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निलंबित स्टेनो की विभागीय जांच भी शुरू

Wed, 09 Aug 2017 02:12 AM IST
Updated Wed, 09 Aug 2017 02:12 AM IST
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निलंबित स्टेनो की विभागीय जांच भी शुरू
निलंबित स्टेनो की विभागीय जांच भी शुरू
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झांसी। सेना की गोपनीय सूचना लीक करने की जांच के घेरे में फंसे निलंबित स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार को जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा उसकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एटीएस की रिपोर्ट के बाद कमिश्नर ने यह कार्रवाई की है।
उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय से सेना की गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में एटीएस राघवेंद्र अहिरवार पर शिकंजा कसे हुए है। आरोप है कि एसडीएम कार्यालय में तैनात रहते हुए स्टेनो साल 2009 से सेना की सूचनाएं लीक करता आ रहा है। इस साल ही में अब तक वह सोलह बार सूचनाएं लीक करा चुका है। स्टेनो द्वारा यह सूचनाएं नौ डिजिट के एक मोबाइल नंबर पर उपलब्ध कराई जाती रही हैं। एटीएस ने यह रिपोर्ट मंडलायुक्त को दी है। इस पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने सोमवार को स्टेनो को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को उसे निलंबन अवधि तक के लिए जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इसके अलावा विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। कमिश्नर ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विजय बहादुर सिंह को जांच अधिकारी बनाया है।
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रडार पर रिश्तेदार
एटीएस ने स्टेनो राघवेंद्र और उसकी पत्नी की बैंक की पासबुक पहले ही अपने कब्जे में ले ली है। उनके सभी बैंक खातों में होने वाले लेनदेन को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा उसकी परिसंपत्तियों की भी जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार अब एटीएस के निशाने पर राघवेंद्र के रिश्तेदार भी आ गए हैं। एटीएस को संभावना है कि सेना की सूचनाएं लीक करने के एवज में मिलने वाली रकम स्टेनो ने अपने रिश्तेदारों के नाम से भी ठिकाने लगा सकता है। इसी बिंदु पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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सहमे हैं कलेक्ट्रेट के कर्मचारी
सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले की एटीएस द्वारा की जा रही जांच से कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी सहमे हुए हैं। एटीएस राघवेंद्र के अलावा चार अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर चुकी है। अन्य कर्मचारियों को आशंका है कि एटीएस उनके भी फोन सर्विलांस पर लिए हुए है। मंगलवार को राघवेंद्र अपर जिलाधिकारी कार्यालय में अपनी सीट पर दिन भर मौजूद रहा। इस दौरान अन्य कर्मचारी उससे घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।
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