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हवा में नमी की कमी से जिले से नदारद है कोहरा, किसानों को होगा नुकसान
Sat, 12 Jan 2019 03:13 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 12 Jan 2019 03:13 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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जनवरी माह का पहला पखवाड़ा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन अब तक कोहरा नजर नहीं आया है। दिन भर अच्छी धूप खिली रहती है। इससे जाड़ा भी सामान्य है। हवा में नमी की कमी को कोहरा न छाने का कारण बताया जा रहा है। मौसम का यह मिजाज खेती की दृष्टि से अनुकूल नहीं माना जा रहा है।
पिछले साल दिसंबर के आखिर से कोहरे की शुरुआत हो गई थी। इन दिनों सुबह-शाम घना कोहरा छा जाता था। कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। हालत ये थी कि सुबह की गाड़ी रेंगते हुए शाम को अपने गंतव्य पर पहुंच रही थी। लेकिन, इस बार मौसम का मिजाज एकदम जुदा है। जनवरी का दूसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन अब तक कोहरा नजर नहीं आया है। रात में हल्की ओस जरूर हो रही है। दिन भर अच्छी धूप खिली रहती है। मौसम के इस अंदाज से जाड़ा सामान्य है।
मौसम के इस मिजाज से लोगों को राहत है, लेकिन खेती के लिए ये स्थिति ठीक नहीं मानी जा रही है। भरारी कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र के अनुसार ओस और कोहरे से मिट्टी को नमी मिलती है, जो इस बार पर्याप्त नहीं मिल रही है। रही-सही कसर दिन भर खिली रहने वाली धूप पूरी कर देती है। धूप तेज होने की वजह से मिट्टी की नमी सूख जाती है।
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मिट्टी में नमी कम होने की वजह से किसानों को गेहूं की फसल को ज्यादा पानी देना होगा। इससे उनकी लागत भी बढ़ेगी। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि तीखी धूप की वजह से हवा में भी नमी की कमी है, जिससे कोहरा नहीं हो रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम के रुख में बदलाव होने की संभावना है। बादल छाए रह सकते हैं और कोहरा भी छाएगा। फसलों को पाले का भी खतरा है। इससे पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। फसल में पानी लगाना चाहिए।
ऐसे बनता है कोहरा
वातावरण में मौजूद हवा में जलवाष्प होती है। इसे नमी कहते हैं। सर्दी के मौसम में पृथ्वी की सतह के आसपास की गर्म हवा में मौजूद जलवाष्प ऊपर मौजूद ठंडी हवा की परतों से मिलकर जम जाती है। इस प्रक्रिया को संघनन कहते हैं। जब हवा में बहुत अधिक संघनन हो जाता है तो यह भारी होकर पानी की छोटी बूंदों में बदल जाता है। आसपास की ठंडी हवा के संपर्क में आने से इसका स्वरूप धुएं के बादल जैसा बन जाता है। यही कोहरा कहलाता है।
बढ़ेगा, फिर गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार और रविवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 11 डिग्री पहुंचने के आसार हैं। इसके बाद मंगलवार से बदलाव आएगा। न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। इससे सर्दी बढ़ेगी। इसके बाद अगले तीन - चार दिनों तक मौसम की यही स्थिति रह सकती है। बीच-बीच में बादल भी छाने के आसार हैं।
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पिछले साल दिसंबर के आखिर से कोहरे की शुरुआत हो गई थी। इन दिनों सुबह-शाम घना कोहरा छा जाता था। कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। हालत ये थी कि सुबह की गाड़ी रेंगते हुए शाम को अपने गंतव्य पर पहुंच रही थी। लेकिन, इस बार मौसम का मिजाज एकदम जुदा है। जनवरी का दूसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन अब तक कोहरा नजर नहीं आया है। रात में हल्की ओस जरूर हो रही है। दिन भर अच्छी धूप खिली रहती है। मौसम के इस अंदाज से जाड़ा सामान्य है।
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मौसम के इस मिजाज से लोगों को राहत है, लेकिन खेती के लिए ये स्थिति ठीक नहीं मानी जा रही है। भरारी कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र के अनुसार ओस और कोहरे से मिट्टी को नमी मिलती है, जो इस बार पर्याप्त नहीं मिल रही है। रही-सही कसर दिन भर खिली रहने वाली धूप पूरी कर देती है। धूप तेज होने की वजह से मिट्टी की नमी सूख जाती है।
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मिट्टी में नमी कम होने की वजह से किसानों को गेहूं की फसल को ज्यादा पानी देना होगा। इससे उनकी लागत भी बढ़ेगी। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि तीखी धूप की वजह से हवा में भी नमी की कमी है, जिससे कोहरा नहीं हो रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम के रुख में बदलाव होने की संभावना है। बादल छाए रह सकते हैं और कोहरा भी छाएगा। फसलों को पाले का भी खतरा है। इससे पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। फसल में पानी लगाना चाहिए।
ऐसे बनता है कोहरा
वातावरण में मौजूद हवा में जलवाष्प होती है। इसे नमी कहते हैं। सर्दी के मौसम में पृथ्वी की सतह के आसपास की गर्म हवा में मौजूद जलवाष्प ऊपर मौजूद ठंडी हवा की परतों से मिलकर जम जाती है। इस प्रक्रिया को संघनन कहते हैं। जब हवा में बहुत अधिक संघनन हो जाता है तो यह भारी होकर पानी की छोटी बूंदों में बदल जाता है। आसपास की ठंडी हवा के संपर्क में आने से इसका स्वरूप धुएं के बादल जैसा बन जाता है। यही कोहरा कहलाता है।
बढ़ेगा, फिर गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार और रविवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 11 डिग्री पहुंचने के आसार हैं। इसके बाद मंगलवार से बदलाव आएगा। न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। इससे सर्दी बढ़ेगी। इसके बाद अगले तीन - चार दिनों तक मौसम की यही स्थिति रह सकती है। बीच-बीच में बादल भी छाने के आसार हैं।