फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   गर्भावस्था में अस्थमा डाल सकता बच्चे पर असर

गर्भावस्था में अस्थमा डाल सकता बच्चे पर असर

Tue, 07 May 2019 02:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 02:59 AM IST
विज्ञापन
गर्भावस्था में अस्थमा डाल सकता बच्चे पर असर
गर्भावस्था में अस्थमा डाल सकता है बच्चे पर असर
विज्ञापन


झांसी। गर्भावस्था के दौरान यदि महिला की काफी अधिक सांस फूलती है तो इसे हल्के में न लें। यह अस्थमा हो सकता है। यदि समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो समय से पहले प्रसव, बच्चे के विकास पर असर और कम वजन होने समेत तमाम समस्याएं हो सकती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अस्थमा की दवाएं गर्भावस्था में बिल्कुल सुरक्षित हैं।
अस्थमा एक लंबे समय से श्वांस से जुड़ा विकार है, जिसमें श्वांस की नालियों में सूजन आ जाती है। सूजन के कारण नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे अस्थमा का अटैक पड़ता है। भारत में बच्चों में अस्थमा एक सामान्य बीमारी हो गई है। यहां तक की 10 में से एक बच्चा अस्थमा का रोगी होता है। वहीं, देश में करीब 10-12 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं अस्थमा से प्रभावित होती हैं। यहां गर्भावस्था में होने वाली फेफड़ों की समस्या सबसे आम है। गर्भावस्था में अस्थमा के दौरान एक तिहाई महिलाओं में अस्थमा के लक्षण ठीक हो जाते हैं। वहीं, अध्ययन से यह भी पाया गया है कि प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाले बच्चों की तुलना में जो बच्चे ऑपरेशन से पैदा होते हैं, उनको अस्थमा होने का खतरा ज्यादा होते हैं।
विज्ञापन



गर्भावस्था में गंभीर दौरा पड़े तो ये करें
- लेटे नहीं और सीधे बैठ जाएं।
- शांत रहने का प्रयास करें।
- हर 30 से 60 सेकेंड में रिलीवर इन्हेलर से एक पफ लें।
- अधिकतम 10 पफ तक।
- अगर इन्हेलर इस्तेमाल के दौरान स्थिति बिगड़े तो डॉक्टर से बात करें।

ऐसे करें बचाव
- डिहाइड्रेशन से बचने एवं शरीर का तापमान सही बनाए रखने के लिए खूब पानी पीएं। फलों का ताजा जूस पीएं।
- घर से बाहर निकलते समय अपने नाक, मुंह को मास्क या कपड़े से ढककर रखें।
- एयरकंडीशन जगह में रहने वाले लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधान रहें, क्योंकि बदला वातावरण अस्थमा के अटैक को बढ़ा सकता है।
- जंक फूड का प्रयोग कम करें।
- प्रेग्नेंसी के दौरान तंबाकू का सेवन न करें।

अस्थमा के लक्षण
- सीने में जकड़न
- खांसी, श्वांस फूलना
- सीने में घबराहट
- सीटी जैसी आवाज आना।

ये हैं डब्ल्यूएचओ के आंकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओे) के अनुसार दुनिया में 33.4 करोड़ लोग दमा से प्रभावित हैं। भारत में लगभग तीन करोड़ लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 30 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे रोगी हैं, जिनको पता नहीं होता कि वो अस्थमा से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के चेस्ट ओपीडी में इन दिनों लगभग 20-30 अस्थमा के संभावित मरीज आ रहे हैं लेकिन इनमें से कुछ गर्भवती महिलाएं हैं, जो अस्थमा के लक्षण और अटैक बहुत गंभीर अवस्था में लेकर चेस्ट ओपीडी में आ रही हैं। इनको पहली बार अस्थमा की दवा शुरू करनी पड़ रही है या जिनको अपनी दवाओं का खुराक बढ़ाना पड़ रहा है। अस्थमा की दवा गर्भावस्था में बिल्कुल सुरक्षित है। समय रहते इलाज कराने पर इस बीमारी से बचा जा सकता है। - डॉ. मधुर्मय शास्त्री, चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed