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सडकों पर दिन दहाडे चलती हैं गोलियां-City

Thu, 04 Oct 2018 04:04 AM IST
Updated Thu, 04 Oct 2018 04:04 AM IST
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सडकों पर दिन दहाडे चलती हैं गोलियां-City
सड़कों पर दिन-दहाड़े चलती हैं ‘गोलियां’
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- बुलेट में लग रहा है विशेष साइलेंसर
- छोटा पंजाब, बड़ा पंजाब हैं दो प्रकार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुलेट के शौकीन युवा अपना शौक पूरा करने के लिये दूसरों का सुकून और चैन छीन रहे हैं। बुलेट के शौकीनों के लिए स्टंट दिखाना अब परंपरा बन गया है। बुलेट के सायलेंसर में लगने वाला पटाखा साइलेंसर लोगों के लिए परेशानी का सबब गया है। इससे राह चलते लोगों के अलावा अपने घरों में सुकून से नहीं सो पा रहे हैं। दिन भर शहर भर के मुख्य चौराहों पर गोली के जैसी तड़-तड़ आवाज निकालती ये बुलेट लोगों की परेशानी का सबब बन गई हैं। लेकिन ऐसा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
आज कल बुलेट मेें मोडीफाइड साइलेंसर लगाया जा रहा है। इस विशेष साइलेंसर को छोटा पंजाब ओर बड़ा पंजाब के नाम से पुकारा जाता है। इस साइलेंसर की विशेषता यह है कि बुलेट के चलने में ही इसमें से गोली के चलने की आवाज आती है। जिससे आते जाते लोग चौंक जाते हैं। आवाज इतनी तेज होती है कि घरों में सो रहे लोग घबराकर जाग जाते हैं।
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सबसे ज्यादा तकलीफ बुजुर्गों, दिल के मरीजों, महिलाओं, नवजातों और छोटे बच्चों को होती है। जो इस गोली के चलने जैसी आवाज से घबरा जाते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह साइलेंसर पहले से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यह शहर के छोटे-बड़े मार्केट और दुकानों में बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। युवाओं में इसको लेकर अत्यधिक क्रेज देखा जा रहा है।
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शहर भर के ऑटोमोबाइल मार्केट में सात सौ से लेकर हजार रुपये में यह साइलेंसर बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। बुलेट को एक्सीलेटर देने के बाद इग्निशन स्विच को बंद कर ऑन करने पर गोली की तरह चलने वाली आवाज निकलती है। इस साइलेंसर की विशेष बात यह है की इसके बीच में जाली नहीं होने पर सामान्य तौर पर भी आवाज तेज ही निकलती है।

ये ध्वनि प्रदूषण के दायरे में हैं। इस तरह से अतिरिक्त ध्वनि प्रदूषण होता है। और दुर्घटना होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। एमवी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें जुर्माना और सजा का प्रावधान है।
संदीप यादव, एडवोकेट

90 डेसिबल से ऊपर आवाज व्यक्ति के कान में चुभने लगती है। लगातार ऐसा होने से धीरे-धीरे व्यक्ति के कान का पर्दा और नसें डैमेज होनी शुरू हो जाती हैं। इससे सुनने की क्षमता में कमी आने लगती है। यही नहीं, व्यक्ति के दिमाग, ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ता है। चिड़चिड़ापन और व्यवहार में भी बदलाव होने लगता है। - डॉ. जेपी पुरोहित, पूर्व विभागाध्यक्ष ईएनटी, मेडिकल कॉलेज।


जल्द चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तेज आवाज वाले साइलेंसर वाहनों में लगाना अपराध की श्रेणी में आता है। - विनोद कुमार सिंह, एसएसपी।
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