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373 शिकायतें तय नहीं कर पाईं ‘कौन झूठा-कौन सच्चा’ !

Thu, 14 Mar 2019 01:10 AM IST
Sharukh  khan शाहरुख खान
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:10 AM IST
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373 शिकायतें तय नहीं कर पाईं ‘कौन झूठा-कौन सच्चा’ !
प्रतीकात्मक तस्वीर
373 शिकायतें तय नहीं कर पाईं ‘कौन झूठा-कौन सच्चा’ !
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ललितपुर। लघु सिंचाई विभाग और भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष के बीच चल रहा बुंदेलखंड पैकेज के कुओं का ‘युद्ध’ थमने का नाम नहीं ले रहा है। लघु सिंचाई विभाग के खिलाफ मुख्यमंत्री के आईजीआरएस शिकायत पोर्टल पर 373 शिकायतें की गईं, इसमें से ढाई सौ शिकायतों की जांच पूरी हो गई। लेकिन, यह शिकायतें झूठी पाई गई हैं। अन्य शिकायतों की जांच चल रही है। अधिशासी अभियंता मृत्युंजय कुमार बताते हैं कि यदि एक शिकायत भी सिद्ध हो जाती तो अब तक मैं कुर्सी पर नहीं रहता, दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी कहते हैं कि छोड़ूंगा नहीं, सीबीआई जांच कराकर दम लूंगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी का दावा है कि पैकेज के अंतर्गत 50 प्रतिशत कुएं खुदे ही नहीं, बल्कि पुराने कुओं को नया दिखा दिया गया है। इस तरह की गड़बड़ियां तालबेहट ब्लॉक में सबसे अधिक हैं। इसकी शिकायत की गई है। प्रभारी मंत्री ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। हम सीबीआई जांच कराएंगे और अधिशासी अभियंता को छोड़ेंगे नहीं।
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दूसरी ओर, अधिशासी अभियंता मृत्युंजय कुमार बताते हैं कि विभाग के खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर अब तक 373 शिकायतें कराई गईं। इसमें से 216 शिकायतें तो जनवरी से अब तक की गई हैं। पिछले साल 157 शिकायतें की गई थीं। यदि शिकायतों में दम होता तो अब तक सब कुछ सामने आ जाता। नाम बदलकर बार-बार शिकायतें हो रही हैं। इसमें से अब तक 250 शिकायतों की जांच हो गई है, लेकिन कुछ नहीं मिला। कोई भी चेकडैम का ठेका देने के लिए विभाग में ई-टेंडर प्रक्रिया लागू है। जो पूरी तरह से पारदर्शी है। पिछले दिनों 18 चेकडैम के टेंडर निकाले गए थे, इनके लिए 80 ठेकेदारों ने टेंडर डाले थे। दो चेकडैम में कोई ठेकेदार नहीं आया।
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निलंबित लिपिक की भूमिका संदिग्ध
भाजपा जिलाध्यक्ष और अधिशासी अभियंता के बीच चल रहे ‘शीत युद्ध’ के पीछे निलंबित लिपिक की भूमिका है। दरअसल, एक समय था जब विभाग में लिपिक के इशारों पर पूरा काम होता था, लेकिन वर्तमान अधिशासी अभियंता ने इस पर लगाम लगा दी और बाद में लिपिक का निलंबन हो गया। अधिशासी अभियंता बताते हैं कि लिपिक कुछ भी कर ले, लेकिन इससे उसे कोई फायदा होने वाला नहीं है।
जांच चल रही
विभाग में ऐसे अवर अभियंता भी हैं, जिनके कागज विभाग में नहीं हैं। अपर जिलाधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जानकारी तो यह भी मिली है कि एअर कंप्रेशर ट्रक ड्राइवर की पोस्ट पर तैनाती होने के कुछ दिनों के बाद यह कर्मचारी अवर अभियंता का काम करने लगे। इतना ही नहीं, डूडा, जिला पंचायत, विधायक निधि, सांसद निधि, नगर पालिका समेत अन्य विभागों के काम इन्हीं की देखरेख में होते रहे।

जिलाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से शिकायतें
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी के लेटरपैड का दुरुपयोग कर उनके फर्जी हस्ताक्षर करके कई शिकायतें लघु सिंचाई विभाग में की गईं। जब जिलाध्यक्ष को इस बात का पता चला तो उन्होंने इंकार किया। बाद में उन्होंने मुकदमा भी दर्ज कराया।
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