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जलसंस् थान: तीन हजार से ऊपर वालों को भेज रहा नोटिस-City
Updated Sat, 01 Sep 2018 03:00 AM IST
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तीन हजार रुपये से ज्यादा बकाया, तो मिलेगा नोटिस
झांसी।जलसंस्थान ने खर्चे निकालने के लिए बकायेदारों से वसूली पर जोर देना शुरू कर दिया है। तीन हजार से ऊपर वाले सभी बकायेदारों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही अवैध कनेक्शन काटने की तैयारी चल रही है।
जलसंस्थान में एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2017 तक के भुगतानों में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कर रहा है। जांच के कारण भी पिछले डेढ़ साल से शासन ने जलसंस्थान को सामग्री खरीद और मरम्मत कार्य के लिए कोई नया बजट नहीं दिया है। संस्थान में अधिकारी और कर्मचारियों के लिए वेतन तक के लाले पड़े रहे हैं। इस कारण विभाग ने बकाएदारों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ने का फैसला किया है। विभाग ने पहले चरण में तीन हजार से ऊपर के पांच हजार बकायेदारों को चिह्नित किया है। इन सभी को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके अलावा पिछले दो माह में वसूली कर्मचारियों ने 250 अवैध कनेक्शनों को भी चिह्नित किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि वह स्वयं सभी अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के साथ क्षेत्रों में घूमकर कनेक्शनों की जांच करेंगे। इस दौरान सभी अनधिकृत कनेक्शनों को काटने का काम होगा। इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
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यह भी जानिए
नगर में भवनों की तुलना में काफी कम संख्या में कनेक्शन लिए गए हैं। वहीं, जिन्होंने कनेक्शन ले रखा है, उनमें भी तीन हजार से अधिक उपभोक्ता दस करोड़ से ज्यादा के बकाएदार हैं। यानी, उनसे बिल वसूली की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से महानगर में हजारों अवैध कनेक्शन के चलते जल संस्थान को हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। विभाग की पूरे जनपद में वार्षिक आय साढ़े सात से आठ करोड़ के इर्द गिर्द सीमित रह गई है। मालूम हो कि नगर निगम में 1.25 लाख भवन पंजीकृत हैं, जबकि जलसंस्थान में कनेक्शनों की संख्या 38 हजार ही है।
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झांसी।जलसंस्थान ने खर्चे निकालने के लिए बकायेदारों से वसूली पर जोर देना शुरू कर दिया है। तीन हजार से ऊपर वाले सभी बकायेदारों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही अवैध कनेक्शन काटने की तैयारी चल रही है।
जलसंस्थान में एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2017 तक के भुगतानों में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कर रहा है। जांच के कारण भी पिछले डेढ़ साल से शासन ने जलसंस्थान को सामग्री खरीद और मरम्मत कार्य के लिए कोई नया बजट नहीं दिया है। संस्थान में अधिकारी और कर्मचारियों के लिए वेतन तक के लाले पड़े रहे हैं। इस कारण विभाग ने बकाएदारों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ने का फैसला किया है। विभाग ने पहले चरण में तीन हजार से ऊपर के पांच हजार बकायेदारों को चिह्नित किया है। इन सभी को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके अलावा पिछले दो माह में वसूली कर्मचारियों ने 250 अवैध कनेक्शनों को भी चिह्नित किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी है।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि वह स्वयं सभी अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के साथ क्षेत्रों में घूमकर कनेक्शनों की जांच करेंगे। इस दौरान सभी अनधिकृत कनेक्शनों को काटने का काम होगा। इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
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नगर में भवनों की तुलना में काफी कम संख्या में कनेक्शन लिए गए हैं। वहीं, जिन्होंने कनेक्शन ले रखा है, उनमें भी तीन हजार से अधिक उपभोक्ता दस करोड़ से ज्यादा के बकाएदार हैं। यानी, उनसे बिल वसूली की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से महानगर में हजारों अवैध कनेक्शन के चलते जल संस्थान को हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। विभाग की पूरे जनपद में वार्षिक आय साढ़े सात से आठ करोड़ के इर्द गिर्द सीमित रह गई है। मालूम हो कि नगर निगम में 1.25 लाख भवन पंजीकृत हैं, जबकि जलसंस्थान में कनेक्शनों की संख्या 38 हजार ही है।