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बीयू.वैष्विक गुणवता का प्र शिक्षण--Lalitpur
Updated Thu, 23 Aug 2018 05:40 AM IST
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बीयू में वैश्विक गुणवत्ता को पूरा करने का दिया प्रशिक्षण
- सालाना ऑडिट व नवीन प्रक्रिया की जाएगी पूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में वैश्विक गुणवत्ता को मानक पाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. यशोधरा शर्मा ने बताया कि बीयू प्रदेश का आईएसओ 9001:2008 वैश्विक मानक प्राप्त अग्रणी राजकीय विश्वविद्यालय है। वर्ष 2014 में प्राप्त मानक तीन सालों के लिए मान्य था। मौजूदा समय में इस मानक का उच्चीकरण आईएसओ 9001:2015 में हो गया है। अगले तीन सालों के लिए पुन: सालाना ऑडिट एवं नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करनी है। इस वैश्विक मानक के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मानक के कार्यान्वयन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, शोध आदि में वैश्विक गुणवत्ता तय की जा सके। यह वैश्विक मानक व इसका विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम है।
मेसर्स एसजीएस इंडिया के अरविंद चव्हाण ने इस वैश्विक मानक के उद्देश्य, कार्यान्वयन एवं उससे होने वाले लाभ से अवगत कराया, जिसमें विश्वविद्यालय की छवि में सुधार, प्रवेश संख्या में वृद्धि एवं सुदृढ़ नियंत्रण एवं प्रशासन व्यवस्था आदि प्रमुख हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रो. सुनील काबिया, डॉ. मीनाक्षी सिंह, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. कुसुम भदौरिया, अनिल झड़बड़े, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. शिप्रा वशिष्ठ, डॉ. एपीएस गौर, डॉ. नीता यादव, डॉ. अनु सिंघला, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. इरा तिवारी, डॉ. संदीप आर्या, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. लवकुश द्विवेदी सहित अन्य ने प्रतिभाग किया।
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- सालाना ऑडिट व नवीन प्रक्रिया की जाएगी पूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में वैश्विक गुणवत्ता को मानक पाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. यशोधरा शर्मा ने बताया कि बीयू प्रदेश का आईएसओ 9001:2008 वैश्विक मानक प्राप्त अग्रणी राजकीय विश्वविद्यालय है। वर्ष 2014 में प्राप्त मानक तीन सालों के लिए मान्य था। मौजूदा समय में इस मानक का उच्चीकरण आईएसओ 9001:2015 में हो गया है। अगले तीन सालों के लिए पुन: सालाना ऑडिट एवं नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करनी है। इस वैश्विक मानक के अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मानक के कार्यान्वयन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, शोध आदि में वैश्विक गुणवत्ता तय की जा सके। यह वैश्विक मानक व इसका विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम है।
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मेसर्स एसजीएस इंडिया के अरविंद चव्हाण ने इस वैश्विक मानक के उद्देश्य, कार्यान्वयन एवं उससे होने वाले लाभ से अवगत कराया, जिसमें विश्वविद्यालय की छवि में सुधार, प्रवेश संख्या में वृद्धि एवं सुदृढ़ नियंत्रण एवं प्रशासन व्यवस्था आदि प्रमुख हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रो. सुनील काबिया, डॉ. मीनाक्षी सिंह, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. कुसुम भदौरिया, अनिल झड़बड़े, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. शिप्रा वशिष्ठ, डॉ. एपीएस गौर, डॉ. नीता यादव, डॉ. अनु सिंघला, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. इरा तिवारी, डॉ. संदीप आर्या, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. लवकुश द्विवेदी सहित अन्य ने प्रतिभाग किया।
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