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टैक्स: आयकर रिटर्न-City
Updated Mon, 31 Jul 2017 09:38 PM IST
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नहीं चली साइट, दाखिल नहीं हो सके रिटर्न
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पांच अगस्त तक बढ़ाई तिथि
आयकर कार्यालय में मैन्युअल लिए गए फार्म
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आयकर रिटर्न भरने के लिए सोमवार को चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिवक्ताओं के ऑफिस में ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के लिए कर दाताओं की भीड़ रही, लेकिन साइट न चलने के कारण रिटर्न दाखिल नहीं हो सके। आयकर कार्यालय में जरूर 50 करदाताओं ने मैन्युअल रिटर्न दाखिल किए। हालांकि, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने करदाताओं की समस्या को देखते हुए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर पांच अगस्त कर दी है।
31 जुलाई को आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि थी। चूंकि, ऑनलाइन रिटर्न से गलतियों की संभावना नहीं रहती है और आयकरदाता ऑफिस के चक्कर लगाने से बच जाते हैं। इस कारण सोमवार को सुबह से ही को चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिवक्ताओं के ऑफिस में करदाताओं की भीड़ लगी रही। मगर, इनकम टैक्स की वेबसाइट न चलने कारण शाम तक रिटर्न दाखिल नहीं हो सके। करदाता बार-बार ऑफिसों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनको हर बार मायूस होकर लौटना पड़ा। हालांकि, आयकर कार्यालय में पांच लाख से कम आय वाले करदाता मैन्युअल रिटर्न दाखिल करते रहे। सोमवार को करीब 50 करदाताओं ने अपने मैन्युअल रिटर्न दाखिल किए। अभी तक पांच सौ करदाता मैन्युअल रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। हालांकि, शाम को रिटर्न भरने की अंतिम तिथि पांच अगस्त होने पर राहत देने का काम किया।
इसलिए जरूरी है
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष व महिलाओं को तीन लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
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रिटर्न दाखिल करने के लाभ
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पेन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते है।
समय से रिटर्न भरने का फायदा
अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न (गलती को संशोधन कराके) दाखिल कर सकते है। वैसे अंतिम तिथि के बाद 30 मार्च तक रिटर्न भरा जा सकता है, मगर रिवाइज्ड रिटर्न का फायदा नहीं मिलता। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। ऑडिट कंपनियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता है।
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नहीं चली साइट, दाखिल नहीं हो सके रिटर्न
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पांच अगस्त तक बढ़ाई तिथि
आयकर कार्यालय में मैन्युअल लिए गए फार्म
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आयकर रिटर्न भरने के लिए सोमवार को चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिवक्ताओं के ऑफिस में ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के लिए कर दाताओं की भीड़ रही, लेकिन साइट न चलने के कारण रिटर्न दाखिल नहीं हो सके। आयकर कार्यालय में जरूर 50 करदाताओं ने मैन्युअल रिटर्न दाखिल किए। हालांकि, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने करदाताओं की समस्या को देखते हुए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर पांच अगस्त कर दी है।
31 जुलाई को आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि थी। चूंकि, ऑनलाइन रिटर्न से गलतियों की संभावना नहीं रहती है और आयकरदाता ऑफिस के चक्कर लगाने से बच जाते हैं। इस कारण सोमवार को सुबह से ही को चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिवक्ताओं के ऑफिस में करदाताओं की भीड़ लगी रही। मगर, इनकम टैक्स की वेबसाइट न चलने कारण शाम तक रिटर्न दाखिल नहीं हो सके। करदाता बार-बार ऑफिसों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनको हर बार मायूस होकर लौटना पड़ा। हालांकि, आयकर कार्यालय में पांच लाख से कम आय वाले करदाता मैन्युअल रिटर्न दाखिल करते रहे। सोमवार को करीब 50 करदाताओं ने अपने मैन्युअल रिटर्न दाखिल किए। अभी तक पांच सौ करदाता मैन्युअल रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। हालांकि, शाम को रिटर्न भरने की अंतिम तिथि पांच अगस्त होने पर राहत देने का काम किया।
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इसलिए जरूरी है
केंद्रीय आयकर प्रत्यक्ष बोर्ड ने निश्चित राशि से अधिक संपत्ति, सामान की खरीद फरोख्त, निवेश या किसी को सेवाएं प्रदान करने पर आवश्यक रूप से टैक्स काटने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। आयकर विभाग ने पुरुष व महिलाओं को तीन लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये व 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट प्रदान कर रखी हैं। विभाग ने पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक कर रखी है। पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
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रिटर्न दाखिल करने के लाभ
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पेन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते है।
समय से रिटर्न भरने का फायदा
अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न (गलती को संशोधन कराके) दाखिल कर सकते है। वैसे अंतिम तिथि के बाद 30 मार्च तक रिटर्न भरा जा सकता है, मगर रिवाइज्ड रिटर्न का फायदा नहीं मिलता। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। ऑडिट कंपनियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता है।