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खूब घनघनाए कंट्रोल रूम के फोन
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खूब घनघनाए कंट्रोल रूम के फोन
झांसी। लोकसभा चुनाव के लिए कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम के फोन दिन भर घनघनाते रहे। किसी ने मतदाता सूची में नाम दर्ज न होने की शिकायत दर्ज कराई, तो किसी ने फर्जी मतदान की सूचना दी। यहां मौजूद अधिकारी दिन भर शिकायतों को निपटाने में लगे रहे।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया था। शुरुआत से खासतौर पर यहां मतदाता सूची की गड़बड़ियों की शिकायतें आ रहीं थीं। मतदान दिवस सोमवार को यहां सुबह से ही गरमाहट देखने को मिली। एक ही दिन में फोन, सोशल मीडिया व ऑनलाइन पांच सौ से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। यहां सर्वाधिक शिकायतें मतदाता सूची में नाम न दर्ज होने की आईं, लेकिन मतदान के ऐन मौके पर इनका निस्तारण नहीं किया जा सका। बंगरा से एक शिकायत आई कि वहां एक मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान हो रहा है। ये शिकायत चुनावी ड्यूटी में लगे एक अधिकारी ने दर्ज कराई। लेकिन, जब इसकी तस्दीक की गई, तो मामला फर्जी निकला। शिकायतकर्ता अधिकारी ने बताया कि सूचना भर मिलने पर बगैर पुष्टि के उसने शिकायत दर्ज कर दी थी।
सर, मैंने वोट डाल दिया
शिकायतों के साथ-साथ कंट्रोल रूम में दर्जनों फोन ऐसे भी आए, जिनमें लोगों ने बस इतना भर कहा कि सर, मैंने अपना वोट डाल लिया। इसके अलावा तमाम लोगों ने मतदान प्रतिशत की जानकारी लेने के लिए फोन किए, तो कुछ ऐसे में भी फोन आए, जो ये जानना चाहते थे कि कौन प्रत्याशी आगे चल रहा है और कौन पीछे। ऐसी फोन कॉलों पर यहां कर्मचारी अपना माथा पकड़े नजर आए।
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झांसी। लोकसभा चुनाव के लिए कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम के फोन दिन भर घनघनाते रहे। किसी ने मतदाता सूची में नाम दर्ज न होने की शिकायत दर्ज कराई, तो किसी ने फर्जी मतदान की सूचना दी। यहां मौजूद अधिकारी दिन भर शिकायतों को निपटाने में लगे रहे।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया था। शुरुआत से खासतौर पर यहां मतदाता सूची की गड़बड़ियों की शिकायतें आ रहीं थीं। मतदान दिवस सोमवार को यहां सुबह से ही गरमाहट देखने को मिली। एक ही दिन में फोन, सोशल मीडिया व ऑनलाइन पांच सौ से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। यहां सर्वाधिक शिकायतें मतदाता सूची में नाम न दर्ज होने की आईं, लेकिन मतदान के ऐन मौके पर इनका निस्तारण नहीं किया जा सका। बंगरा से एक शिकायत आई कि वहां एक मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान हो रहा है। ये शिकायत चुनावी ड्यूटी में लगे एक अधिकारी ने दर्ज कराई। लेकिन, जब इसकी तस्दीक की गई, तो मामला फर्जी निकला। शिकायतकर्ता अधिकारी ने बताया कि सूचना भर मिलने पर बगैर पुष्टि के उसने शिकायत दर्ज कर दी थी।
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सर, मैंने वोट डाल दिया
शिकायतों के साथ-साथ कंट्रोल रूम में दर्जनों फोन ऐसे भी आए, जिनमें लोगों ने बस इतना भर कहा कि सर, मैंने अपना वोट डाल लिया। इसके अलावा तमाम लोगों ने मतदान प्रतिशत की जानकारी लेने के लिए फोन किए, तो कुछ ऐसे में भी फोन आए, जो ये जानना चाहते थे कि कौन प्रत्याशी आगे चल रहा है और कौन पीछे। ऐसी फोन कॉलों पर यहां कर्मचारी अपना माथा पकड़े नजर आए।
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