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दुर्र्घटनाग्रस्त होने से बची प्रतापगढ़ भोपाल एक्सप्रेस-City
Updated Sun, 20 Aug 2017 07:19 PM IST
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टूटी पटरी से गुजरी प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस
चालक की सावधानी से बची दुर्घटना
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
रेल मंडल के मलासा और पुखरायां स्टेशन के बीच रविवार की रात प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस के 12 कोच टूटी पटरी (रेल फैक्चर) से होकर गुजर गए। गनीमत रही कि समय पर चालक ने ट्रेन को रोक दिया, जिससे हादसा नहीं हो सका। रेल पथ निरीक्षक की अनुमति पर ही ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ाया गया। घटना के कारण एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही।
रविवार की रात प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस कानपुर से उरई की तरफ दौड़ रही थी, तभी रात करीब 1.27 बजे मलासा और पुखरायां स्टेशन के मध्य किलोमीटर नंबर 1296/22 पर ट्रेन चालक सोबरन सिंह को जर्क (झटका) महसूस हुआ। किसी अप्रिय घटना का अहसास होने पर चालक ने ट्रेन को धीमा कर मौके पर रोक लिया। बाद में गार्ड आरके मिश्रा ने पटरियों की जांच की तो इंजन से 12वीं बोगी के नीचे उनको पटरी टूटी (रेल फैक्चर) मिल गई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हो सका। सूचना पर रेल पथ निरीक्षक मौके पर पहुंच गए। बाद में उनकी अनुमति पर ट्रेन को दस किलोमीटर की धीमी रफ्तार से आगे बढ़ाया गया। ट्रेन के निकलने के बाद रेल फैक्चर को ठीक किया गया।
अभी भूला नहीं दर्द
विगत 20 नवंबर 2016 को तड़के 3.03 बजे पुखरायां और मलासा के बीच इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। 14 डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसमें 152 यात्रियों की मौत व 200 से अधिक जख्मी हो गए थे। हादसे के बाद झांसी-कानपुर के बीच अलग-अलग सेक्शनों में 60 किलोमीटर पटरी बदलने के लिए बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें अकेले चौरा, पुखरायां, मलासा, लालपुर और पामा के बीच 36 किलोमीटर पटरी बदलने का काम चल रहा है।
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चालक की सावधानी से बची दुर्घटना
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
रेल मंडल के मलासा और पुखरायां स्टेशन के बीच रविवार की रात प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस के 12 कोच टूटी पटरी (रेल फैक्चर) से होकर गुजर गए। गनीमत रही कि समय पर चालक ने ट्रेन को रोक दिया, जिससे हादसा नहीं हो सका। रेल पथ निरीक्षक की अनुमति पर ही ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ाया गया। घटना के कारण एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही।
रविवार की रात प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस कानपुर से उरई की तरफ दौड़ रही थी, तभी रात करीब 1.27 बजे मलासा और पुखरायां स्टेशन के मध्य किलोमीटर नंबर 1296/22 पर ट्रेन चालक सोबरन सिंह को जर्क (झटका) महसूस हुआ। किसी अप्रिय घटना का अहसास होने पर चालक ने ट्रेन को धीमा कर मौके पर रोक लिया। बाद में गार्ड आरके मिश्रा ने पटरियों की जांच की तो इंजन से 12वीं बोगी के नीचे उनको पटरी टूटी (रेल फैक्चर) मिल गई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हो सका। सूचना पर रेल पथ निरीक्षक मौके पर पहुंच गए। बाद में उनकी अनुमति पर ट्रेन को दस किलोमीटर की धीमी रफ्तार से आगे बढ़ाया गया। ट्रेन के निकलने के बाद रेल फैक्चर को ठीक किया गया।
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अभी भूला नहीं दर्द
विगत 20 नवंबर 2016 को तड़के 3.03 बजे पुखरायां और मलासा के बीच इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। 14 डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसमें 152 यात्रियों की मौत व 200 से अधिक जख्मी हो गए थे। हादसे के बाद झांसी-कानपुर के बीच अलग-अलग सेक्शनों में 60 किलोमीटर पटरी बदलने के लिए बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें अकेले चौरा, पुखरायां, मलासा, लालपुर और पामा के बीच 36 किलोमीटर पटरी बदलने का काम चल रहा है।
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