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गंदगी का साम्राज्य
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:52 AM IST
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सीएचसी में शराबियों का कब्जा
तालबेहट।
एक ओर प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों को साफ सुंदर और स्वच्छ रखने के लिए बड़े जोर-शोर से अभियान चला रही है। वहीं, दूसरी ओर नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुछ समय से शराबियों का गढ़ सा बन गया है। इस समय सीएचसी में कूड़े के लिए रखी अधिकांश डस्टबिन में शराब की बोतलें मिल रही है।
तहसील मुख्यालय पर आसपास के क्षेत्रों के मरीजों की सुविधा के लिए बनी सीएचसी विभागीय अधिकारियों की लचरता के चलते शराबियों की ऐशगाह साबित हो रही है। कुछ दिनों से यहां रात के समय शराबियों की मौजूदगी अधिक हो गई है। इसके चलते यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराबियों के उत्पाद के चलते जो भी उनका विरोध करता है, यह लोग लड़ने पर आमादा हो जाते है। इस समय सीएचसी में रखी डस्टबिन में प्रति दिन भारी संख्या में शराब के क्वार्टर मिल रहें है। इस संबंध में जब जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि इस संबंध में तत्काल सूचना मिलने पर वह तत्काल कार्रवाई करवाएगें। सीएचसी की व्यवस्था में खलल डालने वाले शराबियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अधीक्षक के न रहने पर सामने आती है अव्यवस्थाएं
तालबेहट। कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि यहां कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक जब बाहर रहते है या नहीं आते है तभी यहां अव्यवस्थाएं सामने आती है। लोगों का मानना है कि यदि अधीक्षक स्थायी रूप से मुख्यालय पर निवास बना ले तो यहां की अधिकांश समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएगी। परन्तु अधीक्षक डीएम के निर्देशों के बाद भी आज तक अपना निवास मुख्यालय पर नहीं बना सकें।
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तालबेहट।
एक ओर प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों को साफ सुंदर और स्वच्छ रखने के लिए बड़े जोर-शोर से अभियान चला रही है। वहीं, दूसरी ओर नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुछ समय से शराबियों का गढ़ सा बन गया है। इस समय सीएचसी में कूड़े के लिए रखी अधिकांश डस्टबिन में शराब की बोतलें मिल रही है।
तहसील मुख्यालय पर आसपास के क्षेत्रों के मरीजों की सुविधा के लिए बनी सीएचसी विभागीय अधिकारियों की लचरता के चलते शराबियों की ऐशगाह साबित हो रही है। कुछ दिनों से यहां रात के समय शराबियों की मौजूदगी अधिक हो गई है। इसके चलते यहां आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराबियों के उत्पाद के चलते जो भी उनका विरोध करता है, यह लोग लड़ने पर आमादा हो जाते है। इस समय सीएचसी में रखी डस्टबिन में प्रति दिन भारी संख्या में शराब के क्वार्टर मिल रहें है। इस संबंध में जब जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि इस संबंध में तत्काल सूचना मिलने पर वह तत्काल कार्रवाई करवाएगें। सीएचसी की व्यवस्था में खलल डालने वाले शराबियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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अधीक्षक के न रहने पर सामने आती है अव्यवस्थाएं
तालबेहट। कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि यहां कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक जब बाहर रहते है या नहीं आते है तभी यहां अव्यवस्थाएं सामने आती है। लोगों का मानना है कि यदि अधीक्षक स्थायी रूप से मुख्यालय पर निवास बना ले तो यहां की अधिकांश समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएगी। परन्तु अधीक्षक डीएम के निर्देशों के बाद भी आज तक अपना निवास मुख्यालय पर नहीं बना सकें।
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