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जेडीए की 25 हजार फाइलें होंगी डिजिटल
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झांसी। प्लाट एवं अवैध निर्माणों की फाइलों में होने वाली छेड़छाड़ को खत्म करने के लिए झांसी विकास प्राधिकरण ने अपने सभी दस्तावेजों को डिजिटल कराने का काम शुरू किया है। इस दौरान कुल 25 हजार फाइलें डिजिटल की जाएंगीं। सभी पुराने नक्शे भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखे जाएंगे।
जेडीए की सीमा करीब 690 वर्ग किलो मीटर तक फैली हुई है। ऐसे मेें आवासीय मामलों से जुड़ी फाइलों का यहां अंबार लगा रहता है। जेडीए में फाइलों के साथ छेड़खानी करने के आरोप काफी समय से लगते रहे हैं। जेडीए के प्लॉट से लेकर लेआउट एवं स्वीकृत मानचित्र से जुड़े कई अहम कागज भी फाइलोें से गायब करा दिए जाते हैं। ध्वस्तीकरण से जुड़ी तमाम अहम फाइलें तक बिल्डरों ने मिलीभगत करके गुम करा दी हैं। अब बाबूओं के इस खेल में लगाम कसने की तैयारी है। प्राधिकरण ने सभी फाइलों को डिजिटल कराने का फैसला किया है। जेडीए अफसरों के मुताबिक जेडीए गठन के बाद से अब तक की सभी फाइलें डिजिटल की जाएंगी। इसमें करीब 25 हजार फाइलें डिजिटल होंगी। यह काम यूपी इलेक्ट्रिनिक्स के माध्यम से कराया जा रहा है। इसी तरह जितने मानचित्र अब तक पारित किए गए, वह भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखे जाएंगे। प्राधिकरण के आवासीय एवं व्यवासयिक संपत्तियों के विवरण भी सुरक्षित रखे जाएंगे। वहीं, जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित का कहना है यह कार्य आरंभ करा दिया गया। तीन माह के भीतर यह काम पूरा करा लिया जाएगा।
अब जेडीए में ही तैयार होंगे बड़े नक्शे
प्लाटों के नक्शों की कॉपी तैयार करने के लिए निजी एजेंसियों का सहारा लिया जाता था। सरकारी महकमे भी इन्हीं निजी एजेंसियों के सहारे अपने नक्शे तैयार कराते थे लेकिन, अब प्राधिकरण ने इस परेशानी को दूर करने के लिए प्लाटर यहां मंगवाई है। प्राधिकरण अफसरों के मुताबिक इसकी मदद से पौने तीन फुट बाई चार फुट के बड़े नक्शे भी बनाए जा सकेंगे। प्राधिकरण यह सुविधा सभी को उपलब्ध कराएगा। यूजर चार्ज चुकाकर कोई भी व्यक्ति इसकी मदद से नक्शे की कॉपी अब तैयार करा सकेगा।
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जेडीए की सीमा करीब 690 वर्ग किलो मीटर तक फैली हुई है। ऐसे मेें आवासीय मामलों से जुड़ी फाइलों का यहां अंबार लगा रहता है। जेडीए में फाइलों के साथ छेड़खानी करने के आरोप काफी समय से लगते रहे हैं। जेडीए के प्लॉट से लेकर लेआउट एवं स्वीकृत मानचित्र से जुड़े कई अहम कागज भी फाइलोें से गायब करा दिए जाते हैं। ध्वस्तीकरण से जुड़ी तमाम अहम फाइलें तक बिल्डरों ने मिलीभगत करके गुम करा दी हैं। अब बाबूओं के इस खेल में लगाम कसने की तैयारी है। प्राधिकरण ने सभी फाइलों को डिजिटल कराने का फैसला किया है। जेडीए अफसरों के मुताबिक जेडीए गठन के बाद से अब तक की सभी फाइलें डिजिटल की जाएंगी। इसमें करीब 25 हजार फाइलें डिजिटल होंगी। यह काम यूपी इलेक्ट्रिनिक्स के माध्यम से कराया जा रहा है। इसी तरह जितने मानचित्र अब तक पारित किए गए, वह भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखे जाएंगे। प्राधिकरण के आवासीय एवं व्यवासयिक संपत्तियों के विवरण भी सुरक्षित रखे जाएंगे। वहीं, जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित का कहना है यह कार्य आरंभ करा दिया गया। तीन माह के भीतर यह काम पूरा करा लिया जाएगा।
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अब जेडीए में ही तैयार होंगे बड़े नक्शे
प्लाटों के नक्शों की कॉपी तैयार करने के लिए निजी एजेंसियों का सहारा लिया जाता था। सरकारी महकमे भी इन्हीं निजी एजेंसियों के सहारे अपने नक्शे तैयार कराते थे लेकिन, अब प्राधिकरण ने इस परेशानी को दूर करने के लिए प्लाटर यहां मंगवाई है। प्राधिकरण अफसरों के मुताबिक इसकी मदद से पौने तीन फुट बाई चार फुट के बड़े नक्शे भी बनाए जा सकेंगे। प्राधिकरण यह सुविधा सभी को उपलब्ध कराएगा। यूजर चार्ज चुकाकर कोई भी व्यक्ति इसकी मदद से नक्शे की कॉपी अब तैयार करा सकेगा।
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