{"_id":"5bc39e06bdec22693257ac04","slug":"181539546630-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसुताओं के आहार पर अस्पताल कर्मियों का डाका-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसुताओं के आहार पर अस्पताल कर्मियों का डाका-City
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रसूताओं के आहार पर अस्पताल कर्मियों का डाका
झांसी। महिला अस्पताल में प्रसूताओं को दिए जाने वाले आहार पर अस्पताल के कर्मचारी ही डाका डाल रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा। लापरवाही का आलम यह है कि नाश्ते में दिये जाने वाले कच्चे दूध को गर्म करवाने के लिए प्रसूताओं को पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दोपहर में दिया जाने वाले भोजन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। शाम को सिर्फ नाम के लिए ही दलिया दिया जाता है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में भर्ती के दौरान नॉरमल डिलीवरी के बाद 48 घंटे और सिजेरियन को आठ से दस दिन अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। इस दौरान भर्ती मरीजों के लिए खाने की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही की जाती है। प्रसूताओं को भर्ती के दौरान पौष्टिक आहार देने के लिए सरकार के द्वारा लाखों रुपये का बजट दिया जाता है, जिससे की मरीजों को समय पर आहार मिल सके, लेकिन महिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में गड़बड़झाला देखने को मिल रहा है। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।
अस्पताल में सुबह, दोपहर और शाम को दिए जाने वाला आहार 90 रुपये का होता है। सुबह के नाश्ते में दूध का पैकेट, ब्रेड, और दलिया ही दिया जा रहा है। दूध को बाहर से गर्म करवाने के लिए दस रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दोपहर में प्रसूताओं को किसी भी तरह का आहार नहीं दिया जा रहा है। वहीं, शाम को सिर्फ दलिया दिया जा रहा है जो पर्याप्त मात्रा में नहीं होने पर प्रसूताओं को भूखा ही रहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया था। नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा हुआ है। सुबह नाश्ते में दूध, दलिया और ब्रेड दिया जाता है। दोपहर में खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। बाजार से ही खाना मंगवा कर खा रहे हैं। शाम का थोड़ा ही दलिया दिया जाता है।
अनीता, मरीज सीपरी बाजार
शनिवार को दोपहर में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम को खाने में सिर्फ दलिया ही दिया गया था। सुबह के समय काफी इंतजार के बाद दलिया, कच्चा दूध का पैकेट और ब्रेड दिया गया था। शाम को काफी देर बाद सिर्फ दलिया ही दिया गया।
रूबिना, मरीज, खुशीपुरा
बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती हुई थी। दलिया, दूध, और ब्रेड के अलावा फल या अंडा कभी नहीं दिया जाता है। जो भी खाना हो बाजार से खरीदकर ही लाना पड़ता है। अस्पताल की ओर से कभी कोई भी जानकारी लेने के लिए नहीं आया।
रूबी, मरीज चिरगांव
अस्पताल में प्रसूताओं को सुबह, देापहर और शाम को मेन्यू के अनुसार पौष्टिक आहार देने का नियम है। यदि तीनों समय पौष्टिक और पर्याप्त आहार नहीं दिया जा रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुशील प्रकाश, सीएमओ
विज्ञापन
झांसी। महिला अस्पताल में प्रसूताओं को दिए जाने वाले आहार पर अस्पताल के कर्मचारी ही डाका डाल रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा। लापरवाही का आलम यह है कि नाश्ते में दिये जाने वाले कच्चे दूध को गर्म करवाने के लिए प्रसूताओं को पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दोपहर में दिया जाने वाले भोजन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। शाम को सिर्फ नाम के लिए ही दलिया दिया जाता है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में भर्ती के दौरान नॉरमल डिलीवरी के बाद 48 घंटे और सिजेरियन को आठ से दस दिन अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। इस दौरान भर्ती मरीजों के लिए खाने की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही की जाती है। प्रसूताओं को भर्ती के दौरान पौष्टिक आहार देने के लिए सरकार के द्वारा लाखों रुपये का बजट दिया जाता है, जिससे की मरीजों को समय पर आहार मिल सके, लेकिन महिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में गड़बड़झाला देखने को मिल रहा है। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल में सुबह, दोपहर और शाम को दिए जाने वाला आहार 90 रुपये का होता है। सुबह के नाश्ते में दूध का पैकेट, ब्रेड, और दलिया ही दिया जा रहा है। दूध को बाहर से गर्म करवाने के लिए दस रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दोपहर में प्रसूताओं को किसी भी तरह का आहार नहीं दिया जा रहा है। वहीं, शाम को सिर्फ दलिया दिया जा रहा है जो पर्याप्त मात्रा में नहीं होने पर प्रसूताओं को भूखा ही रहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया था। नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा हुआ है। सुबह नाश्ते में दूध, दलिया और ब्रेड दिया जाता है। दोपहर में खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। बाजार से ही खाना मंगवा कर खा रहे हैं। शाम का थोड़ा ही दलिया दिया जाता है।
अनीता, मरीज सीपरी बाजार
शनिवार को दोपहर में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम को खाने में सिर्फ दलिया ही दिया गया था। सुबह के समय काफी इंतजार के बाद दलिया, कच्चा दूध का पैकेट और ब्रेड दिया गया था। शाम को काफी देर बाद सिर्फ दलिया ही दिया गया।
रूबिना, मरीज, खुशीपुरा
बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती हुई थी। दलिया, दूध, और ब्रेड के अलावा फल या अंडा कभी नहीं दिया जाता है। जो भी खाना हो बाजार से खरीदकर ही लाना पड़ता है। अस्पताल की ओर से कभी कोई भी जानकारी लेने के लिए नहीं आया।
रूबी, मरीज चिरगांव
अस्पताल में प्रसूताओं को सुबह, देापहर और शाम को मेन्यू के अनुसार पौष्टिक आहार देने का नियम है। यदि तीनों समय पौष्टिक और पर्याप्त आहार नहीं दिया जा रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुशील प्रकाश, सीएमओ