{"_id":"5968ef7f4f1c1b80248b46fa","slug":"181500049279-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालीहा महोत्सव-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चालीहा महोत्सव-City
Updated Fri, 14 Jul 2017 09:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
-----
चालीहा व्रत महोत्सव का शुरू
सब हेड - सिंधी समाज के श्रद्धालु चालीस दिन रखेंगे व्रत
भगवान झूलेलाल के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भगवान झूलेलाल का चालीहा महोत्सव शुक्रवार से शुरू हो गया हैं, जिसमें सिंधी समाज के सदस्य ब्रह्मचर्य का पालन कर चालीस दिन का व्रत करेंगे। पूज्य सिंधी पंचायत भवन शहर में सुबह श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान झूलेलाल के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई।
महोत्सव के शुभारंभ पर सरदार भाई अंगराज सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब के चालीहा पाठ साहिब का प्रारंभ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति प्रज्वलित की और भजन गाए। पवित्र ज्योति का पूजन व लोगों को व्रत पं. कपिल शर्मा ने धारण कराया। पूज्य सिंधी पंचायत झांसी शहर के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैनवानी ने कहा कि व्रत महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन सुबह 8 और रात 8:30 बजे आरती होगी। इसके बाद सत्संग होगा, जिसमें समाज के संत प्रवचन देंगे।
इस अवसर पर बीडी आनंददानी, कीरत राम, मनोहर लाल फबयानी, राम गोविंदराम मंगलानी, सुनील नैनवानी, हरीश हसानी, सुनील हीरवानी, बसंत रंगलानी, भावना चंचलानी, लाजवंती गोदवानी, रुकमणी देवी, दीपक चंदानी, राजकुमार बसरानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बाक्स
सावन में शुरू होता है चालीहा व्रत महोत्सव
श्री भगवान झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव का शुभारंभ सावन में होता है, जो चालीस दिनों का व्रत है। चालीस दिन पूर्ण होने पर इसका समापन होता है और प्रज्वलित पवित्र ज्योति को पवित्र नदी में भक्ति भाव से विसर्जित किया जाता है। अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैनवानी ने बताया कि सिंधी समाज में जल और ज्योति की पूजा का विशेष महत्व है। चालीस दिन के व्रत में व्रत धारक कई कडे़ नियमों का पालन करता है, इनमें ब्रह्मचर्य रखना, बाल, दाढ़ी न कटवाना और दिन में एक बार सात्विक भोजन करना है।
दतिया में 1947 से प्रज्वलित है सिंध से आयी ज्योति
सिंधी समाज के कई धर्मस्थलों व मंदिरों में सदियों और वर्षों से पवित्र अखंड ज्योति प्रज्वलित है। भगवान वरुण देव को साक्षी मानकर सिंधी समाज ज्योति को प्रज्वलित करता हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 1007 वर्षों से ज्योति निरंतर प्रज्वलित है। बुंदेलखंड के दतिया जिले में पूज्य संत हजारी राम पंचायत में 1947 से पवित्र ज्योति लगातार प्रज्वलित है, जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रोहिणी स्थित मंदिर से सिंधी समाज के लोग लाए थे। पंचायत में 1948 से लगातार ज्योति स्नान महोत्सव आयोजित हो रहा है। महोत्सव में नवरात्र व्रत का बड़ा महत्व है। नौ दिन के यह व्रत 15 जुलाई से शुरू होंगे। महोत्सव 10 दिनों का होता है।
विज्ञापन
-----
चालीहा व्रत महोत्सव का शुरू
सब हेड - सिंधी समाज के श्रद्धालु चालीस दिन रखेंगे व्रत
भगवान झूलेलाल के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भगवान झूलेलाल का चालीहा महोत्सव शुक्रवार से शुरू हो गया हैं, जिसमें सिंधी समाज के सदस्य ब्रह्मचर्य का पालन कर चालीस दिन का व्रत करेंगे। पूज्य सिंधी पंचायत भवन शहर में सुबह श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान झूलेलाल के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई।
महोत्सव के शुभारंभ पर सरदार भाई अंगराज सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब के चालीहा पाठ साहिब का प्रारंभ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति प्रज्वलित की और भजन गाए। पवित्र ज्योति का पूजन व लोगों को व्रत पं. कपिल शर्मा ने धारण कराया। पूज्य सिंधी पंचायत झांसी शहर के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैनवानी ने कहा कि व्रत महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन सुबह 8 और रात 8:30 बजे आरती होगी। इसके बाद सत्संग होगा, जिसमें समाज के संत प्रवचन देंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर बीडी आनंददानी, कीरत राम, मनोहर लाल फबयानी, राम गोविंदराम मंगलानी, सुनील नैनवानी, हरीश हसानी, सुनील हीरवानी, बसंत रंगलानी, भावना चंचलानी, लाजवंती गोदवानी, रुकमणी देवी, दीपक चंदानी, राजकुमार बसरानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बाक्स
सावन में शुरू होता है चालीहा व्रत महोत्सव
श्री भगवान झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव का शुभारंभ सावन में होता है, जो चालीस दिनों का व्रत है। चालीस दिन पूर्ण होने पर इसका समापन होता है और प्रज्वलित पवित्र ज्योति को पवित्र नदी में भक्ति भाव से विसर्जित किया जाता है। अध्यक्ष चंद्र प्रकाश नैनवानी ने बताया कि सिंधी समाज में जल और ज्योति की पूजा का विशेष महत्व है। चालीस दिन के व्रत में व्रत धारक कई कडे़ नियमों का पालन करता है, इनमें ब्रह्मचर्य रखना, बाल, दाढ़ी न कटवाना और दिन में एक बार सात्विक भोजन करना है।
दतिया में 1947 से प्रज्वलित है सिंध से आयी ज्योति
सिंधी समाज के कई धर्मस्थलों व मंदिरों में सदियों और वर्षों से पवित्र अखंड ज्योति प्रज्वलित है। भगवान वरुण देव को साक्षी मानकर सिंधी समाज ज्योति को प्रज्वलित करता हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 1007 वर्षों से ज्योति निरंतर प्रज्वलित है। बुंदेलखंड के दतिया जिले में पूज्य संत हजारी राम पंचायत में 1947 से पवित्र ज्योति लगातार प्रज्वलित है, जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रोहिणी स्थित मंदिर से सिंधी समाज के लोग लाए थे। पंचायत में 1948 से लगातार ज्योति स्नान महोत्सव आयोजित हो रहा है। महोत्सव में नवरात्र व्रत का बड़ा महत्व है। नौ दिन के यह व्रत 15 जुलाई से शुरू होंगे। महोत्सव 10 दिनों का होता है।