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कोरोना की तीसरी लहर से पहले मिले 2567 कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चे
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झांसी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले संभव अभियान के तहत जिले में 2567 कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चे मिले हैं। तीन महीने तक चले अभियान के दौरान इन बच्चों को चिह्नित कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराया जा रहा है।
बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए संभव अभियान जुलाई से शुरू हुआ था। गंभीर अति कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के लिए चलाए इस अभियान में 2266 कुपोषित और 301 अति कुपोषित मिलाकर 2567 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। अगस्त में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के घरों में भ्रमण करके विटामिन ए सीरप की महत्ता, पोषाहार के सही प्रयोग बताने के साथ गंभीर बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर परीक्षण कर इलाज का कार्य कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षण के अंतर्गत बच्चे की लंबाई, चौड़ाई, वजन, खून की जांच और एक्सरे किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ जिन जांचों के लिए सलाह देंगे, वह जांच कराई जाएगी। बाल रोग विशेषज्ञ भर्ती करने की सलाह देंगे तो पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा।
कहां, कितने अति कुपोषित बच्चे मिले
बबीना में 24 अति गंभीर कुपोषित बच्चे चिह्नित हुए हैं। जबकि, बामौर में 38, बंगरा में 27, बड़ागांव में 33, चिरगांव में 40, गुरसराय में 31, मऊरानीपुर में 34, मोंठ में 53 और शहरी क्षेत्र में 21 चिह्नित किए गए हैं।
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बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए संभव अभियान जुलाई से शुरू हुआ था। गंभीर अति कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के लिए चलाए इस अभियान में 2266 कुपोषित और 301 अति कुपोषित मिलाकर 2567 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। अगस्त में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के घरों में भ्रमण करके विटामिन ए सीरप की महत्ता, पोषाहार के सही प्रयोग बताने के साथ गंभीर बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर परीक्षण कर इलाज का कार्य कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षण के अंतर्गत बच्चे की लंबाई, चौड़ाई, वजन, खून की जांच और एक्सरे किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ जिन जांचों के लिए सलाह देंगे, वह जांच कराई जाएगी। बाल रोग विशेषज्ञ भर्ती करने की सलाह देंगे तो पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा।
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कहां, कितने अति कुपोषित बच्चे मिले
बबीना में 24 अति गंभीर कुपोषित बच्चे चिह्नित हुए हैं। जबकि, बामौर में 38, बंगरा में 27, बड़ागांव में 33, चिरगांव में 40, गुरसराय में 31, मऊरानीपुर में 34, मोंठ में 53 और शहरी क्षेत्र में 21 चिह्नित किए गए हैं।
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