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जल मग्न फसलें
Updated Wed, 05 Sep 2018 03:56 AM IST
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सैकड़ों किसानों की फसलें हुई जलमग्न
तालबेहट (ललितपुर)। एक सप्ताह से हो रही बारिश से पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। इससे नदी, नालों और तालाबों में जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई स्थानों पर किसानों की फसलें डूब गई। किसानों ने तहसील जाकर अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए फसलों का नुकसान दिलाने की गुहार लगाई।
बेतवा नदी में बढ़े जलस्तर के चलते माताटीला बांध के भराव क्षेत्र के गांव भदौना, गूगर, रजावन सहित वर्मा बिहार, सायंपुर, कड़ेसराकलां, भैंसनवारा खुर्द, भैसंनवारा कला आदि गांवों में बेतवा के प्रभाव ने किसानों के अरमान ठंडे कर दिए। इसके अलावा नत्थीखेड़ा, उड़वा तालाब, कड़ेसराकलां तथा म्याव के तालाबों में जल स्तर अधिक होने से किसानों की दो माह की मेहनत पूरी तरह से आए बहाव में बह गए। इस संबंध में म्याव गांव के आए शिवराज, हीरालाल कन्नू, रामचरन, कमलेश, वीरन, कमल, चैैनू आदि ने एसडीएम को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि उनके गांव के तालाब में निर्धारित रकवे से अधिक पानी भर जाने से उनकी फसलें जलमग्न हो गई। किसानों ने अपनी बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। इसी तरह बुदावनी तालाब, उड़वा ताल, कड़ेसराकलां तालाब में जल स्तर अधिक होने से आसपास के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। किसानों ने जल मग्न फसलों के नुकसान की जांच कराके आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई।
कड़ेसराकलां। किसानों को पहले पॉच दिन लगातार हुई बारिश के बाद सोमवार को दिन में आसमान साफ रहने से बादल हटने की संभावना नजर आ रही थी। उसका मानना था कि अभी भी बारिश रुकने से किसानों को उनकी उपज का कुछ अंश मिल सकता है, परन्तु सोमवार की रात से शुरू हुई बारिश ने मंगलवार को सुबह नौ बजे तक रुकने का नाम नहीं लिया। इससे किसानों के बची हुई आशा भी धूमिल सी हो गई।
तालबेहट (ललितपुर)। एक सप्ताह से हो रही बारिश से पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। इससे नदी, नालों और तालाबों में जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई स्थानों पर किसानों की फसलें डूब गई। किसानों ने तहसील जाकर अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए फसलों का नुकसान दिलाने की गुहार लगाई।
बेतवा नदी में बढ़े जलस्तर के चलते माताटीला बांध के भराव क्षेत्र के गांव भदौना, गूगर, रजावन सहित वर्मा बिहार, सायंपुर, कड़ेसराकलां, भैंसनवारा खुर्द, भैसंनवारा कला आदि गांवों में बेतवा के प्रभाव ने किसानों के अरमान ठंडे कर दिए। इसके अलावा नत्थीखेड़ा, उड़वा तालाब, कड़ेसराकलां तथा म्याव के तालाबों में जल स्तर अधिक होने से किसानों की दो माह की मेहनत पूरी तरह से आए बहाव में बह गए। इस संबंध में म्याव गांव के आए शिवराज, हीरालाल कन्नू, रामचरन, कमलेश, वीरन, कमल, चैैनू आदि ने एसडीएम को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि उनके गांव के तालाब में निर्धारित रकवे से अधिक पानी भर जाने से उनकी फसलें जलमग्न हो गई। किसानों ने अपनी बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। इसी तरह बुदावनी तालाब, उड़वा ताल, कड़ेसराकलां तालाब में जल स्तर अधिक होने से आसपास के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। किसानों ने जल मग्न फसलों के नुकसान की जांच कराके आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई।
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कड़ेसराकलां। किसानों को पहले पॉच दिन लगातार हुई बारिश के बाद सोमवार को दिन में आसमान साफ रहने से बादल हटने की संभावना नजर आ रही थी। उसका मानना था कि अभी भी बारिश रुकने से किसानों को उनकी उपज का कुछ अंश मिल सकता है, परन्तु सोमवार की रात से शुरू हुई बारिश ने मंगलवार को सुबह नौ बजे तक रुकने का नाम नहीं लिया। इससे किसानों के बची हुई आशा भी धूमिल सी हो गई।
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