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देरी से दौड़ रही स्पेशल ट्रेनें
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स्पेशल ट्रेनों भी चल रहीं देरी से
झांसी। यात्रियों की सुविधाओं के लिए चलाई जा रही समर स्पेशल ट्रेेनों को लेट स्पेशल कहें तो कुछ गलत नहीं होगा। समर स्पेशल ट्रेनें समय पर नहीं आ रही हैं। शनिवार को जबलपुर अटारी एक्सप्रेस और निजामुद्दीन नांदेड एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक देरी से आईं। अधिकतर समर स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ता है।
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। यह ट्रेनें अलग अलग तिथियों में विभिन्न स्टेशनों के मध्य चलाई जाती हैं जिनमें से अधिकांश अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से गंतव्य स्थल पर पहुंच रही हैं। शनिवार को 01707 जबलपुर अटारी एक्सप्रेस और 02486 निजामुद्दीन नांदेड एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक देरी से आईं। इन ट्रेनों की देरी के कारण यात्रियों का बुरा हाल रहा। वह रास्ते भर खाने पीने के सामान के लिए जूझते रहे।
दरअसल, समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन को रेलवे गंभीरता से लेता ही नहीं है। नियमित गाड़ियों को निकालने के चक्कर में समर ट्रेनों को रास्ते में कहीं भी खड़ा कर दिया जाता है। इस दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि उक्त स्थान पर न पानी मिलता है और न ही खाने का सामान। ट्रेनों में भी पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती है। दिल्ली से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में रवानगी से पहले पानी नहीं भरा जाता है। हालांकि इसके बाद आगरा में पानी भरने की व्यवस्था है, लेकिन ठहराव समय कम होने के कारण सभी कोचों में पानी भर नहीं पाता है। ऐसे में ट्रेन के झांसी आने पर ही पानी भरा जाता है।
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‘रूटीन की ट्रेनों को निकालने में प्राथमिकता दी जाती है। इस कारण समर स्पेशल कभी-कभार लेट हो जाती हैं। झांसी रेल मंडल से यह ट्रेनें समय से गुजरे, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ’
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।
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झांसी। यात्रियों की सुविधाओं के लिए चलाई जा रही समर स्पेशल ट्रेेनों को लेट स्पेशल कहें तो कुछ गलत नहीं होगा। समर स्पेशल ट्रेनें समय पर नहीं आ रही हैं। शनिवार को जबलपुर अटारी एक्सप्रेस और निजामुद्दीन नांदेड एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक देरी से आईं। अधिकतर समर स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ता है।
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। यह ट्रेनें अलग अलग तिथियों में विभिन्न स्टेशनों के मध्य चलाई जाती हैं जिनमें से अधिकांश अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से गंतव्य स्थल पर पहुंच रही हैं। शनिवार को 01707 जबलपुर अटारी एक्सप्रेस और 02486 निजामुद्दीन नांदेड एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक देरी से आईं। इन ट्रेनों की देरी के कारण यात्रियों का बुरा हाल रहा। वह रास्ते भर खाने पीने के सामान के लिए जूझते रहे।
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दरअसल, समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन को रेलवे गंभीरता से लेता ही नहीं है। नियमित गाड़ियों को निकालने के चक्कर में समर ट्रेनों को रास्ते में कहीं भी खड़ा कर दिया जाता है। इस दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि उक्त स्थान पर न पानी मिलता है और न ही खाने का सामान। ट्रेनों में भी पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती है। दिल्ली से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में रवानगी से पहले पानी नहीं भरा जाता है। हालांकि इसके बाद आगरा में पानी भरने की व्यवस्था है, लेकिन ठहराव समय कम होने के कारण सभी कोचों में पानी भर नहीं पाता है। ऐसे में ट्रेन के झांसी आने पर ही पानी भरा जाता है।
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‘रूटीन की ट्रेनों को निकालने में प्राथमिकता दी जाती है। इस कारण समर स्पेशल कभी-कभार लेट हो जाती हैं। झांसी रेल मंडल से यह ट्रेनें समय से गुजरे, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ’
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ।