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देश भ्रमण पर निकले चंद्रप्रकाश
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शांति, एकता की अलख जगा रहे हैं चंद्रप्रकाश
झांसी। देश में शांति, एकता और बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ की अलख जगा रहे हैं रेवाड़ी जिले के युवा चंद्रप्रकाश यादव। साइकिल पर तिरंगा झंडा लगाकर वह अब तक देश के 14 राज्यों में भ्रमण कर सात हजार किलोमीटर चल चुके हैं। उनकी यह भारत यात्रा दिल्ली के लाल किले में समाप्त होगी।
अमर उजाला कार्यालय में चंद्रप्रकाश यादव ने बताया कि उनकी भारत यात्रा 11 फरवरी से शुरू हुई थी। वह अभी तक महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा आदि राज्यों में भ्रमण कर चुके हैं। उनका सौभाग्य है, कि उन्हें देश की विविध संस्कृति और रहन सहन को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। लोगों ने भी हर जगह मदद की। वह प्रतिदिन 80 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। इस दौरान जगह - जगह लोग उनकी खासी मदद भी करते हैं और उनके लक्ष्य को जानते हैं। चंद्रप्रकाश के मुताबिक उनके पिता जयपाल सिंह यादव किसान हैं। जब उन्हें चंद्रपकाश के अभियान के बारे में पता चला, तो थोड़ी ना नुकुर के बाद उन्होंने सहर्ष सहमति दे दी। भारत यात्रा में उन्हें जहां जगह मिल जाती है, वह रात वहीं गुजार लेते हैं।
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झांसी। देश में शांति, एकता और बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ की अलख जगा रहे हैं रेवाड़ी जिले के युवा चंद्रप्रकाश यादव। साइकिल पर तिरंगा झंडा लगाकर वह अब तक देश के 14 राज्यों में भ्रमण कर सात हजार किलोमीटर चल चुके हैं। उनकी यह भारत यात्रा दिल्ली के लाल किले में समाप्त होगी।
अमर उजाला कार्यालय में चंद्रप्रकाश यादव ने बताया कि उनकी भारत यात्रा 11 फरवरी से शुरू हुई थी। वह अभी तक महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा आदि राज्यों में भ्रमण कर चुके हैं। उनका सौभाग्य है, कि उन्हें देश की विविध संस्कृति और रहन सहन को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। लोगों ने भी हर जगह मदद की। वह प्रतिदिन 80 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। इस दौरान जगह - जगह लोग उनकी खासी मदद भी करते हैं और उनके लक्ष्य को जानते हैं। चंद्रप्रकाश के मुताबिक उनके पिता जयपाल सिंह यादव किसान हैं। जब उन्हें चंद्रपकाश के अभियान के बारे में पता चला, तो थोड़ी ना नुकुर के बाद उन्होंने सहर्ष सहमति दे दी। भारत यात्रा में उन्हें जहां जगह मिल जाती है, वह रात वहीं गुजार लेते हैं।
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