{"_id":"5981edd44f1c1bc93b8b4da1","slug":"141501687252-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षा बंधन-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षा बंधन-City
Updated Wed, 02 Aug 2017 08:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाई-बहन के प्रेम पर नहीं लगेगा ‘ग्रहण’
सब हेड: रक्षाबंधन पर अद्भुत संयोग, दो त्योहार और
क्रासर
सावन का आखिरी सोमवार, पूर्णिमा व्रत भी इसी दिन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
रक्षाबंधन की रात चंद्रग्रहण है। लेकिन, भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व पर ग्रहण का कोई दुष्परिणाम नहीं होगा। ग्रहण का सूतक डेढ़ बजे से लग जाएगा। लेकिन, सूतक लगने के बाद भी आप अपनी बहन से राखी बंधवाते हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। रक्षाबंधन अपने साथ कई शुभ संयोग लेकर आया है। इस दिन सावन का आखिरी सोमवार भी है और पूर्णिमा का व्रत भी। श्रवण नक्षत्र के साथ ही प्रीति और सिद्धि योग रहेगा।
ऐसा माना जाता है कि ग्रहण और उसके सूतक के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। लेकिन, भाई-बहन के प्रेम की शक्ति के आगे सभी अशुभ मुहूर्त खुद-ब-खुद बेअसर हो जाते हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार सोमवार को चंद्रग्रहण रात 10:50 बजे से प्रारंभ होकर रात 12:48 तक रहेगा। ग्रहण का सूतक दोपहर में 1:30 बजे से शुरू हो जाएगा। कोशिश करें कि भाई अपनी बहनों से दोपहर डेढ़ बजे से पहले ही राखी बंधवा लें, लेकिन किसी कारण वश ऐसा नहीं हो पाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। बहनें अपने भाई के नाम से राखी शुभ मुहूर्त में भगवान के चरणों में रख दें और उसके बाद जब भाई आए तब उसे बांध दें। ऐसे में सूतक और ग्रहण काल आपके भाई का अहित नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि व्रत करने वाले सावन सोमवार का पूजन, अनुष्ठान, पूर्णिमा के व्रत में सत्यनारायण की पूजा कर सूतक लगने से पहले भोजन कर लें। पं. शांतनू पांडेय के अनुसार सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
वृश्चिक, मीन, मेष और सिंह राशि वालों को लाभ
चंद्रग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पडे़गा। वृश्चिक, मीन, मेष और सिंह राशि के जातकों को यह लाभ देगा, तो वहीं अन्य सभी राशियों को नुकसानदायक है। चंद्रग्रहण के बाद मेष को सुख, वृष को मानहानि, मिथुन को मृत्युतुल्य कष्ट, कर्क को पत्नी की पीड़ा, सिंह को भाग्य सुख, कन्या को चिंता, तुला को मानसिक अशांति, वृश्चिक को धन प्राप्ति, धनु को धन की हानि, मकर को शत्रुओं से घात मिलेगा। कुंभ राशि के जातक को हानि और मीन राशि के जातक को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
रंग में आया राखी का बाजार
रक्षाबंधन पर्व पर भले ही चंद्रग्रहण का साया हो, लेकिन महानगर के बाजार राखी के रंग में रंगे हुए हैं। मानिक चौक में राखी की दुकानों पर भीड़ लगने से कई बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। बाजार में आई इस तेजी से कई दुकानदार काफी उत्साहित है। राखी विक्रेता हिमांशु के मुताबिक शुक्रवार से बाजार में और तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर के कई क्षेत्रों से राखी खरीदने के लिए महिलाएं आ रही है। इनके अनुसार राखी की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई हैं। बड़ाबाजार के राखी विक्रेेता अक्षय के अनुसार बच्चों में मोटू पतलू, डोरीमून के स्टीकर वाले राखी पसंद में है। इसके अलावा लुंबा राखी भी पहले की तरह मांग में हैं।
विज्ञापन
सब हेड: रक्षाबंधन पर अद्भुत संयोग, दो त्योहार और
क्रासर
सावन का आखिरी सोमवार, पूर्णिमा व्रत भी इसी दिन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
रक्षाबंधन की रात चंद्रग्रहण है। लेकिन, भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व पर ग्रहण का कोई दुष्परिणाम नहीं होगा। ग्रहण का सूतक डेढ़ बजे से लग जाएगा। लेकिन, सूतक लगने के बाद भी आप अपनी बहन से राखी बंधवाते हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। रक्षाबंधन अपने साथ कई शुभ संयोग लेकर आया है। इस दिन सावन का आखिरी सोमवार भी है और पूर्णिमा का व्रत भी। श्रवण नक्षत्र के साथ ही प्रीति और सिद्धि योग रहेगा।
ऐसा माना जाता है कि ग्रहण और उसके सूतक के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। लेकिन, भाई-बहन के प्रेम की शक्ति के आगे सभी अशुभ मुहूर्त खुद-ब-खुद बेअसर हो जाते हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार सोमवार को चंद्रग्रहण रात 10:50 बजे से प्रारंभ होकर रात 12:48 तक रहेगा। ग्रहण का सूतक दोपहर में 1:30 बजे से शुरू हो जाएगा। कोशिश करें कि भाई अपनी बहनों से दोपहर डेढ़ बजे से पहले ही राखी बंधवा लें, लेकिन किसी कारण वश ऐसा नहीं हो पाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। बहनें अपने भाई के नाम से राखी शुभ मुहूर्त में भगवान के चरणों में रख दें और उसके बाद जब भाई आए तब उसे बांध दें। ऐसे में सूतक और ग्रहण काल आपके भाई का अहित नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि व्रत करने वाले सावन सोमवार का पूजन, अनुष्ठान, पूर्णिमा के व्रत में सत्यनारायण की पूजा कर सूतक लगने से पहले भोजन कर लें। पं. शांतनू पांडेय के अनुसार सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
वृश्चिक, मीन, मेष और सिंह राशि वालों को लाभ
चंद्रग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पडे़गा। वृश्चिक, मीन, मेष और सिंह राशि के जातकों को यह लाभ देगा, तो वहीं अन्य सभी राशियों को नुकसानदायक है। चंद्रग्रहण के बाद मेष को सुख, वृष को मानहानि, मिथुन को मृत्युतुल्य कष्ट, कर्क को पत्नी की पीड़ा, सिंह को भाग्य सुख, कन्या को चिंता, तुला को मानसिक अशांति, वृश्चिक को धन प्राप्ति, धनु को धन की हानि, मकर को शत्रुओं से घात मिलेगा। कुंभ राशि के जातक को हानि और मीन राशि के जातक को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
रंग में आया राखी का बाजार
रक्षाबंधन पर्व पर भले ही चंद्रग्रहण का साया हो, लेकिन महानगर के बाजार राखी के रंग में रंगे हुए हैं। मानिक चौक में राखी की दुकानों पर भीड़ लगने से कई बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। बाजार में आई इस तेजी से कई दुकानदार काफी उत्साहित है। राखी विक्रेता हिमांशु के मुताबिक शुक्रवार से बाजार में और तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर के कई क्षेत्रों से राखी खरीदने के लिए महिलाएं आ रही है। इनके अनुसार राखी की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई हैं। बड़ाबाजार के राखी विक्रेेता अक्षय के अनुसार बच्चों में मोटू पतलू, डोरीमून के स्टीकर वाले राखी पसंद में है। इसके अलावा लुंबा राखी भी पहले की तरह मांग में हैं।