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भाजपा प्रत्याशी के विरोध में धरना,,,-City
Updated Mon, 06 Nov 2017 08:34 PM IST
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फोटो
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गृहयुद्ध में फंसे ‘राम’
भाजपा प्रत्याशी के विरोध में कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में दिया धरना
नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
चुनावी रण में उतरने से पहले ही भाजपा के महापौर प्रत्याशी रामतीर्थ सिंघल अपनों के विरोध में फंस गए हैं। उन्हें प्रत्याशी बनाने के विरोध में सोमवार को कुछ कार्यकर्ताओं ने पांच घंटे तक पुरानी तहसील स्थित पार्टी कार्यालय में धरना दिया। वे प्रदेश नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे थे।
सोमवार को पार्टी के फैसले से असंतुष्ट कुछ कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इनमें अधिकांश महानगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी थे। धरने में बैठे पदाधिकारियों का कहना था कि सिंघल हमेशा जिले की राजनीति में सक्रिय रहे हैं, उनका महानगर में कभी दखल नहीं रहा। वीआईपी बैठकों में ही वे दिखाई देते हैं और जीएसटी का भी उन्होंने विरोध किया था। इस कारण पार्टी को टिकट पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इस दौरान मौके पर पहुंचे नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कर दिया। धरने में नंदकिशोर भिलवारे, राजकांतेश वर्मा, मनोज श्रीवास, किशोरी लाल रायकवार, संजीव पटैरिया, नीता अवस्थी, प्रमोद कुशवाहा, कुसुम झा, संजीव तिवारी, राकेश मिश्रा, नरेंद्र नामदेव, मृदुल श्रीवास्तव, रतन कुशवाहा, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजय आनंद मौजूद थे।
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संगठन दूर करेगा नाराजगी
संगठन ने मुझे प्रत्याशी बनाया है। किसी को इससे नाराजगी है तो उसे संगठन दूर करेगा। मैं हर कार्यकर्ता का सम्मान करता हूं।
रामतीर्थ सिंघल, भाजपा प्रत्याशी
फैसले का सम्मान करें
संगठन ने फैसला सोच समझ कर लिया है। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को पार्टी के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
संजय दुबे, जिलाध्यक्ष
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गृहयुद्ध में फंसे ‘राम’
भाजपा प्रत्याशी के विरोध में कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में दिया धरना
नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
चुनावी रण में उतरने से पहले ही भाजपा के महापौर प्रत्याशी रामतीर्थ सिंघल अपनों के विरोध में फंस गए हैं। उन्हें प्रत्याशी बनाने के विरोध में सोमवार को कुछ कार्यकर्ताओं ने पांच घंटे तक पुरानी तहसील स्थित पार्टी कार्यालय में धरना दिया। वे प्रदेश नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे थे।
सोमवार को पार्टी के फैसले से असंतुष्ट कुछ कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इनमें अधिकांश महानगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी थे। धरने में बैठे पदाधिकारियों का कहना था कि सिंघल हमेशा जिले की राजनीति में सक्रिय रहे हैं, उनका महानगर में कभी दखल नहीं रहा। वीआईपी बैठकों में ही वे दिखाई देते हैं और जीएसटी का भी उन्होंने विरोध किया था। इस कारण पार्टी को टिकट पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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इस दौरान मौके पर पहुंचे नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कर दिया। धरने में नंदकिशोर भिलवारे, राजकांतेश वर्मा, मनोज श्रीवास, किशोरी लाल रायकवार, संजीव पटैरिया, नीता अवस्थी, प्रमोद कुशवाहा, कुसुम झा, संजीव तिवारी, राकेश मिश्रा, नरेंद्र नामदेव, मृदुल श्रीवास्तव, रतन कुशवाहा, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजय आनंद मौजूद थे।
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संगठन दूर करेगा नाराजगी
संगठन ने मुझे प्रत्याशी बनाया है। किसी को इससे नाराजगी है तो उसे संगठन दूर करेगा। मैं हर कार्यकर्ता का सम्मान करता हूं।
रामतीर्थ सिंघल, भाजपा प्रत्याशी
फैसले का सम्मान करें
संगठन ने फैसला सोच समझ कर लिया है। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को पार्टी के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
संजय दुबे, जिलाध्यक्ष