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Jhansi News: अगले दशक तक सिंचित हो जाएगी 17,488 हेक्टेयर सूखाग्रस्त जमीन

Tue, 30 Jun 2026 02:34 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Tue, 30 Jun 2026 02:34 AM IST
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17,488 hectares of drought-prone land will be irrigated by the next decade
झांसी। सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के लिए केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट नई उम्मीद लेकर आया है। करीब 50 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से झांसी की 17,488 हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद अगले एक दशक में खेती का स्वरूप बदल जाएगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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करीब 17 साल तक फाइलों में अटकी रही केन-बेतवा लिंक परियोजना को केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में मंजूरी दी थी। इसके बाद परियोजना की डीपीआर और तकनीकी प्रक्रियाओं पर काम चल रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य केन और बेतवा नदियों को जोड़ना है। इसके लिए 221 किलोमीटर लंबी लिंक कैनाल बनाई जाएगी। इसके जरिये केन नदी का पानी बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा।
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यह लिंक कैनाल पन्ना स्थित दौंधन बांध से बरुआसागर बांध तक बनाई जाएगी। परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2035 रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक डिजाइन फाइनल होने के बाद करीब छह साल में निर्माण कार्य पूरा किया जा सकेगा।
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झांसी जिले में करीब 21 किलोमीटर लंबी नहर गुजरेगी। इसके लिए 10 गांवों में 271 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नहर बनने के बाद जिले के कई बांधों में सालभर पानी उपलब्ध रहेगा। खासतौर पर खपरार और सपरार जैसे सूखे रहने वाले बांधों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्य अभियंता देवेश शुक्ला के मुताबिक परियोजना से झांसी की 17,488 हेक्टेयर, बांदा की 1,92,479 हेक्टेयर, महोबा की 37,564 हेक्टेयर और ललितपुर की 3,533 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे कुल 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 66.77 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पेयजल भी उपलब्ध कराया जाएगा।

ये काम भी कराए जाएंगे

पारीछा वीयर, बरुआसागर वीयर और बरियारपुर वीयर की मरम्मत एवं क्षमता वृद्धि
लागत : 350 करोड़ रुपये

बांदा में केन नहर प्रणाली का सुधार
लागत : 1191.51 करोड़ रुपये

महोबा के तालाब और बांधों की मरम्मत
लागत : 510 करोड़ रुपये

बांदा और पैलानी में दो बैराज का निर्माण
लागत : 2000 करोड़ रुपये

इस तरह होगा पानी का बंटवारा
उत्तर प्रदेश
कुल पानी : 17000 लाख क्यूबिक मीटर

मानसून अवधि : 9500 लाख क्यूबिक मीटर

गैर मानसून अवधि : 7500 लाख क्यूबिक मीटर
मध्य प्रदेश
कुल पानी : 23500 लाख क्यूबिक मीटर
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