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Jhansi News: नई उड़ान को तैयार हो रहे युवाओं के 27 स्टार्टअप
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत सूबे के पहले इन्क्यूबेशन सेंटर ने अपना काम आरंभ कर दिया है। पहले बैच में शामिल 27 स्टार्टअप को विशेषज्ञ आगे बढ़ने के लिए काम की बारीकियां सिखा रहे हैं। अगले नौ माह में ये स्टार्टअप अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेंगे। निगम अफसरों का कहना है कि हर नौ माह में एक नए बैच को चुनकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
नगर निगम परिसर के अंदर 23.54 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन्क्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। झांसी राइजिंग नाम से बना यह तीन मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर किसी स्मार्ट सिटी का पहला केंद्र है। अफसरों के मुताबिक इसके जरिये जिनके पास कारोबार का आइडिया है, उनको स्टार्टअप शुरू करने में मदद की जा रही है। पहले बैच में 27 स्टार्टअप चुने गए हैं। इन सभी को इन्क्यूबेशन सेंटर में काम करने के स्थान समेत कंप्यूटर व आधुनिक सुविधाएं एवं विशेषज्ञों की सलाह दी जा रही है।
स्टार्टअप को तकनीकी तौर पर सक्षम बनाने के लिए वेबसाइट और एप बनाने में भी मदद दी जाती है। सीईओ एवं नगर आयुक्त सत्यप्रकाश का कहना है कि पहले बैच में चुने गए स्टार्टअप को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद दूसरा बैच भी आरंभ होगा।
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इनसेट
इन स्टार्टअप को मिली जगह
इन्क्यूबेशन सेंटर के पहले बैच में सर्वेश गौतम का हैपी पॉट, श्रेयांश का इनसाइड एजूमेट, निष्ठा मिश्रा का फर्स्ट शाॅट टेक, सुमन वर्मा का हिलो टेक, आर्यमन मेहरोत्रा का हॉस्टल नियर मी, फरहान हाशमी की एडवेंचर बॉडी, अनमोल दुबे का बुकवाला, हर्षित सिंह का जादूमेंटर्स, राहुल सरावगी का बर्गर बडी, संजय दीक्षित का एसएफएस, सिद्धांत का ग्रीन एंड ग्रे, संचित का जिओ वाश, आलोक का किया स्मार्ट कैब एवं करन का नो योर हीरो समेत कुल 27 स्टार्टअप शामिल हैं। खास बात यह कि ये सभी युवा झांसी के हैं।
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झांसी का ई-कामर्स प्लेटफार्म तैयार कर रहा युवक
बहुप्रतिष्ठित ई-कामर्स साइट की तर्ज पर झांसी निवासी सिद्धांत यहां के लिए ई-कामर्स प्लेटफार्म तैयार करने की कोशिश में हैं। इंजीनियरिंग कर चुके सिद्धांत का कहना है कि मार्केट रिसर्च पर मालूम चला कि 80 प्रतिशत लोग ई-कामर्स से ऐसी चीज मंगवाते हैं, जिसकी उनको तुरंत आवश्यकता होती है। लोकल ई-कामर्स प्लेटफार्म के जरिये झांसी के तमाम मल्टी ब्रांड विक्रेताओं को उनसे जोड़ा जाएगा। एक क्लिक में लोगों को इसकी सुविधा मिलेगी।
-- -- -- -- बारहवीं के दो छात्रों के भी स्टार्टअप शामिल
इन्क्यूबेशन सेंटर के पहले बैच में बारहवीं के दो छात्रों के स्टार्टअप को भी चुना गया। इसमें बारहवीं में पढ़ने वाले श्रेयांश का इनसाइड एजूमेट और अक्षांश लोगिया का इवेंट मैनेजमेंट पर केंद्रित इवेंटोग्रॉफी शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों छात्रों की मौलिक सोच की बदौलत यह स्टार्टअप आगे बढ़ेगा।
नौ सदस्यीय समिति करती है स्क्रीनिंग
इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए स्टार्टअप चुनने का काम सीईओ की अगुवाई में गठित नौ सदस्यीय समिति करती है। इसमें सीईओ समेत अपर नगर आयुक्त, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी, प्रबंधक, मेडिकल कॉलेज एवं कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर समेत दो अन्य शामिल किए गए हैं।
