{"_id":"5f0777fe8ebc3e63666cca8b","slug":"30-carore-payment-done-to-mobile-app-jhansi-news-jhs171154421","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल एप से हुआ तीस करोड़ से अधिक का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल एप से हुआ तीस करोड़ से अधिक का भुगतान
विज्ञापन
मोबाइल
- फोटो : ??????
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। कोरोना संक्रमण के चलते भारतीय डाक विभाग ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) की एक मोबाइल एप को लांच किया था। इस एप के माध्यम से किसी भी अन्य बैंक की खाते में धनराशि को भेजा जा सकता है। कोरोना काल में एप के माध्यम से तीस करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
कोरोना काल में मोबाइल एप द्वारा अपने आवर्ती खाता, सुकन्या खाता, डाकघर में संचालित पीपीएफ खाता की धनराशी के साथ ही मोबाइल रिचार्ज, केबल कनेक्शन, इंश्योरेंस की किस्त का भुगतान, बिजली बिल का भुगतान व घरेलू गैस के सिलिंडर का भुगतान भी किया गया। इसके अलावा डीबीटी कि धनराशि आपके खाते में प्राप्त होने के बाद घर बैठे ही डाक विभाग के कर्मचारी से भुगतान प्राप्त किया गया है। वहीं समस्त वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी व पेंशनर भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते से भुगतान किया है।
इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए अधिक से अधिक लोगों को आईपीपीबी एप की जानकारी दी गई थी। जिसके चलते लोगों को तीस करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना काल में मोबाइल एप द्वारा अपने आवर्ती खाता, सुकन्या खाता, डाकघर में संचालित पीपीएफ खाता की धनराशी के साथ ही मोबाइल रिचार्ज, केबल कनेक्शन, इंश्योरेंस की किस्त का भुगतान, बिजली बिल का भुगतान व घरेलू गैस के सिलिंडर का भुगतान भी किया गया। इसके अलावा डीबीटी कि धनराशि आपके खाते में प्राप्त होने के बाद घर बैठे ही डाक विभाग के कर्मचारी से भुगतान प्राप्त किया गया है। वहीं समस्त वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी व पेंशनर भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते से भुगतान किया है।
विज्ञापन
इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए अधिक से अधिक लोगों को आईपीपीबी एप की जानकारी दी गई थी। जिसके चलते लोगों को तीस करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन