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पुलिस की पाठशाला - चुप्पी तोड़े, सहन न करें, पुलिस को बताएं-City

Fri, 20 Jul 2018 09:04 PM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 09:04 PM IST
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पुलिस की पाठशाला - चुप्पी तोड़े, सहन न करें, पुलिस को बताएं-City
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बच्चों के तीखे सवाल, पुलिस के मीठे जवाब
- एलवीएम इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर से आयोजित हुई पुलिस की पाठशाला
- अपने काम और चुनौतियों से कराया विद्यार्थियों को अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एलवीएम इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में बच्चों ने अपनी जिज्ञासा तीखे सवाल से की। पुलिस अधिकारियों ने अपने मीठे जवाबों से उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। इसके अलावा पुलिस ने बच्चों को अपने काम करने के तरीके और उसमें आने वाली चुनौतियों की भी जानकारी दी।
पुलिस पाठशाला का शुभारंभ करते हुए एसपी सिटी देवेश पांडेय ने कहा कि अनुशासन ही जीवन का मूलमंत्र है और अनुशासित व्यक्ति हर क्षेत्र में सफलता हासिल करता है। व्यक्ति अपना अधिकार तो जानता है, लेकिन उसका पालन नहीं करता है। ऐसा कोई भी गलत काम न करें, जिससे आपके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज हो और आपके चरित्र पर दाग लगे। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। जो भी गलत करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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उन्होंने कहा कि पुलिस को लेकर जनसामान्य में एक भ्रम बना रहता है, जिसे दूर करने की जरूरत है। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं, अपराध को खत्म करने के लिए पुलिस का सहयोग जरुरी है। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन और उनसे जुड़े कानूनों के बारे में बताते हुए कहा कि आप को आत्मरक्षा के लिए सशक्त बनना पड़ेगा। कहा कि किसी भी आपराधिक मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सबूत की जरूरत होती है। कभी-कभी पुलिस की जांच में देरी सबूत न मिलने के कारण होती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और चालान का प्रावधान है, जिसका रेट फिक्स है। अगर आपके साथ ऐसी नौबत आती है तो पुलिस अफसर को जितने पैसे आपने भुगतान किए हैं, उसकी रसीद मांगिये, अगर रसीद नहीं मिलती है तो उसकी शिकायत करिए।
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महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक अर्चना सिंह ने कहा कि छात्राओं को सोशल मीडिया का इस्तेमाल सतर्कता के साथ करना चाहिए। अगर उन्हें कोई परेशान करता है तो वे डरें नहीं पुलिस को बताएं। उन्होंने छात्राओं को वूमेन हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी और बताया कि शोहदों को सबक सिखाने के लिए पहले ही 1090 और एंटी रोमियो स्क्वाएड का गठन किया गया है। अगर कोई भी शोहदा परेशान करता है तो तत्काल 100 नंबर पर कॉल करके शिकायत करें। महिला पुलिस मौके पर पहुंचकर शोहदे को सबक सिखाएगी। अपना विश्वास कायम रखें, फेसबुक पर किसी भी अंजान व्यक्ति से बात न करें और न ही अपने फोटो पोस्ट करें। पुलिस विभाग की ओर से विद्यालय में 18 वर्ष से अधिक उम्र की छात्राओं को शक्ति परी बनाया गया है। इन छात्राओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि अगर कॉलेज के बाहर कोई भी शोहदा किसी भी छात्रा से अभद्रता करता है तो वे तत्काल पुलिस को सूचना देगी।
यातायात प्रभारी निरीक्षक सुभाष यादव ने कहा कि जब आप घर से निकलते हैं तो माता-पिता आपकी कुशलता की दुआ करते हैं। उनकी इस दुआ पर खरे उतरिए। सड़क पर हमेशा बाएं चलें। जल्दबाजी में भीड़ के समय साइकिल व दोपहिया वाहन इधर-उधर से न निकालें। दोपहिया वाहन पर हेलमेट व ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। अपने घर के लोगों को भी यही बताएं। उन्होंने छात्रों से कहा कि यातायात नियमों का पालन करके खुद को सुरक्षित रखें और जुर्माना और चालान की कार्रवाई से बचें।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में महारानी लक्ष्मीबाई जिमनेजिम के उपाध्यक्ष देवी सिंह कुशवाहा, बुंदेलखंड सेवा मंडल के महामंत्री सालिगराम, उपमहामंत्री हरीशंकर राय, महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कॉलेज के कोषाध्यक्ष गजानन खानवलकर, प्रबंधक पवन कुमार ओझा, बाल मंदिर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्या ऊषा बुधौलिया, प्रधानाचार्य अरविंद ओझा मौजूद रहे।

