झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 167 महिलाओं का ग्राम प्रधान चुना जाना तय है। चुनाव परिणाम के बाद इस संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसमें कमी नहीं आएगी। नए आरक्षण में यह सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए ही आरक्षित की गई हैं।
आधी आबादी को स्वशासन में भागीदारी देने के लिए पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 11-क में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अधिनियम के मुताबिक पदों की कुल संख्या के अनुपात में निश्चित पद अनुसूचित जनजातियां, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग की स्त्रियों को आरक्षित की जाती हैं। नए आरक्षण में ब्लॉकवार सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया, जो पहले कभी महिला वर्ग को आरक्षित नहीं हुईं। जनपद में कुल 496 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें अनुसूचित जनजाति की महिला को एक, अनुसूचित जाति महिला को 43, पिछड़ा वर्ग महिला को 47 एवं सामान्य तौर पर महिलाओं को 76 विशेष सीटों पर लड़ने का मौका मिलेगा, ऐसे में यहां की बागडोर का महिलाओं के हाथ में होना तय है। स्वायवरी, भदरवारा, खकौरा, रौनी, घाटकोटरा, विक्रमपुरासानी, शहपुराखुर्द, गढ़ीकरगांय,देवरीसिंहपुरा, कचनेव, उल्दन जैसी सीट प्रमुख हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी एक सीट अनुसूचित जनजाति महिला को आरक्षित की गई है।