{"_id":"5a0b08c84f1c1b78548bcefa","slug":"21510672584-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चार मंजिला नई बैरक में रहेंगे सिपाही-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब चार मंजिला नई बैरक में रहेंगे सिपाही-City
Updated Tue, 14 Nov 2017 09:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो..
जल्द सुविधाजनक बैरकों में रहेंगे सिपाही
पुलिस लाइन के सामने चल रहा है निर्माण
अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अंग्रेजों के जमाने की बैरकों में रहने वाले सिपाहियों को रहने के लिए जल्द की सुविधाजनक बैरकें मिल जाएगी। पुलिस लाइन के सामने उनके रहने के लिए चार मंजिला बैरकों के बनाने का कार्य चल रहा है जो अगले साल जून के महीने तक पूरा हो जाएगा।
पुलिस लाइन में तैनात अधिकांश सिपाही बैरकों में रहते हैं। इनमें कई सुविधाएं न होने के कारण सिपाहियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग सिपाहियों की सुविधा के लिए पुलिस लाइन के पास ही चार मंजिला बैरक का निर्माण करवा रहा है। जिसमें 208 सिपाहियों के रहने की व्यवस्था होगी। सोलह हजार वर्ग मीटर में बन रही चार मंजिला इमारत में 13 बैरकों का निर्माण हो रहा है। सात करोड़ चौतीस लाख रुपये बनने वाली बैरकों का निर्माण कार्य अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा। प्रत्येक बैरक में 16 सिपाहियाें की रहने की व्यवस्था होगी। यह इमारतें पूरी तरह से भूकंप रोधी होगी।
1907 में बनी थी पुलिस लाइन
जिले की पुलिस लाइन अंग्रेजों के समय में सन 1907 में निर्माण हुआ था। इसी दौरान ये बैरकें भी बनाईं गईं थी। समय बीतने के बाद पुलिस लाइन में तो सुविधाएं बढ़ाई गईं। लेकिन, आज भी बैरकों की हालत वहीं है। यहां रहने वाले सिपाहियों के लिए सुविधाओं की खासी कमी है। यहां की दीवारें जीर्णशीर्ण हालत में हैं। सर्दी व बरसात के मौसम में तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। साथ ही शौचालय बैरकों से काफी दूर होने के कारण भी समस्या पैदा होती है।
विज्ञापन
यह मिलेगी सुविधा
पहली मंजिल की बैरक कई सुविधाओं से लैस होगी। इसमें सिपाहियों के मनोरंजन के लिए मनोरंजन हॉल भी बनेगा। इसमें टीवी से लेकर किताबें व अखबार पढ़ने की सुविधा मिलेगी। साथ ही डायनिंग हॉल, विजिटर रूम, कॉरीडोर की भी सुविधाएं होगी।
फोटो....
तेजी से हो रहा निर्माण कार्य
निर्माणकार्य कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेस यूनिट 36 जल निगम द्वारा तेजी के साथ किया जा रहा है। कार्य अगले जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
मोहम्मद अबरार
जूनियर इंजीनियर
सीएनडीएस, यूनिट 36
जल निगम, झांसी
विज्ञापन
जल्द सुविधाजनक बैरकों में रहेंगे सिपाही
पुलिस लाइन के सामने चल रहा है निर्माण
अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अंग्रेजों के जमाने की बैरकों में रहने वाले सिपाहियों को रहने के लिए जल्द की सुविधाजनक बैरकें मिल जाएगी। पुलिस लाइन के सामने उनके रहने के लिए चार मंजिला बैरकों के बनाने का कार्य चल रहा है जो अगले साल जून के महीने तक पूरा हो जाएगा।
पुलिस लाइन में तैनात अधिकांश सिपाही बैरकों में रहते हैं। इनमें कई सुविधाएं न होने के कारण सिपाहियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग सिपाहियों की सुविधा के लिए पुलिस लाइन के पास ही चार मंजिला बैरक का निर्माण करवा रहा है। जिसमें 208 सिपाहियों के रहने की व्यवस्था होगी। सोलह हजार वर्ग मीटर में बन रही चार मंजिला इमारत में 13 बैरकों का निर्माण हो रहा है। सात करोड़ चौतीस लाख रुपये बनने वाली बैरकों का निर्माण कार्य अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा। प्रत्येक बैरक में 16 सिपाहियाें की रहने की व्यवस्था होगी। यह इमारतें पूरी तरह से भूकंप रोधी होगी।
विज्ञापन
1907 में बनी थी पुलिस लाइन
जिले की पुलिस लाइन अंग्रेजों के समय में सन 1907 में निर्माण हुआ था। इसी दौरान ये बैरकें भी बनाईं गईं थी। समय बीतने के बाद पुलिस लाइन में तो सुविधाएं बढ़ाई गईं। लेकिन, आज भी बैरकों की हालत वहीं है। यहां रहने वाले सिपाहियों के लिए सुविधाओं की खासी कमी है। यहां की दीवारें जीर्णशीर्ण हालत में हैं। सर्दी व बरसात के मौसम में तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। साथ ही शौचालय बैरकों से काफी दूर होने के कारण भी समस्या पैदा होती है।
विज्ञापन
यह मिलेगी सुविधा
पहली मंजिल की बैरक कई सुविधाओं से लैस होगी। इसमें सिपाहियों के मनोरंजन के लिए मनोरंजन हॉल भी बनेगा। इसमें टीवी से लेकर किताबें व अखबार पढ़ने की सुविधा मिलेगी। साथ ही डायनिंग हॉल, विजिटर रूम, कॉरीडोर की भी सुविधाएं होगी।
फोटो....
तेजी से हो रहा निर्माण कार्य
निर्माणकार्य कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेस यूनिट 36 जल निगम द्वारा तेजी के साथ किया जा रहा है। कार्य अगले जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
मोहम्मद अबरार
जूनियर इंजीनियर
सीएनडीएस, यूनिट 36
जल निगम, झांसी