर करना होता है। इसके लिए न्यूनतम सात सदस्यों का होना जरूरी होता है। इन्हीं में से पदाधिकारी तय किए जाते हैं। आवेदन के साथ सभी सदस्यों की फोटो, नाम, पता, दस्तखत तथा पहचान पत्र संलग्न करना जरूरी होता है। पंजीकरण शुल्क 2,000 रुपये ऑनलाइन जमा किया जाता है। संस्था का संविधान भी बनाना होता है। प्रत्येक पांच साल में संस्था का नवीनीकरण होता है। जांचोपरांत पंजीकरण प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन ही जारी किया जाता है।
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कहां कितने संगठन
.............................
झांसी - 6,317
ललितपुर - 1,737
जालौन - 4,939
बांदा - 5,959
हमीरपुर - 4,342
महोबा - 4,698
चित्रकूट - 4,276
बुंदेलखंड में सामाजिक संगठनों के गठन के प्रति लोगों में खास लगाव देखने को मिला है। इन संगठनों के माध्यम से तमाम सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। हालांकि, पंजीकरण के बाद कई संगठन निष्क्रिय भी हैं। कार्यालय में रोजाना औसतन दो नए संगठनों का पंजीकरण होता है। - रवि कुमार, सहायक रजिस्ट्रार - फर्म्स, सोसायटी तथा चिट्स
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आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों में समाजसेवा का गजब का जज्बा है। जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आते हैं। इसका नजारा हाल ही में कोरोना काल की त्रासदियों के दरम्यान भी देखने को मिला। देश के महानगरों से आए प्रवासी श्रमिकों के खाने - पीने का इंतजाम करने के लिए लोग उमड़ पड़े। इसके अलावा भी लोग जरूरतमंद वर्ग के लोगों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ते। तमाम लोग झुग्गी झोपड़ियों में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। साथ ही उनमें व्यावसायिक कौशल भी विकसित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, गो आश्रय स्थल का संचालन हो या रोगियों की सेवा, तमाम सामाजिक सरोकारों से जुड़े कामों में लोग अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसके अलावा किसी विद्यालय का संचालन करना हो या वृद्धाश्रम का, इन सब कामों के लिए पंजीकृत सामाजिक संगठन की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि यहां सामाजिक संगठन भी तेजी से पनप रहे हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में आने वाले सात जनपद झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, महोबा व चित्रकूट में 32,268 सामाजिक संस्थाएं पंजीकृत हैं। इसके अलावा तमाम संगठन बगैर पंजीकरण के भी सामाजिक कामों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। संस्था के पंजीकरण के लिए नियमानुसार न्यूनतम सात सदस्यों का होना जरूरी होता है, इस हिसाब से पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं से न्यूनतम 2,25,876 लोग जुड़े हुए हैं। हालांकि, तमाम संगठन ऐसे भी है, जिनके सदस्यों की संख्या कहीं अधिक है।
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रोजाना दो नए संगठन आते हैं अस्तित्व में
झांसी। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटी तथा चिट्स के क्षेत्रीय कार्यालय में रोजाना औसतन दो नए सामाजिक संगठनों का पंजीकरण होता है। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन uprfsc.gov.in पर करना होता है। इसके लिए न्यूनतम सात सदस्यों का होना जरूरी होता है। इन्हीं में से पदाधिकारी तय किए जाते हैं। आवेदन के साथ सभी सदस्यों की फोटो, नाम, पता, दस्तखत तथा पहचान पत्र संलग्न करना जरूरी होता है। पंजीकरण शुल्क 2,000 रुपये ऑनलाइन जमा किया जाता है। संस्था का संविधान भी बनाना होता है। प्रत्येक पांच साल में संस्था का नवीनीकरण होता है। जांचोपरांत पंजीकरण प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन ही जारी किया जाता है।
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कहां कितने संगठन
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झांसी - 6,317
ललितपुर - 1,737
जालौन - 4,939
बांदा - 5,959
हमीरपुर - 4,342
महोबा - 4,698
चित्रकूट - 4,276
बुंदेलखंड में सामाजिक संगठनों के गठन के प्रति लोगों में खास लगाव देखने को मिला है। इन संगठनों के माध्यम से तमाम सामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। हालांकि, पंजीकरण के बाद कई संगठन निष्क्रिय भी हैं। कार्यालय में रोजाना औसतन दो नए संगठनों का पंजीकरण होता है। - रवि कुमार, सहायक रजिस्ट्रार - फर्म्स, सोसायटी तथा चिट्स