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मेडिकल कॉलेज का इंपैक्ट-City

Tue, 10 Oct 2017 10:27 PM IST
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:27 PM IST
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मेडिकल कॉलेज का इंपैक्ट-City
अमर उजाला इंपैक्ट का लोगो
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फोटो..
ओटी में हुई सफाई, लापरवाह कर्मचारी हटाए जाएंगे
प्रचार्य ने बैठक बुलाकर कसे पेंच, मैट्रन और सिस्टर इंचार्ज को चेतावनी
- अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए कर्मियों की सूची बनाने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की ओटी और आईसीयू की बदहाली की अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बड़ा असर हुआ है। मंगलवार को ओटी खुलते ही कर्मचारी सफाई अभियान में जुट गए। महीनों से पड़ी हुई गंदगी घंटों में साफ हो गई। काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का तबादला तय है। साथ ही 50 की उम्र पार कर चुके लापरवाह कर्मचारियों को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए चिह्नित किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओटी और आईसीयू का कई दिनों से बुरा हाल था। इमरजेंसी ओटी में बने दो कमरों में गंदगी का अंबार था। साथ ही वॉशबेसिन में गुटके की पीक थी। वहीं, आईसीयू में तीमारदार कभी भी घुस रहे थे। उनके लिए जूते-चप्पल उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था नहीं थी। इन सबको मद्देनजर रखते हुए अमर उजाला ने मंगलवार को पेज दो पर ‘वेंटिलेटर’ पर ओटी, आईसीयू शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का बड़ा असर हुआ और सुबह से ही कर्मचारी ओटी की साफ-सफाई में जुट गए। कई महीनों से जहां गंदगी जमी थी, उसे घंटों में साफ कर लिया गया। इसके अलावा पान-मसाले की पीक के निशान वॉशबेसिन से छुड़ाए गए। ओटी में मरम्मत कार्य भी शुरू हो गया। इमरजेंसी में बनी ऑर्थोपेडिक की ओटी की फर्श चमक गई। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने सीएमएस, मैट्रन, सिस्टर इंचार्जों की बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने मैट्रन और सिस्टर इंचार्जों को कड़ी चेतावनी दी। प्राचार्य ने कहा कि कई बार हिदायत देने के बावजूद कार्य में सुधार नहीं हो रहा है। अब हिदायत नहीं कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएमएम डॉ. हरीशचंद्र आर्या को लापरवाह कर्मचारियों के तबादले करने के निर्देश दिए। इसके अलावा काम न करने वाले 50 की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाएंगे। काम में सुधार नहीं होता है, तो शासन को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे देने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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स्टाफ पूरा फिर काम क्यों अधूरा?
प्राचार्य ने मैट्रन, सिस्टर इंचार्जों से सवाल किया कि इमरजेंसी में मांग के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इसके बाद सफाई व्यवस्था समेत अन्य कार्य क्यों अधूरे हैं? उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरम्मत समेत जो भी नए कार्य ठेकेदारों से कराए जाते हैं, जब तक नोडल अधिकारी संतुष्ट नहीं होता है, तब तक भुगतान नहीं किया जाए।
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बॉक्स..
जूते-चप्पल प्रतिबंधित
ओटी, आईसीयू में बाहर के जूते-चप्पल पहनकर आना प्रतिबंधित है। इससे मरीज को संक्रमण हो सकता है। प्राचार्य ने ओटी, आईसीयू के लिए अलग से चप्पल उपलब्ध कराई गई हैं। सिस्टर इंचार्ज का जिम्मा हैं कि वो इन्हें संभाल कर रखें और डॉक्टर, तीमारदारों को इन्हें ही पहनकर जाने के लिए कहें। यदि कोई नहीं मानता है, तो इसकी सूचना दें।

खराब उपकरणों की मांगी रिपोर्ट
प्राचार्य ने कॉलेज के सभी नोडल अधिकारियों को भी पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने विभागों, इमरजेंसी, ओटी, आईसीयू में खराब पड़े उपकरणों की बिंदुवार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि शासन से उपकरणों को ठीक कराने और कंपनियों से अनुबंध कराने (एएमसी, सीएमसी) का बजट मिला है। रिपोर्ट मिलने पर उपकरण ठीक करा दिए जाएंगे।

बॉक्स..
कमरे से हटेगा कबाड़, चस्पा होगी रेट लिस्ट
इमरजेंसी के चेंजिंग रूम में कबाड़ भरा हुआ है। दो-तीन दिन में इसको हटवाकर कमरे का साफ करवाया जाएगा। इसके साथ ही इमरजेंसी में विभिन्न जांचों की रेट लिस्ट चस्पा की जाएगी। ताकि, मरीजों को सभी जांचों की दरें पता हों।
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