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248 गर्भवती गंभीर जोखिम में, 23 की हो भी चुकी मौत
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झांसी। जिले की 248 गर्भवती महिलाएं गंभीर जोखिम में हैं। अप्रैल से जुलाई तक हुई जांचों में हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) की श्रेणी में इन्हें चिह्नित किया गया है। इसके अलावा 23 महिलाओं की मौत भी हो चुकी है, जिसमें 10 झांसी की रहने वाली महिलाएं हैं।
बुंदेलखंड में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी की समस्या काफी पुरानी है। समय रहते इन महिलाओं को चिह्नित कर इलाज कर लिया जाए, इसके लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर गर्भवतियों की कई जांचें की जाती हैं, इन्हीं में खून की जांच भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जुलाई तक 13128 महिलाओं की खून समेत तमाम जांच की गईं। इनमें 248 उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाएं चिह्नित की गई हैं। वहीं, झांसी की रहने वाली 10 और आसपास के जनपदों की 13 गर्भवती महिलाओं की मौत भी हो गई। इसमें प्रसवाक्षेप (इकलेप्सिया) से 6, पोस्टमार्टम हेमरेज (पीपीएच) से 4, सेप्सिस से 2, अवरुद्ध प्रसव से एक और 10 अन्य कारणों से मौतें हुई हैं। झांसी में बामौर ब्लॉक में 4, गुरसराय में 3 और मोंठ, मऊरानीपुर, जिला महिला अस्पताल में एक-एक मौत हो गई है।
ये है मानक
ब्लड यूनिट स्थिति
7 ग्राम से नीचे गंभीर एनिमिक
नौ ग्राम तक मध्यम एनिमिक
11 ग्राम से ऊपर सामान्य
ऐसा रखें खानपान
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाएं अंडा, मछली, साबुत अनाज, दालें, सोयाबीन, चुकंदर, पालक, सूखे मेवे और शहर आदि का सेवन करें। इससे तेजी से शरीर में आयरन की पूर्ति होती है। दूसरे जरूरी तत्व भी शरीर को प्राप्त हो जाते हैं। इसके अलावा विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लें। खाना पकाने के लिए लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल करें। समय-समय पर जांच कराते रहें और डॉक्टर की सलाह पर डाइट चार्ट बनाएं।
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बुंदेलखंड में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी की समस्या काफी पुरानी है। समय रहते इन महिलाओं को चिह्नित कर इलाज कर लिया जाए, इसके लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर गर्भवतियों की कई जांचें की जाती हैं, इन्हीं में खून की जांच भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जुलाई तक 13128 महिलाओं की खून समेत तमाम जांच की गईं। इनमें 248 उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाएं चिह्नित की गई हैं। वहीं, झांसी की रहने वाली 10 और आसपास के जनपदों की 13 गर्भवती महिलाओं की मौत भी हो गई। इसमें प्रसवाक्षेप (इकलेप्सिया) से 6, पोस्टमार्टम हेमरेज (पीपीएच) से 4, सेप्सिस से 2, अवरुद्ध प्रसव से एक और 10 अन्य कारणों से मौतें हुई हैं। झांसी में बामौर ब्लॉक में 4, गुरसराय में 3 और मोंठ, मऊरानीपुर, जिला महिला अस्पताल में एक-एक मौत हो गई है।
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ये है मानक
ब्लड यूनिट स्थिति
7 ग्राम से नीचे गंभीर एनिमिक
नौ ग्राम तक मध्यम एनिमिक
11 ग्राम से ऊपर सामान्य
ऐसा रखें खानपान
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाएं अंडा, मछली, साबुत अनाज, दालें, सोयाबीन, चुकंदर, पालक, सूखे मेवे और शहर आदि का सेवन करें। इससे तेजी से शरीर में आयरन की पूर्ति होती है। दूसरे जरूरी तत्व भी शरीर को प्राप्त हो जाते हैं। इसके अलावा विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लें। खाना पकाने के लिए लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल करें। समय-समय पर जांच कराते रहें और डॉक्टर की सलाह पर डाइट चार्ट बनाएं।
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