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झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत सूबे के पहले इन्क्यूबेशन सेंटर ने अपना काम आरंभ कर दिया है। पहले बैच में शामिल 27 स्टार्टअप को विशेषज्ञ आगे बढ़ने के लिए काम की बारीकियां सिखा रहे हैं। अगले नौ माह में ये स्टार्टअप अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेंगे। निगम अफसरों का कहना है कि हर नौ माह में एक नए बैच को चुनकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
नगर निगम परिसर के अंदर 23.54 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन्क्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। झांसी राइजिंग नाम से बना यह तीन मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर किसी स्मार्ट सिटी का पहला केंद्र है। अफसरों के मुताबिक इसके जरिये जिनके पास कारोबार का आइडिया है, उनको स्टार्टअप शुरू करने में मदद की जा रही है। पहले बैच में 27 स्टार्टअप चुने गए हैं। इन सभी को इन्क्यूबेशन सेंटर में काम करने के स्थान समेत कंप्यूटर व आधुनिक सुविधाएं एवं विशेषज्ञों की सलाह दी जा रही है।
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स्टार्टअप को तकनीकी तौर पर सक्षम बनाने के लिए वेबसाइट और एप बनाने में भी मदद दी जाती है। सीईओ एवं नगर आयुक्त सत्यप्रकाश का कहना है कि पहले बैच में चुने गए स्टार्टअप को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद दूसरा बैच भी आरंभ होगा।
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इनसेट
इन स्टार्टअप को मिली जगह
इन्क्यूबेशन सेंटर के पहले बैच में सर्वेश गौतम का हैपी पॉट, श्रेयांश का इनसाइड एजूमेट, निष्ठा मिश्रा का फर्स्ट शाॅट टेक, सुमन वर्मा का हिलो टेक, आर्यमन मेहरोत्रा का हॉस्टल नियर मी, फरहान हाशमी की एडवेंचर बॉडी, अनमोल दुबे का बुकवाला, हर्षित सिंह का जादूमेंटर्स, राहुल सरावगी का बर्गर बडी, संजय दीक्षित का एसएफएस, सिद्धांत का ग्रीन एंड ग्रे, संचित का जिओ वाश, आलोक का किया स्मार्ट कैब एवं करन का नो योर हीरो समेत कुल 27 स्टार्टअप शामिल हैं। खास बात यह कि ये सभी युवा झांसी के हैं।
झांसी का ई-कामर्स प्लेटफार्म तैयार कर रहा युवक
बहुप्रतिष्ठित ई-कामर्स साइट की तर्ज पर झांसी निवासी सिद्धांत यहां के लिए ई-कामर्स प्लेटफार्म तैयार करने की कोशिश में हैं। इंजीनियरिंग कर चुके सिद्धांत का कहना है कि मार्केट रिसर्च पर मालूम चला कि 80 प्रतिशत लोग ई-कामर्स से ऐसी चीज मंगवाते हैं, जिसकी उनको तुरंत आवश्यकता होती है। लोकल ई-कामर्स प्लेटफार्म के जरिये झांसी के तमाम मल्टी ब्रांड विक्रेताओं को उनसे जोड़ा जाएगा। एक क्लिक में लोगों को इसकी सुविधा मिलेगी।
इन्क्यूबेशन सेंटर के पहले बैच में बारहवीं के दो छात्रों के स्टार्टअप को भी चुना गया। इसमें बारहवीं में पढ़ने वाले श्रेयांश का इनसाइड एजूमेट और अक्षांश लोगिया का इवेंट मैनेजमेंट पर केंद्रित इवेंटोग्रॉफी शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों छात्रों की मौलिक सोच की बदौलत यह स्टार्टअप आगे बढ़ेगा।
नौ सदस्यीय समिति करती है स्क्रीनिंग
इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए स्टार्टअप चुनने का काम सीईओ की अगुवाई में गठित नौ सदस्यीय समिति करती है। इसमें सीईओ समेत अपर नगर आयुक्त, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी, प्रबंधक, मेडिकल कॉलेज एवं कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर समेत दो अन्य शामिल किए गए हैं।