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सात लोगों से छब्बीस साल में भी वसूल नहीं पाए 14389 रुपये किस्त
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झांसी। आवास विकास परिषद द्वारा 44 साल पहले नंदनपुरा क्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी को विकसित किया था। कॉलोनी में मकान और भूखंड किस्तों पर आवंटित किए गए थे। वर्ष 1996 में योेजना को बंद कर विराम लगा दिया गया है। लेकिन कॉलोनी में निवास कर रहे सात लोगों ने आखिरी किस्त को जमा नहीं किया है। जिन पर महज 14389 रुपये बकाया है। इसके लिए विभाग द्वारा कई बार नोटिस व आरसी जारी की गई है। लेकिन वसूली सिफर रही है।
वर्ष 1978 में नंदनपुरा में आवास विकास कॉलोनी को विकसित किया गया था। कॉलोनी में अलग-अलग साइज के 1003 भवनों के साथ ही 80 भूखंड आवंटित किए गए थे। लोगों की सहूलियत के लिए मकान और भूखंड किस्तों पर दिए गए थे। मकान और भवन की कीमत के आधार पर किस्तों की रकम और समय सीमा को तय किया गया था। आवास विकास परिषद द्वारा 26 साल पहले योजना की फाइल को भी बंद कर दिया है। इनमें से सात लोगों ने आखिरी किस्त अभी तक जमा नहीं की। विभाग की मानें तो सभी लोगों को कई बार नोटिस जारी करने के साथ ही आरसी जारी कर तहसील भी भेजी जा चुकी है। लेकिन वसूली की रकम काफी कम होने के कारण तहसील के अधिकारी व कर्मचारी भी वसूली करने से कतराते रहे। जिसके चलते इन लोगों ने अब तक आखिरी किस्त नहीं को जमा नहीं किया है।
अधिशासी अभियंता समर उपाध्याय ने बताया कि वसूली के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा आरसी भी जारी की गई है। अब कार्यालय में वसूली के लिए शिविर भी लगाया जाएगा। इसकी सूचना सभी बकायेदारों को दी जाएगी।
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वर्ष 1978 में नंदनपुरा में आवास विकास कॉलोनी को विकसित किया गया था। कॉलोनी में अलग-अलग साइज के 1003 भवनों के साथ ही 80 भूखंड आवंटित किए गए थे। लोगों की सहूलियत के लिए मकान और भूखंड किस्तों पर दिए गए थे। मकान और भवन की कीमत के आधार पर किस्तों की रकम और समय सीमा को तय किया गया था। आवास विकास परिषद द्वारा 26 साल पहले योजना की फाइल को भी बंद कर दिया है। इनमें से सात लोगों ने आखिरी किस्त अभी तक जमा नहीं की। विभाग की मानें तो सभी लोगों को कई बार नोटिस जारी करने के साथ ही आरसी जारी कर तहसील भी भेजी जा चुकी है। लेकिन वसूली की रकम काफी कम होने के कारण तहसील के अधिकारी व कर्मचारी भी वसूली करने से कतराते रहे। जिसके चलते इन लोगों ने अब तक आखिरी किस्त नहीं को जमा नहीं किया है।
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अधिशासी अभियंता समर उपाध्याय ने बताया कि वसूली के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा आरसी भी जारी की गई है। अब कार्यालय में वसूली के लिए शिविर भी लगाया जाएगा। इसकी सूचना सभी बकायेदारों को दी जाएगी।
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