{"_id":"59f497df4f1c1bec538b9bca","slug":"31509201887-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वातावरण में और घुलेगी ठंडक-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वातावरण में और घुलेगी ठंडक-City
Updated Sat, 28 Oct 2017 08:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वातावरण में और घुलेगी ठंडक
- अगले सप्ताह 18 डिग्री तक लुढ़केगा न्यूनतम पारा
- अधिकतम तापमान में भी आएगी 3 डिग्री तक कमी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिले के वातावरण में और ठंडक घुलने वाली है। सोमवार सेे न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है। वहीं, अधिकतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस साल अच्छी ठंड पड़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगामी 4-5 दिनों में हवाएं उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से तीन से नौ किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलेंगी। न्यूनतम आर्र्दता 40 व अधिकतम 60 फीसदी रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34-35 और न्यूनतम 18-19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है।
बॉक्स..
किसान इनका रखें ध्यान
- किसान भाई खरीफ की पकी फसलों की कटाई करें।
- पलेवा करके मूंगफली की जल्द खुदाई करके सुखाकर भंडारण करें।
- खरपतवार नष्ट करने को खाली खेतों की डिस्क हैरो चलाकर जुताई कर पाटा लगाएं।
- बारानी दशा में चना, मटर, मसूर, अलसी, राई-सरसों, जौ की बुवाई पलेवा करके उचित नमी पर करें।
- गेहूं की बुवाई को उन्नत बीजों खाद, उर्वरक की उचित व्यवस्था कर लें।
- सिंचाई जल कम होने से गेहूं के स्थान पर कम पानी वाली तिलहनी, दलहनी फसलें ही लगाएं।
- दलहनी फसलों को खरपतवार से मुक्त रखने के लिए पेंडीमेथिलीन 3.3 लीटर 800 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर बुवाई के बाद फ्लेट फैन नोजिल से छिड़कें।
बॉक्स..
जल, मृदा संरक्षण के लिए ये करें
खाली खेतों की गहरी जुताई करते समय पाटा जरूर लगाए रखें, ताकि उचित नमी पर बारानी दशा में राई-सरसों, अलसी, चना, मटर व मसूर की सह फसली की बुवाई समय पर हो सके। रोपाई किए गए सभी फलदार वृक्षों जैसे आम, पपीता, बेर, आंवला, बेल, अमरूद, नीबू, जामुन तथा वानिकी वृक्षों जैसे शीशम, सीरस, नीम आदि की सिंचाई के साथ-साथ उचित देखभाल करते रहें।
विज्ञापन
बॉक्स..
शाकभाजी के लिए ये करें
- फूलगोभी, पत्तगोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन की रोपाई करें। पालक, धनिया, मैथी की बुवाई करें।
- पूर्व में लगी सब्जियों में कीट के नियंत्रण के लिए निम्बीसिडीन दो लीटर और जब फसलों की तुड़ाई 10-15 दिन बाद करनी हो तो मोनोक्रोटोफॉस एक लीटर को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
विज्ञापन
- अगले सप्ताह 18 डिग्री तक लुढ़केगा न्यूनतम पारा
- अधिकतम तापमान में भी आएगी 3 डिग्री तक कमी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिले के वातावरण में और ठंडक घुलने वाली है। सोमवार सेे न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है। वहीं, अधिकतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस साल अच्छी ठंड पड़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगामी 4-5 दिनों में हवाएं उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से तीन से नौ किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलेंगी। न्यूनतम आर्र्दता 40 व अधिकतम 60 फीसदी रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34-35 और न्यूनतम 18-19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है।
विज्ञापन
बॉक्स..
किसान इनका रखें ध्यान
- किसान भाई खरीफ की पकी फसलों की कटाई करें।
- पलेवा करके मूंगफली की जल्द खुदाई करके सुखाकर भंडारण करें।
- खरपतवार नष्ट करने को खाली खेतों की डिस्क हैरो चलाकर जुताई कर पाटा लगाएं।
- बारानी दशा में चना, मटर, मसूर, अलसी, राई-सरसों, जौ की बुवाई पलेवा करके उचित नमी पर करें।
- गेहूं की बुवाई को उन्नत बीजों खाद, उर्वरक की उचित व्यवस्था कर लें।
- सिंचाई जल कम होने से गेहूं के स्थान पर कम पानी वाली तिलहनी, दलहनी फसलें ही लगाएं।
- दलहनी फसलों को खरपतवार से मुक्त रखने के लिए पेंडीमेथिलीन 3.3 लीटर 800 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर बुवाई के बाद फ्लेट फैन नोजिल से छिड़कें।
बॉक्स..
जल, मृदा संरक्षण के लिए ये करें
खाली खेतों की गहरी जुताई करते समय पाटा जरूर लगाए रखें, ताकि उचित नमी पर बारानी दशा में राई-सरसों, अलसी, चना, मटर व मसूर की सह फसली की बुवाई समय पर हो सके। रोपाई किए गए सभी फलदार वृक्षों जैसे आम, पपीता, बेर, आंवला, बेल, अमरूद, नीबू, जामुन तथा वानिकी वृक्षों जैसे शीशम, सीरस, नीम आदि की सिंचाई के साथ-साथ उचित देखभाल करते रहें।
विज्ञापन
बॉक्स..
शाकभाजी के लिए ये करें
- फूलगोभी, पत्तगोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन की रोपाई करें। पालक, धनिया, मैथी की बुवाई करें।
- पूर्व में लगी सब्जियों में कीट के नियंत्रण के लिए निम्बीसिडीन दो लीटर और जब फसलों की तुड़ाई 10-15 दिन बाद करनी हो तो मोनोक्रोटोफॉस एक लीटर को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।