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तहसील प्रशासन ने माना समय से वारिस न होने के कारण फसलो को पचास से साठ फीसदी नुकसान

Mon, 02 Oct 2017 01:19 AM IST
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:19 AM IST
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तहसील प्रशासन ने माना समय से  वारिस न होने  के  कारण फसलो को पचास से साठ फीसदी नुकसान

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कम बारिश से फसलों को नुकसान
तहसील प्रशासन ने माना चौबीस मिमी बारिश फसलों के लिए पर्याप्त नही
समय से पानी ने मिलने से हुआ फसलों को नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
गरौठा। चौबीस मिमी से अधिक बारिश के बाद भी गरौठा तहसील सूखे की चपेट में है। समय से पानी न मिलने के कारण फसलों का पचास से साठ फीसदी नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन ने जिला प्रशासन को भेज दी है
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कमलेश लम्बरदार , गुरसराय ब्लाक अध्यक्ष राजेश सिंह सेंगर ने बताया है कि वर्ष 2015 में सूखा घोषित किया गया था। इसके बाद भी कम बारिश होने के कारण किसान खेती में लगातार घाटे की सौदा करता आ रहा है। शासन एवं प्रशासन किसानों की पीड़ा को दबाने का काम कर रही है। किसानों को फसल बीमा का कोई लाभ बैंकों द्वारा नही दिया जा रहा है। जिसकी शिकायत करने के बाद भी शासन प्रशासन किसानों की शिकायतों पर कोई ध्यान नही दे रहा है। संगठन के पदाधिकारी प्रति वर्ष किसानों को खेती में हो रहे नुकसान के बारे में शिकायतों के माध्यम से किसानों की पीड़ा को नियंत्रित अवगत करा रहा है। लेकिन किसानों की पीड़ा को समझने का प्रयास नही कर रहा है। इस वर्ष किसानों द्वारा गरौठा तहसील 55900 हेक्टेयर कृषि भूमि में मूंगफली, उड़द , मूंग, तिल की फसलेें बोई गई थी। जो बारिश के अभाव में प्रभावित हुई है। जिसका उत्पादन बहुत कम मात्रा में हुआ है। गरौठा तहसील में पिछले वर्ष 15 जून से 15 अक्तूबर 2016 तक 356 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस वर्ष 15 जून से 27 सितंबर 2017 तक 380 मिमी बारिश तहसील में रिकार्ड की गई है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 मिमी अधिक है। लेकिन फसलों को समय से पानी न मिलने की वजह से प्रभावति हुई है।
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इंसेट
बारिश का पानी फसलों को समय से न मिलने के कारण सभी फसलें प्रभावित हुई है। शासन द्वारा गठित की गई टीमों के आने की जानकारी मेरे संज्ञान में नही है। बारिश के अभाव में प्रभावित हुई फसलों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। गरौठा तहसील में मूंग, उड़द, तिल एवं मूंगफली की फसलों को पचास से साठ फीसदी नुकसान हुआ है। जिसका सर्वे लेखपालों द्वारा कराया गया था।
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- उपजिलाधिकारी गरौठा अमनदीप डुली
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