{"_id":"5c5c31eebdec2273ed39b7ac","slug":"181549545966-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ अभियान में लापरवाही पड़ी महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ अभियान में लापरवाही पड़ी महंगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओडीएफ अभियान में लापरवाही पड़ी महंगी
ललितपुर। जिलाधिकारी ने विकासखंड बार में ग्राम पंचायत टौरिया एवं सूरीखुर्द में निर्माणाधीन व्यक्तिगत शौचालयों एवं एलओबी शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 50 शौचालयों की धनराशि उपलब्ध कराने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। जिस पर उन्होंने शासकीय योजनाओं के संपादन में लापरवाही बरतने के आरोप में ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ उनकी एफआईआर कराने के निर्देश।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने ग्राम टौरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में 125 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि दी गई थी, जिसके सापेक्ष 104 की जियो टैगिंग अवशेष थी, जिसमें किसी भी शौचालय पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं पाया गया। ग्राम टौरिया में निरीक्षण के मौके पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत गिरजा शंकर निरंजन को ग्राम में व्यक्तिगत शौचालयों का कार्य प्रारंभ कराते हुये अगले 02 दिनों में प्रगति आख्या उपलब्ध कराने के लिये निर्देशित किया गया। निरीक्षण में पाया कि ग्राम में 08 माह पूर्व शौचालयों की धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी, उसके बाद भी अब तक कार्य पूर्ण नहीं कराया गया और न ही लाभार्थियों को शौचालयों की धनराशि आवंटित की गई। उक्त के अतिरिक्त इस ग्राम में एलओबी के अंतर्गत 50 शौचालयों की धनराशि विगत 15 दिन पूर्व उपलब्ध करा दी गयी थी, लेकिन अभी तक किसी भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख दिखाते हुए सहायक विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि एलओबी के अंतर्गत निर्मित किये जाने वाले सभी व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य 15 दिन में अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, साथ ही शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध करायी जाये। शौचालय निर्माण कार्य में शैलेंद्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा एमआईएस फीडिंग करा दी गई है, जबकि मौके पर कोई प्रारंभ नहीं कराया गया है। वहीं, ग्राम प्रधान रेखा लिटौरिया द्वारा लापरवाही बरती गयी। शौचालयों के निर्माण कार्य को समय से पूर्ण नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
इस पर जिलाधिकारी ने शासकीय योजनाओं के संपादन में लापरवाही बरतने और गंभीरता से नहीं लेने के कारण ग्राम प्रधान रेखा लिटौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने एवं शैलेंद्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने एवं एफआईआर कराने के निर्देश दिये। इस मौके पर निरीक्षण दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत गिरजाशंकर निरंजन एवं तबस्सुम जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन उपस्थित रहीं। इसके उपरांत डीएम ने ब्लाक बार के ही ग्राम सूरीखुर्द का निरीक्षण किया।
पाया कि ग्राम में 239 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालयों के निर्माण हेतु धनराशि 1 वर्ष पूर्व दी गई थी, जिसके सापेक्ष 21 शौचालयों की जियो टैगिंग अब तक अवशेष थी, जिसमें से किसी भी शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है। सुरेन्द्र सिंह राजपूत व अन्य ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि धीरेन्द्र द्वारा शौचालय की धनराशि के चैक आवंटन के बदले 1000 रु की मांग लाभार्थियों से की जाती है। इस प्रकार शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य में ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेन्द्र कुमार द्वारा अनावश्यक रूप से बाधा करने, अपने पदीय दायित्वों का अपेक्षानुसार/यथा समय निर्वहन नहीं करने तथा अवैध रुप से पैसे की मांग करने के आरोप में धीरेन्द्र कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये गए। वहीं, गिरजा शंकर निरंजन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का पर्यवेक्षण शिथिल होने एवं सम्बन्धित जानकारी नहीं होने के कारण उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया।
विज्ञापन
ललितपुर। जिलाधिकारी ने विकासखंड बार में ग्राम पंचायत टौरिया एवं सूरीखुर्द में निर्माणाधीन व्यक्तिगत शौचालयों एवं एलओबी शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 50 शौचालयों की धनराशि उपलब्ध कराने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। जिस पर उन्होंने शासकीय योजनाओं के संपादन में लापरवाही बरतने के आरोप में ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ उनकी एफआईआर कराने के निर्देश।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने ग्राम टौरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण में 125 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि दी गई थी, जिसके सापेक्ष 104 की जियो टैगिंग अवशेष थी, जिसमें किसी भी शौचालय पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं पाया गया। ग्राम टौरिया में निरीक्षण के मौके पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत गिरजा शंकर निरंजन को ग्राम में व्यक्तिगत शौचालयों का कार्य प्रारंभ कराते हुये अगले 02 दिनों में प्रगति आख्या उपलब्ध कराने के लिये निर्देशित किया गया। निरीक्षण में पाया कि ग्राम में 08 माह पूर्व शौचालयों की धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी, उसके बाद भी अब तक कार्य पूर्ण नहीं कराया गया और न ही लाभार्थियों को शौचालयों की धनराशि आवंटित की गई। उक्त के अतिरिक्त इस ग्राम में एलओबी के अंतर्गत 50 शौचालयों की धनराशि विगत 15 दिन पूर्व उपलब्ध करा दी गयी थी, लेकिन अभी तक किसी भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख दिखाते हुए सहायक विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि एलओबी के अंतर्गत निर्मित किये जाने वाले सभी व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य 15 दिन में अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, साथ ही शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध करायी जाये। शौचालय निर्माण कार्य में शैलेंद्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा एमआईएस फीडिंग करा दी गई है, जबकि मौके पर कोई प्रारंभ नहीं कराया गया है। वहीं, ग्राम प्रधान रेखा लिटौरिया द्वारा लापरवाही बरती गयी। शौचालयों के निर्माण कार्य को समय से पूर्ण नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
इस पर जिलाधिकारी ने शासकीय योजनाओं के संपादन में लापरवाही बरतने और गंभीरता से नहीं लेने के कारण ग्राम प्रधान रेखा लिटौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने एवं शैलेंद्र कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने एवं एफआईआर कराने के निर्देश दिये। इस मौके पर निरीक्षण दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत गिरजाशंकर निरंजन एवं तबस्सुम जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन उपस्थित रहीं। इसके उपरांत डीएम ने ब्लाक बार के ही ग्राम सूरीखुर्द का निरीक्षण किया।
पाया कि ग्राम में 239 लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालयों के निर्माण हेतु धनराशि 1 वर्ष पूर्व दी गई थी, जिसके सापेक्ष 21 शौचालयों की जियो टैगिंग अब तक अवशेष थी, जिसमें से किसी भी शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है। सुरेन्द्र सिंह राजपूत व अन्य ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि धीरेन्द्र द्वारा शौचालय की धनराशि के चैक आवंटन के बदले 1000 रु की मांग लाभार्थियों से की जाती है। इस प्रकार शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य में ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेन्द्र कुमार द्वारा अनावश्यक रूप से बाधा करने, अपने पदीय दायित्वों का अपेक्षानुसार/यथा समय निर्वहन नहीं करने तथा अवैध रुप से पैसे की मांग करने के आरोप में धीरेन्द्र कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये गए। वहीं, गिरजा शंकर निरंजन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का पर्यवेक्षण शिथिल होने एवं सम्बन्धित जानकारी नहीं होने के कारण उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया।