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सिवकि एमीनिटीज- नगर निगम का रिबाइज बजट-City
Updated Sun, 12 Nov 2017 09:06 PM IST
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अंडरग्राउंड पार्किंग की उम्मीद जगी
सब हेड: स्मार्ट सिटी के लिए मिल सकते हैं दो करोड़ रुपये
क्रासर
- नगर निगम पुनरीक्षित बजट में प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर में अंडरग्राउंड पार्किंग बनने की उम्मीद जगी है। नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में पहली बार स्मार्ट सिटी के विकास के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद सबसे पहले अंडरग्राउंड पार्किंग का निर्माण होगा, ताकि वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने पर लगाम लगाई जा सके।
नगर निकाय के चुनाव की प्रक्रिया दिसंबर में पूरी होगी। शहर की नई सरकार का गठन होगा और पहली सदन की बैठक होते-होते दिसंबर का पहला सप्ताह समाप्त हो जाएगा। बजट के अभाव में विकास कार्य न रुकें, इसलिए नगर निगम के बजट को रिवाइज कर दिया गया है। बजट के बाकी सब मद (हेड) तो पहले से ही चल रहे हैं, केवल स्मार्ट सिटी मद को पुनरीक्षित बजट में शामिल किया गया है। इसमें भी पहले चरण के काम के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान इस उम्मीद से किया गया है कि शासन से पैसा आएगा तो स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी आएगी।
इसके अलावा आय के स्रोत में कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के अंतर्गत 1.50 करोड़ रुपये की उम्मीद है। योजना के अंतर्गत छुट्टा पशुओं को पकड़कर उनके मालिकों से जुर्माना वसूला जा रहा है। साथ ही सरकार ने एक हजार पशुओं के आश्रय के लिए नगर निगम क्षेत्र में गोशाला बनाने का प्रावधान किया है। अमृत योजना के तहत 40 करोड़ मिलेंगे, जिससे पार्कों का विकास कराया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत छह करोड़ रुपये से शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे शहर खुले में शौच मुक्त बनेगा। बजट के व्यय पक्ष में डीजल, पेट्रोल और मोबिल ऑयल के खर्च के लिए 4.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मूल बजट में इसके लिए 3.70 करोड़ खर्च का प्रावधान था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पचास लाख रुपये डीजल मद में अतिरिक्त खर्च होने की उम्मीद है। यातायात दिशा दर्शक के लिए 40 लाख रुपये, पौधरोपण के लिए 35 लाख रुपये और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सभी वार्डों में शत-प्रतिशत करने के लिए चार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
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अंडरग्राउंड पार्किंग की उम्मीद जगी
सब हेड: स्मार्ट सिटी के लिए मिल सकते हैं दो करोड़ रुपये
क्रासर
- नगर निगम पुनरीक्षित बजट में प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर में अंडरग्राउंड पार्किंग बनने की उम्मीद जगी है। नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में पहली बार स्मार्ट सिटी के विकास के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद सबसे पहले अंडरग्राउंड पार्किंग का निर्माण होगा, ताकि वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने पर लगाम लगाई जा सके।
नगर निकाय के चुनाव की प्रक्रिया दिसंबर में पूरी होगी। शहर की नई सरकार का गठन होगा और पहली सदन की बैठक होते-होते दिसंबर का पहला सप्ताह समाप्त हो जाएगा। बजट के अभाव में विकास कार्य न रुकें, इसलिए नगर निगम के बजट को रिवाइज कर दिया गया है। बजट के बाकी सब मद (हेड) तो पहले से ही चल रहे हैं, केवल स्मार्ट सिटी मद को पुनरीक्षित बजट में शामिल किया गया है। इसमें भी पहले चरण के काम के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान इस उम्मीद से किया गया है कि शासन से पैसा आएगा तो स्मार्ट सिटी के कार्यों में तेजी आएगी।
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इसके अलावा आय के स्रोत में कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के अंतर्गत 1.50 करोड़ रुपये की उम्मीद है। योजना के अंतर्गत छुट्टा पशुओं को पकड़कर उनके मालिकों से जुर्माना वसूला जा रहा है। साथ ही सरकार ने एक हजार पशुओं के आश्रय के लिए नगर निगम क्षेत्र में गोशाला बनाने का प्रावधान किया है। अमृत योजना के तहत 40 करोड़ मिलेंगे, जिससे पार्कों का विकास कराया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन योजना के अंतर्गत छह करोड़ रुपये से शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे शहर खुले में शौच मुक्त बनेगा। बजट के व्यय पक्ष में डीजल, पेट्रोल और मोबिल ऑयल के खर्च के लिए 4.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मूल बजट में इसके लिए 3.70 करोड़ खर्च का प्रावधान था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पचास लाख रुपये डीजल मद में अतिरिक्त खर्च होने की उम्मीद है। यातायात दिशा दर्शक के लिए 40 लाख रुपये, पौधरोपण के लिए 35 लाख रुपये और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सभी वार्डों में शत-प्रतिशत करने के लिए चार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
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