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पूर्णिमा पर की वट सावित्री की पूजा
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पूर्णिमा पर की वट सावित्री की पूजा
झांसी। महाराष्ट्र समाज में रविवार को वट पूर्णिमा का पूजन हुआ। सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रंगार कर वट पूजा की और एक-दूसरे को शक्ति व स्वास्थ्य का प्रतीक आम वितरित किया। सावित्री और सत्यवान की अमर कथा भी सुनी।
वट पूर्णिमा को लेकर सुबह से ही महानगर के महाराष्ट्रीय समाज के परिवारों में उत्साह रहा। घरों में बरगद के पौधे लाए गए और उन्हें सजाया गया। पूजा करने के बाद हल्दी कुमकुम लगाया गया। महाराष्ट्र समाज महिला मंडल की ओर से समाज के प्राचीन गणेश मंदिर में महिलाओं ने संयुक्त रूप से वट पूर्णिमा की पूजा की। परंपरागत वेशभूषा में महिलाओं ने हल्दी कुमकुम लगाया और आम का फल एक-दूसरे को दिया। पूजा अवसर पर मंदिर में भगवान श्री गणेश की भी पूजा की गई। समाज के पुरोहित उज्जवल देवधर ने बताया कि महाराष्ट्र समाज का पंचांग चंद्रदर्शन की गणना पर आधारित है। ऐसे में वट सावित्री की पूजा ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर होती है। पूजा अवसर पर अध्यक्ष पूर्णिमा नाफडे, सचिव संगीता जोशी, कोषाध्यक्ष सुनीता देवधर, रेखा लुखे, रेखा गोठनकर, वंदना पराडकर मौजूद रहीं।
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झांसी। महाराष्ट्र समाज में रविवार को वट पूर्णिमा का पूजन हुआ। सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रंगार कर वट पूजा की और एक-दूसरे को शक्ति व स्वास्थ्य का प्रतीक आम वितरित किया। सावित्री और सत्यवान की अमर कथा भी सुनी।
वट पूर्णिमा को लेकर सुबह से ही महानगर के महाराष्ट्रीय समाज के परिवारों में उत्साह रहा। घरों में बरगद के पौधे लाए गए और उन्हें सजाया गया। पूजा करने के बाद हल्दी कुमकुम लगाया गया। महाराष्ट्र समाज महिला मंडल की ओर से समाज के प्राचीन गणेश मंदिर में महिलाओं ने संयुक्त रूप से वट पूर्णिमा की पूजा की। परंपरागत वेशभूषा में महिलाओं ने हल्दी कुमकुम लगाया और आम का फल एक-दूसरे को दिया। पूजा अवसर पर मंदिर में भगवान श्री गणेश की भी पूजा की गई। समाज के पुरोहित उज्जवल देवधर ने बताया कि महाराष्ट्र समाज का पंचांग चंद्रदर्शन की गणना पर आधारित है। ऐसे में वट सावित्री की पूजा ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर होती है। पूजा अवसर पर अध्यक्ष पूर्णिमा नाफडे, सचिव संगीता जोशी, कोषाध्यक्ष सुनीता देवधर, रेखा लुखे, रेखा गोठनकर, वंदना पराडकर मौजूद रहीं।
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