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जीएसटी: समरी रिटर्न लेट फीस के साथ ही दाखिल,,-City

Tue, 17 Oct 2017 09:34 PM IST
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:34 PM IST
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जीएसटी: समरी रिटर्न लेट फीस के साथ ही दाखिल,,-City
अगस्त की माफ नहीं की गई पेनाल्टी
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- जीएसटी : कारोबारियों को देरी से रिटर्न दाखिल करने पर देना होगा लेट-फीस के साथ ब्यौरा

- सितंबर का समरी रिटर्न 20 अक्तूबर तक जमा होगा

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगस्त की पेनाल्टी माफ नहीं की गई है। जीएसटी में पंजीकृत कारोबारी अगस्त के समरी रिटर्न (जीएसटीआर 3 बी) को लेकर भ्रम में न रहें। देरी से रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों को लेट-फीस के साथ ही ब्यौरा देना है। ऐसा करने पर ही कारोबारी सितंबर का समरी रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। सितंबर का समरी रिटर्न 20 अक्तूबर तक दाखिल होना है।
जीएसटी में हर महीने रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों को चार तरह से रिटर्न दाखिल करना है। महीने की पांच तारीख को जीएसटीआर-1 (बिक्री का ब्यौरा), दस तारीख को जीएसटीआर-2 (खरीद का ब्यौरा), पंद्रह तक जीएसटी-3 (टैक्स का ब्यौरा) और बीस तक जीएसटीआर-3 बी समरी रिटर्न (बिक्री, खरीद और टैक्स का ब्यौरा ) दाखिल करना है। सरकार ने अभी कारोबारियों से सिर्फ महीने की 20 तारीख तक समरी रिटर्न दाखिल करने के आदेश दे रखे हैं। 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर दो सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी का प्रावधान है।
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जीएसटी काउंसिल ने जुलाई में देरी से रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों की पेनाल्टी माफ कर दी थी। मगर, जब कारोबारियों ने अगस्त का रिटर्न 20 सितंबर के बाद दाखिल किया, तो ऑनलाइन सिस्टम में पेनाल्टी भी साथ आ रही है। इससे व्यापारियों में भ्रम पैदा हो गया कि काउंसिल ने जब लेट पेनाल्टी फीस माफ कर रखी है, तो उसका सिस्टम में आना गलत है। जबकि, काउंसिल ने जुलाई के रिटर्न पर ही सिर्फ पेनाल्टी माफ की थी।
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जिन कारोबारियों के रिटर्न दाखिल करने पर सिस्टम में पेनाल्टी लगकर आ रही है, उनका अगला भी रिटर्न तब दाखिल होगा, जब वे पेनाल्टी जमा कर देंगे।
एसएस मिश्रा, जॉइंट कमिश्नर (कार्यपालक)।


ये भी जानिए
समाधान योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को तीन महीने में रिटर्न दाखिल करना पड़ता है। वैट में पंजीकृत ऐसे व्यापारी, जो जीएसटी लगने के बाद समाधान योजना के विकल्प को नहीं भर सके थे, उनको योजना में दोबारा वापस आने के लिए 16 अक्तूबर से 30 सितंबर तक मौका दिया गया था। इस योजना में वे कारोबारी भी लाभ ले सकते थे, जिन्होंने जीएसटी में नया पंजीकरण कराया था। आदेश आया है कि जिन कारोबारियों ने 16 अगस्त के बाद समाधान योजना का लाभ लिया है, उनको जुलाई, अगस्त और सितंबर का एक साथ समरी रिटर्न दाखिल करना है।
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