ये सीख दी
- वाहन चलाते हैं तो हेलमेट लगाएं, लाइसेंस साथ रखें
- स्मार्ट फोन जैसे गैजेट्स का सकारात्मक उपयोग करें
- सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियां शेयर न करें
- बार-बार फ्रेंड रिक्वेस्ट या एसएमएस भेजना अपराध है
- ठेस पहुंचाने वाले फोटो-मेसेज न डालें, न लाइक करें

लड़कियों के सिर लोहे के होते हैं क्या?
छात्र शिव विशाल दुबे ने ने सवाल किया कि चेकिंग के दौरान पुलिस हेलमेट न पहनने वाले युवकोें को तो पकड़ती है, लेकिन इसी बीच स्कूटी सवार लड़कियोें को नहीं पकड़ा जाता, क्या उनके सिर लोहे के होते हैं। इस पर टीएसआई सुभाष यादव ने कहा कि लड़कियों का चालान किया जाता है, इसके लिए महिला पुलिसकर्मियां चेकिंग भी करती हैं।

फोटो...तनवी तिवारी- छात्रा
सवाल- पचकुईयां चौराहा से कुछ टैक्सियां अंदर जाती हैं तो कुछ को रोका जाता है ? तनवी तिवारी- छात्रा
जवाब- शहर में भीड़भाड़ को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है। तिपहिया वाहनों को अंदर जाने की रोक है। ऐसे में एंबुलेंस, स्कूली वाहन या फिर परेशान लोगोें को जाने की अनुमति है।

फोटो... दीक्षा कुशवाहा - छात्रा
सवाल - सादा कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी को कैसे पहचानेंगे? दीक्षा कुशवाहा - छात्रा
जवाब- आपको पहचानने की जरूरत नहीं है। सादा कपड़ों में वह शोहदों व मनचलों की धरपकड़ के लिए कॉलेज, चौराहों पर में तैनात रहकर कार्रवाई करती हैं।

फोटो... अदनान - छात्र
सवाल- पुलिस की गाड़ियां रात में सायरन बजाकर क्यों चलती हैं? अदनान - छात्र
जवाब- रात में वाहन मेें सवार पुलिसकर्मी गश्त के दौरान सायरन बजाकर निकलते हैं। जिससे घटना को अंजाम देने वाले छुटपुट बदमाशोें को पता चल सके कि पुलिस गश्त पर है।


फोटो........ अंश सोनी - छात्र
सवाल - रिश्वत देने वालों पर पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं करती। अंश सोनी - छात्र
जवाब- रिश्वत देना व लेना दोनों अपराध हैं। कानून का पालन करें, किसी की हिम्मत नहीं कि कोई रिश्वत मांग सके। शिकायत करिए पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।

फोटो.... पायल सिसौदिया - छात्रा
सवाल - पुलिसकर्मी हेलमेट नहीं पहनते। पायल सिसौदिया - छात्रा
जवाब- कानून सभी के लिए बराबर है। चेकिंग के दौरान कई बार पुलिसकर्मियों पर का भी चालान कर जुर्माना वसूला गया है। अभियान के दौरान पुलिस पर भी कार्रवाई होती है।

फोटो... एस ताम्रकार - छात्र
सवाल - बड़ाबाजार में बीच सड़क सवारी भरते हैं टैक्सी चालक ? एस ताम्रकार - छात्र
जवाब- ऐसे टैक्सी चालकोें पर यातायात के साथ कोतवाली पुलिस भी चालान करती है। इसके लिए जल्द ही यातायात विभाग अभियान भी चलाने जा रहा है।
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