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नहीं बदले जमीन के सर्किल रेट, राहत -City
Updated Wed, 01 Aug 2018 09:12 PM IST
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नहीं बदले जमीन के सर्किल रेट, राहत
सब हेड... जिलाधिकारी ने यथावत रखने का लिया फैसला
- एक अगस्त से नये रेट लागू करने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जमीन, मकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इस बार निबंधन विभाग ने जमीन के सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी नहीं की है। पिछले साल के रेट यथावत रखे गए हैं। इससे जमीन की कीमतें काबू में रहेंगी।
जमीन की बाजारू कीमत और सरकारी कीमत में समानता लाने के लिए निबंधन विभाग द्वारा हर साल अगस्त माह में सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है। आमतौर पर हर साल इनमें बढ़ोत्तरी ही कर दी जाती है। तेजी से विकसित होते इलाकों में इसका खासा असर होता है। सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी से जमीन की कीमतों में भी वृद्धि हो जाती है।
इस बार भी जुलाई माह की शुरुआत में ही निबंधन विभाग ने सर्किल रेट में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी थी और एक अगस्त से नये रेट जारी करने की योजना थी। जिले की पांचों तहसीलों के सभी छह उप निबंधक कार्यालयों से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। लेकिन, सभी ने सर्किल रेट की वर्तमान दरों को उचित बताया। इस पर बुधवार को जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने जिले में जमीन के सर्किल रेट को यथावत रखने का फैसला लिया है।
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ये भी है एक कारण
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों में 2018 में लागू सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न किए जाने का अनुरोध किया था। प्राधिकरण का कहना था कि जब तक भूमि का अधिग्रहण नहीं हो जाता, तब तक सर्किल रेट यथावत रखे जाएंगे। चूंकि, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है। अभी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सर्किल रेट में संशोधन न किए जाने का एक कारण यह भी माना जा रहा है।
ये लगती है स्टांप ड्यूटी
जमीन की सरकारी कीमत (सर्किल रेट) के अनुसार निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी वसूल की जाती है। नगर निगम की सीमा में जमीन के सर्किल रेट पर सात प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाती है। जबकि, इसके बाहर के इलाकों में पांच प्रतिशत स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है। दस लाख तक की खरीद पर महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में एक फीसदी की छूट दी जाती है।
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सब हेड... जिलाधिकारी ने यथावत रखने का लिया फैसला
- एक अगस्त से नये रेट लागू करने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जमीन, मकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इस बार निबंधन विभाग ने जमीन के सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी नहीं की है। पिछले साल के रेट यथावत रखे गए हैं। इससे जमीन की कीमतें काबू में रहेंगी।
जमीन की बाजारू कीमत और सरकारी कीमत में समानता लाने के लिए निबंधन विभाग द्वारा हर साल अगस्त माह में सर्किल रेट में संशोधन किया जाता है। आमतौर पर हर साल इनमें बढ़ोत्तरी ही कर दी जाती है। तेजी से विकसित होते इलाकों में इसका खासा असर होता है। सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी से जमीन की कीमतों में भी वृद्धि हो जाती है।
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इस बार भी जुलाई माह की शुरुआत में ही निबंधन विभाग ने सर्किल रेट में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी थी और एक अगस्त से नये रेट जारी करने की योजना थी। जिले की पांचों तहसीलों के सभी छह उप निबंधक कार्यालयों से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। लेकिन, सभी ने सर्किल रेट की वर्तमान दरों को उचित बताया। इस पर बुधवार को जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने जिले में जमीन के सर्किल रेट को यथावत रखने का फैसला लिया है।
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ये भी है एक कारण
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों में 2018 में लागू सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न किए जाने का अनुरोध किया था। प्राधिकरण का कहना था कि जब तक भूमि का अधिग्रहण नहीं हो जाता, तब तक सर्किल रेट यथावत रखे जाएंगे। चूंकि, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है। अभी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सर्किल रेट में संशोधन न किए जाने का एक कारण यह भी माना जा रहा है।
ये लगती है स्टांप ड्यूटी
जमीन की सरकारी कीमत (सर्किल रेट) के अनुसार निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी वसूल की जाती है। नगर निगम की सीमा में जमीन के सर्किल रेट पर सात प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाती है। जबकि, इसके बाहर के इलाकों में पांच प्रतिशत स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है। दस लाख तक की खरीद पर महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में एक फीसदी की छूट दी जाती है।