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टैक्स: रिटर्न दाखिल करने की तिथि और बढ़ी,,,-City
Updated Tue, 12 Sep 2017 07:59 PM IST
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अदर्स
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दस नवंबर तक जमा कर सकेंगे मुख्य रिटर्न
- अगस्त माह की खरीद-बिक्री का ब्यौरा देने की और आगे तिथि बढ़ी
- सितंबर से दाखिल करने हैं चार तरह से रिटर्न
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी लागू होने के बाद इस महीने से कारोबारियों को चार तरह से रिटर्न दाखिल करने हैं। पहले महीने में कारोबारियों को दिक्कत न हो, इसके लिए तिथियों को बढ़ा दिया गया था। मगर, सर्वर की समस्या के कारण इन तिथियों को अब और आगे बढ़ा दिया गया है। कारोबारी अब अगस्त माह का मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं।
कारोबारियों को जीएसटी में महीने में चार तरीके से रिटर्न दाखिल करना है। यह व्यवस्था इस महीने से लागू हो गई है। इसमें कारोबारियों को महीने की पांच तारीख तक बिक्री (जीएसटीआर वन), 10 तक खरीद (जीएसटी टू) और 15 (जीएसटीआर 3 बी) तक टैक्स संबंधी ब्यौरा ऑनलाइन भरना है। 20 तारीख तक (जीएसटीआर 3) फार्म पर मुख्य रिटर्न जमा करना है। कारोबारियों की सुविधा के लिए पहले महीने में इन तिथियों को बढ़ा दिया गया था। इसमें 10 तक बिक्री, 25 तक खरीद और 30 तक मुख्य टैक्स संबंधी ब्यौरा जमा कर करना था। मगर, सर्वर की समस्या के चलते इन तिथियों को और आगे बढ़ा दिया गया है। कारोबारी अब बिक्री का ब्यौरा दस अक्तूबर, खरीद का 31 अक्तूबर और मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं। हालांकि, जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) 20 सितंबर तक ही जमा करना है।
निर्धारित तिथि तय
‘सितंबर में पंजीकृत व्यापारियों को चार रिटर्न दाखिल करने हैं। ब्यौरा देने की जो निर्धारित तिथियां हैं, उनको सर्वर समस्या के कारण और आगे बढ़ा दिया गया है। अगस्त माह का मुख्य रिटर्न 20 तारीख की जगह अब 10 नवंबर तक जमा हो सकेगा। मगर, समरी रिटर्न जरूर 20 सितंबर तक जमा कर दे।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।
ये भी ध्यान दें
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- टैक्स का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेविड क्रेडिट कार्ड, एईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) अथवा आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास स्टेटमेंट) से होगा।
- सभी तरह के चालान ऑनलाइन ही जेनरेट (तैयार) होेंगे।
- बैंक एकाउंट से सिर्फ दस हजार तक की धनराशि जमा होगी, किंतु इसके लिए भी चालान ऑनलाइन जेनरेट होगा।
- 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्स के साथ ही ब्याज जमा करना है।
- ब्याज का आकलन खुद ही करना है।
- समाधान योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को पहला रिटर्न अक्तूबर में दाखिल करना है।
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दस नवंबर तक जमा कर सकेंगे मुख्य रिटर्न
- अगस्त माह की खरीद-बिक्री का ब्यौरा देने की और आगे तिथि बढ़ी
- सितंबर से दाखिल करने हैं चार तरह से रिटर्न
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी लागू होने के बाद इस महीने से कारोबारियों को चार तरह से रिटर्न दाखिल करने हैं। पहले महीने में कारोबारियों को दिक्कत न हो, इसके लिए तिथियों को बढ़ा दिया गया था। मगर, सर्वर की समस्या के कारण इन तिथियों को अब और आगे बढ़ा दिया गया है। कारोबारी अब अगस्त माह का मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं।
कारोबारियों को जीएसटी में महीने में चार तरीके से रिटर्न दाखिल करना है। यह व्यवस्था इस महीने से लागू हो गई है। इसमें कारोबारियों को महीने की पांच तारीख तक बिक्री (जीएसटीआर वन), 10 तक खरीद (जीएसटी टू) और 15 (जीएसटीआर 3 बी) तक टैक्स संबंधी ब्यौरा ऑनलाइन भरना है। 20 तारीख तक (जीएसटीआर 3) फार्म पर मुख्य रिटर्न जमा करना है। कारोबारियों की सुविधा के लिए पहले महीने में इन तिथियों को बढ़ा दिया गया था। इसमें 10 तक बिक्री, 25 तक खरीद और 30 तक मुख्य टैक्स संबंधी ब्यौरा जमा कर करना था। मगर, सर्वर की समस्या के चलते इन तिथियों को और आगे बढ़ा दिया गया है। कारोबारी अब बिक्री का ब्यौरा दस अक्तूबर, खरीद का 31 अक्तूबर और मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं। हालांकि, जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) 20 सितंबर तक ही जमा करना है।
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‘सितंबर में पंजीकृत व्यापारियों को चार रिटर्न दाखिल करने हैं। ब्यौरा देने की जो निर्धारित तिथियां हैं, उनको सर्वर समस्या के कारण और आगे बढ़ा दिया गया है। अगस्त माह का मुख्य रिटर्न 20 तारीख की जगह अब 10 नवंबर तक जमा हो सकेगा। मगर, समरी रिटर्न जरूर 20 सितंबर तक जमा कर दे।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।
ये भी ध्यान दें
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- टैक्स का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेविड क्रेडिट कार्ड, एईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) अथवा आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास स्टेटमेंट) से होगा।
- सभी तरह के चालान ऑनलाइन ही जेनरेट (तैयार) होेंगे।
- बैंक एकाउंट से सिर्फ दस हजार तक की धनराशि जमा होगी, किंतु इसके लिए भी चालान ऑनलाइन जेनरेट होगा।
- 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्स के साथ ही ब्याज जमा करना है।
- ब्याज का आकलन खुद ही करना है।
- समाधान योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को पहला रिटर्न अक्तूबर में दाखिल करना है।